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जानिए, गौरी मर्डर केस से जुड़ी एक-एक बात

Sun, 08 Feb 2015 10:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ।
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ। Updated Sun, 08 Feb 2015 10:25 PM IST
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Gauri muder case in lucknow.

बीते दिनों दो फरवरी को लखनऊ के शहीद पथ पर टुकड़ों-टुकड़ों में मिले एक युवती के शव ने शहर में सनसनी फैला दी थी। पुलिस को पहले इस युवती के पैर मिले फिर पुलिस के तलाश करने पर काफी दूर एक बोरे में इस युवती का शव भी टुकड़ों में मिला था।

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बड़ी बेरहमी से हुए इस हत्याकांड में कई खुलासे हुए लेकिन हत्या किसने और क्यों की इस बात का खुलासा आज तक नहीं हो सका। मृतका की शिनाख्त एक 19 साल की लॉ स्टूडेंट गौरी के रूप में हुई। जानें मर्डर से जुड़ी एक-एक बात।
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पीजीआई में हैवानियत की एक और वारदात ने राजधानी को हिला दिया। हत्यारों ने गौरी के टुकड़े-टुकड़े करके शव शहीद पथ पर फेंक दिए थे। सुबह सात बजे गौरी के दोनों पैर पड़े मिले। बाकी शरीर की तलाश में पुलिस ने आसपास का इलाका खंगाला लेकिन कुछ पता नहीं चला।
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दोपहर करीब दो बजे 250 मीटर दूर बोरे में गौरी का धड़ टुकड़ों में मिल था। इलाकाई लोगों ने रेप के बाद गौरी की हत्या की आशंका जताई थी।  पुलिस मृतका की शिनाख्त का प्रयास करने लगी। पीजीआई थाना की पॉवर मोबाइल में तैनात सिपाहियों ने सुबह गश्त करते वक्त शहीद पथ के नीचे वृंदावन योजना के भीतर चिरैयाबाग गांव में पैर पड़े देखे थे।

पुलिसकर्मियों ने शहीद पथ के आसपास का इलाका खंगालने के साथ ही झाड़ियां और ग्रीनबेल्ट देखी लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। इसके बाद बरामद अंगों का पंचनामा कर मर्च्युरी भेज दिया गया।

एसओ ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे किसी ने नहर के किनारे झाड़ियों में बोरा पड़ा होने की सूचना दी थी। लोगों ने बताया कि बोरा खून से सना था और आसपास कुत्ते मंडरा रहे थे।

बोरा खुला तो उड़ गए पुलिस के होश

Gauri muder case in lucknow.

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बोरा खुलवाया तो होश उड़ गए। भीतर कई टुकड़ों में महिला का धड़ था। नहर के पास मिला बोरा खोलते ही लोगों ने आंखें बंद कर लीं। भीतर गौरी का धड़-सिर और दोनों हाथ अलग-अलग पॉलीथिन में पैक करके रखे गए थे। गौरी का चेहरा साफ है। यानि हत्यारों ने चेहरा बिगाड़ने की कोशिश नहीं की थी।

एसओ ने बताया था कि गौरी की हत्या कहीं और करने के बाद हत्यारों ने इत्मीनान से उसके शव को अलग-अलग पैकेट में रखा होगा। ऐसा इसलिए किया गया कि शव ठिकाने लगाने में सुविधा हो। पुलिस के अनुसार गौरी के पैर बोरे में नहीं आ पा रहे थे इसलिए उन्हें अलग फेंक दिया गया।

गौरी की जिस बेरहमी से हत्या हुई उससे माना जा रहा है कि हत्यारे उससे बेइंतहा नफरत करते थे या फिर बदले की भावना के चलते गौरी को मारा गया। गौरी से दुष्कर्म की बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

मंगलवार को हुई गौरी की शिनाख्त

Gauri muder case in lucknow.

