खेल-खेल में बच्ची ने पीया कीटनाशक, मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चौक के अशरफाबाद झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली तीन साल की मासूम रमेला ने खेल-खेल में शीशी में भरा कीटनाशक पी लिया। केमिकल पीते ही उसे उल्टियां आने लगीं। साथ खेल रहे बच्चे घबराकर रोने-चीखने लगे। परिवारीजन बच्ची को अस्पताल लेकर भागे जहां उसने दम तोड़ दिया।
रमेला के पिता अंसार अली ने बताया कि सोमवार शाम वह झोपड़पट्टी के बच्चों के साथ खेल रही थी। खेलते हुए बच्चे पास ही स्थित कूड़ाघर के पास पहुंच गए। बकौल अंसार अली, दीवार टूटी होने से कूड़ा बाहर तक फैला रहता है।
अक्सर बच्चे कूड़ा बीनने कूड़ाघर के भीतर भी चले जाते हैं। बच्चे खेलते हुए जब कूड़ाघर के पास पहुंचे तो रमेला को एक छोटी शीशी मिली। उसने शीशी खोलकर उसमें भरा हुआ कीटनाशक पी लिया।
घर की सबसे छोटी और लाडली थी रमेला
कुछ ही सेकंड में रमेला के पेट में दर्द और उल्टियां शुरू हो गईं। उसका शरीर काला पड़ने लगा। बच्चों से जानकारी पाकर मां ममीरुन व आसपास के लोग पहुंचे और उसे ट्रामा सेंटर लाया गया जहां कुछ देर उपचार के बाद उसने दम तोड़ दिया।
रमेला परिवार की सबसे छोटी और लाडली थी। अंसार अली ने बताया कि उसका एक भाई और तीन बहन हैं। रमेला का परिवार मूलरूप से असम के बरपेटा रोड का है। कई साल से अंसार अपने परिवार के साथ यहां झोपड़पट्टी में रहकर कूड़ा बीनकर व मजदूरी कर जीवनयापन कर रहे हैं। झोपड़पट्टी में बांग्लादेश और असम के लोग कई साल से रह रहे हैं।
झोपड़पट्टी के लोगों ने कई बार कूड़ाघर की दीवार टूटी होने की शिकायत की लेकिन इसकी मरम्मत नहीं की गई। अंसार अली ने कहा कि अगर दीवार की मरम्मत करा दी जाती तो उनकी बच्ची जिंदा होती।