गौरी के खून से सने कपड़ों का राज खोलेगी पुलिस
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गौरी हत्याकांड के खुलासे पर उठे सवालों के जवाब और माता-पिता की शंकाओं के समाधान का वक्त आ गया है।
सीजेएम सुनील कुमार ने जेल में बंद हिमांशु प्रजापति व अनुज गौतम का 24 घंटे के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर देने के आदेश दिए हैं।
अमीनाबाद पुलिस मंगलवार सुबह 10 बजे डॉक्टरी मुआयने के बाद दोनों को जेल से लाकर पूछताछ करेगी।
गौरी श्रीवास्तव की हत्या की तफ्तीश कर रहे इंस्पेक्टर महंथ यादव ने जेल में बंद हिमांशु प्रजापति व अनुज गौतम के पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट में अर्जी दी थी।
बयान से पलट रहे आरोपी
इस पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जेल से तलब करने के साथ सोमवार सुबह सुनवाई शुरू की। विवेचक ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर दोनों आरोपियों के जेल में बयान दर्ज किए गए थे।
हिमांशु और अनुज ने गौरी के खून से सने कपड़े बरामद कराने की बात कही थी। खून से सने कपड़े अभियोजन के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य होंगे।
हालांकि, दोनों आरोपियों ने कोर्ट में कपड़े या कोई अन्य सामान बरामद कराने संबंधी बयान देने से साफ इन्कार किया।
दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद सीजेएम ने मंगलवार सुबह 10 बजे से दोनों के 24 घंटे के पुलिस कस्टडी रिमांड को मंजूरी दे दी।
पास में रहेंगे आरोपी के परिजन
कोर्ट ने कहा कि रिमांड के दौरान विवेचक या कोई पुलिस अधिकारी आरोपियों को शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित नहीं करेगा।
दोनों का जेल में ही डॉक्टरी परीक्षण कराकर पुलिस को सौंपा जाएगा और रिमांड खत्म होने पर जेल में दुबारा डॉक्टरी मुआयना होगा।
पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान हिमांशु व अनुज के परिवारीजन कुछ दूरी पर मौजूद रह सकते हैं लेकिन विवेचना में व्यवधान नहीं डालेंगे।
हत्याकांड के खुलासे पर उठे सवालों और उसके माता-पिता की शंकाओं को दूर करने के लिए आला अफसरों ने हिमांशु प्रजापति व अनुज गौतम का पुलिस कस्टडी रिमांड लेकर गहन पूछताछ के आदेश दिए थे।
डीजीपी एके जैन ने पूरी संतुष्टि के लिए घटनाक्रम का नाट्य रूपांतरण कराने को कहा था। सवालों की लंबी फेहरिस्त तैयार करने के साथ एक हफ्ते के पुलिस कस्टडी रिमांड की योजना बनाई गई थी।
लेकिन विवेचक ने सिर्फ एक दिन के पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी दी। इस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने मंजूरी दे दी है।
गौरी की मां बोली, पहचान लूंगी आवाज
हत्याकांड के आरोपी हिमांशु और अनुज का पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर होने का पता चलते ही गौरी के माता-पिता अपनी शंकाओं के समाधान को बेताब हैं।
पिता शिशिर श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस ने सोमवार रात तक रिमांड की जानकारी नहीं दी थी। सिर्फ चौबीस घंटे की रिमांड का पता चलने से हैरत में हैं।
बड़े अफसरों ने उन्हें आरोपियों से रूबरू कराने का आश्वासन दिया था। वहीं, मां तृप्ता को हिमांशु की आवाज सुननी है।
उनका कहना है कि एक फरवरी को देरशाम गौरी के मोबाइल पर कॉल की थी। कॉल रिसीव करने वाले ने खुद को गौरी का दोस्त बताते हुए जानकारी दी थी कि गौरी की तबीयत खराब है।
पीजीआई ले जा रहे हैं। ईको पार्क के पास आ जाओ। कॉल रिसीव करने वाले की आवाज आज भी कान में गूंज रही है, तसल्ली से सुनने पर पहचान लेंगी।
पिता शिशिर बोले कि हिमांशु से उन्हें कई बातें पूछनी हैं, जो पुलिस को बता चुके हैं।