पीजीआई में सोमवार रात टुकड़े-टुकड़े में पॉलीथिन में गौरी का शव मिला और मंगलवार को दोपहर तक उसकी शिनाख्त हुई। पुलिस ने बताया कि ये युवती गौरी श्रीवास्तव गणेशगंज की रहने वाली थी। एक फरवरी की दोपहर गौरी अपने पिता शिशिर श्रीवास्तव का जैकेट ड्राइक्लीन के लिए देने गई थी। घर से जाते समय गौरी ने अपनी मां को बताया था कि वो मंदिर भी जाकर आएगी।

जब काफी देर तक गौरी घर नहीं पहुंची तो करीब चार बजे गौरी की मां तृप्ता ने उसके मोबाइल पर फोन किया। गौरी का फोन किसी लड़के ने उठाया। लड़के ने गौरी की मां से कहा कि उनकी लड़की अभी उसके साथ है और रात आठ बजे तक घर पहुंच जाएगी। लड़के की बात सुनकर मां परेशान हो गई।

करीब पांच बजे तृप्ता ने फिर से गौरी के मोबाइल पर फोन किया तो लड़के ने उसे आशियाना स्थित ईको पार्क में आने को कहा। जब गौरी का मां पार्क पहुंची तो वहां कोई नहीं था। वो काफी देर तक तलाश करती रही। इसके बाद गौरी का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।

तृप्ता और शिशिर श्रीवास्तव ने रविवार की रात अमीनाबाद थाने में जाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसके बाद सोमवार की रात को पीजीआई क्षेत्र में टुकड़े-टुकड़े शव मिला। पुलिस ने शक के आधार पर चार लड़कों को गिरफ्तार किया  इसमें से एक उसका पुराना ब्वायफ्रेंड है और एक लड़के से अभी गौरी के प्रेम संबंध बताए जा रहे हैं।

गौरी का पुराना प्रेमी आदित्य करता था परेशान

Gauri muder case in lucknow.

गौरी ने कभी अपने दोस्त रहे विपुलखंड निवासी आदित्य गुप्ता को बीते वर्ष मई में बीच सड़क पर थप्पड़ मारे थे। आदित्य की शिकायत भी अमीनाबाद पुलिस से की गई थी लेकिन पुलिस ने मामला रफा-दफा करा दिया था।

गौरी के घरवालों ने बताया कि आदित्य का परिवार तीन साल पहले बिहार से लखनऊ आकर यहीं बस गया था। पिता राकेश की पेंट की दुकान है जबकि आदित्य चौपटिया की एक इलेक्ट्रिक शॉप में नौकरी कर रहा था।

गौरी के पुराने ब्वायफ्रेंड आदित्य ने तीन साल पहले हजरतगंज में मारपीट की थी जिसमें पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था। इस जानकारी के बाद से गौरी ने उससे दूरी बना ली थी।

आदित्य इससे परेशान था और अक्सर उससे मिलने की कोशिश करता था। न मिलने पर फेसबुक पर बदनाम करने की धमकी देता था। अभिषेक से गौरी की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी।

इंटर तक की पढ़ाई सेंट एग्निस और लॉरेटो कॉलेज से करने के बाद गौरी ने इसी साल एलएलबी ऑनर्स में प्रवेश लिया था। गौरी की चचेरी बहन कहती हैं, गौरी की जिंदगी की फ्रेंडलिस्ट में लड़कियों से लंबी फेहरिस्त लड़कों की थी।

गौरी की मां तृप्ता ने बताया कि जिस लड़के आदित्य को गौरी ने सड़क पर थप्पड़ मारा था उसके बाद तृप्ता का नंबर भी था। अक्सर वह मोबाइल कंपनी में फोन कर गौरी और तृप्ता को परेशान करने के लिए उनके सिमकार्ड ब्लाक करा देता था।

सीसीटीवी में पुलिस को दिखी गौरी

Gauri muder case in lucknow.

