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यह शातिर ट्रेन की एसी बोगियों को ही बनाता था निशाना
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Fri, 02 Aug 2013 04:38 PM IST
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कहने को महज पांचवीं पास, लेकिन शिवम शर्मा जब आईफोन को अंगुलियों पर नचाता था तो मोबाइल फोन के शौकीन देखते रह जाते थे।
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लैपटॉप के अप्लीकेशन की इतनी ज्यादा जानकारी देख लोग उसे को इंजीनियरिंग छात्र समझ बैठते थे। इसी का रौब जमा शिवम मौका पाकर एसी बोगियों के हाईक्लास यात्रियों का सामान चुरा लेता था।
बुधवार को जीआरपी लखनऊ ने उसे चारबाग स्टेशन पर चोरी के सामान के साथ दबोचकर एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है।
उसके पास से दस बेशकीमती फोन, दो डिजिटल कैमरे, तीन लैपटॉप, तीन लाख रुपये के सोने व चांदी के जेवरात और 28 हजार रुपये बरामद हुए हैं। गिरोह में एक पत्रकार महिला सहित तीन अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए जीआरपी टीमें रवाना कर दी गई हैं।
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एसपी रेलवे डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि बाजार खाला के करेटा का शिवम शर्मा मरुधर एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस और गोरखपुर देहरादून एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में चोरियों की 100 से अधिक घटनाओं को अंजाम दिया है।
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उसने लखनऊ में ही 35 चोरियों की बात कबूली है। इसके अलावा दिल्ली, जयपुर, झांसी, इलाहाबाद, वाराणसी और पटना में 70 से ज्यादा चोरियां की हैं। चोरी में मिले रुपयों को बैंक के खाते में जमा करता था।
जीआरपी अब उसके बैंक खाते की पड़ताल करने के साथ गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
इंस्पेक्टर गिरिजा शंकर त्रिपाठी ने उपनिरीक्षक गौरी शंकर पाल, प्रेम शंकर, हेड कांस्टेबल शिव बहादुर सिंह, कांस्टेबल इंद्रजीत सिंह, राजकुमार यादव, रामपाल सिंह और अजय यादव के साथ शिवम को गिरफ्तार किया।
डीजी रेलवे रिजवान अहमद ने शिवम को पकड़ने वाली टीम को दस हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
महिलाओं को बनाया निशाना
शिवम चलती ट्रेन में जनरल श्रेणी का टिकट लेकर एसी बोगी में चढ़ जाता था। वह बोगी के चार्ट देखकर महिलाओं की सीट के नंबर पता चला लेता था। इसके बाद वह उन सीटों पर जाकर अपनी सीट ढूंढने के बहाने पहुंच जाता था।
शिवम गहरी नींद में सो रही महिलाओं और युवतियों के हैंडबैग लेकर उतर जाता था। यदि दो से तीन घंटे में चोरी करने में कामयाबी न मिली तो शिवम टीटीई को सुविधा शुल्क देकर सीट हासिल कर लेता था।
खरीदारी और होटलबाजी का है शौकीन
शिवम महंगे कपड़ों और होटल में ठहरने का शौकीन है। चोरी किए गए बैग से मिले एटीएम कार्ड का इस्तेमाल वह कपड़ों की खरीदारी और होटलों के बिल जमा करने में करता था। मोबाइल में लिखे हुए कोड नंबर के सहारे वह एटीएम का इस्तेमाल करता था।
दिल्ली और जयपुर सहित कई पर्यटक स्थलों की सैर करने के समय उसने एटीएम और शॉपिंग कार्ड का इस्तेमाल किया। बंटता था हिस्सा शिवम के गिरोह में चार सदस्य हैं।
एक महिला और दो अन्य सदस्य लखनऊ के अलग-अलग हिस्सों में रहते हैं। हर चोरी में मिले सामान का बराबर हिस्सा आपस में बंट जाता था।
चोरी के सामान से फंसाता था जाल में
शिवम चोरी किये हुए आईफोन का इस्तेमाल लोगों को अपनी चाल में फंसाने के लिए खुद करता था। उसके महंगे कपड़े और बेशकीमती मोबाइल फोन को देखकर किसी को भी यह पता नहीं चलता था कि शिवम एक चोर है और उसकी जेब में एसी का नहीं बल्कि जनरल श्रेणी का टिकट है।