पुलिस को अपनी तफ्तीश और सीसीटीवी की फुटेज देखकर पता चला कि अंबेडकर लॉ कालेज की छात्रा गौरी श्रीवास्तव के टुकड़े-टुकड़े करने के बाद हत्यारे उसकी लाश लेकर शहर भर में घूमते रहे। पुलिस के मुताबिक गौरी का कत्ल नशीला पदार्थ खिलाकर नाका या तेलीबाग के आसपास किया गया।

इसके बाद शव किसी कार या किराये के वाहन से ले जाकर ठिकाने लगाया गया। जिन स्थानों पर गौरी की हत्या की आशंका है, वहां से शहीद पथ पर पहुंचने तक जगह-जगह वाहनों की चेकिंग होती है।

पुलिस यह भी आशंका जता रही है कि वारदात के अगले दिन यानी सोमवार को हत्यारे दोबारा घटनास्थल के पास आए थे। रविवार को गौरी के मोबाइल की आखिरी लोकेशन तेलीबाग में पाई गई थी। इसके बाद फोन बंद हो गया था।

सोमवार दोपहर फोन फिर चालू हुआ जिसमें तेलीबाग की ही लोकेशन मिली। संभव है हत्यारों ने गौरी का मोबाइल फोन फेंक दिया हो। किसी ने फोन उठाकर ऑन किया होगा तभी मोबाइल पर कुछ एसएमएस आए जिससे टावर में उसकी लोकेशन रिकॉर्ड हो गई।

वॉट्सएप पर चैट कर रही थी गौरी

Gauri muder case in lucknow.

गौरी के मोबाइल का इंटरनेट लॉग खंगालने पर पता चला कि नाका में जब वह हत्यारों के चंगुल में आई तब से उसने केवल वॉट्सएप पर चैट किया। न किसी को फोन किया न एसएमएस। नाका के जिस सीसीटीवी में वह दिख रही है उसमें भी वह चलते-चलते फोन पर टाइप कर रही थी।

पुलिस का मानना है कि हत्यारों को कॉल और एसएमएस से फंसने की आशंका रही होगी इसलिए उन्होंने गौरी से सिर्फ वॉट्सएप पर चैट और मैसेज करने के लिए कहा होगा।

लोकेशन इंटरनेट लॉग से खुलासा हुआ कि दोपहर एक बजे घर से निकलने के बाद करीब चार घंटे तक गौरी नाका, राजेंद्रनगर, कैसरबाग, अमीनाबाद और बांसमंडी में युवकों के साथ रही। इस बीच कई बार उसका फोन स्विच ऑफ हुआ। शाम करीब पौने सात बजे फोन की लोकेशन ईको पार्क में और उसके कुछ मिनट बाद खरिका तेलीबाग और सदर के मछली मोहाल में मिली।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गौरी और उसका मोबाइल एक साथ थे या हत्यारे पुलिस को भ्रमित करने के लिए मोबाइल को अलग-अलग लोकेशन पर तो नहीं ले जा रहे थे।

गौरी को हो गया था खतरे का अहसास

Gauri muder case in lucknow.

बेरहमी से कत्ल की जाने वाली एलएलबी ऑनर्स प्रथम वर्ष की छात्रा गौरी श्रीवास्तव को शायद अपने साथ होने वाली किसी अनहोनी का पहले ही आभास हो गया था। उसके फेसबुक अकाउंट में 18 अक्टूबर, 2014 को पोस्ट की गई एक स्केच का फोटो कुछ इसी तरफ इशारा करता है।

पेपर पर पेन से बनाए गए इस स्केच में गौरी ने अपने साथ हुई एक घटना का जिक्र किया था। इसमें उसने बताया कि जब वह राजाजीपुरम के ई ब्लॉक चौराहे के पास अपनी चचेरी बहिन के साथ पहुंची तो तीन लड़के उसे लगातार घूर रहे थे। उनके घूरने का अंदाज गौरी को काफी अजीब लगा।

गौरी के फेसबुक में लगे विभिन्न फोटो में केवल यही एक ऐसा है जिसे उसने खुद स्केच करके लगाया है। यदि गौरी को अपने साथ हुई हर बात को स्केच करने का शौक होता तो शायद उसके साथ हुए कुछ और घटना या किसी खास मौके के स्केच को भी उसने फेसबुक पर लगाया होता, लेकिन ऐसा नहीं है।

गौरी ने बनाया था एक अनोखा स्केच

Gauri muder case in lucknow.

गौरी बोल्ड और बिंदास लड़की थी जिसके लिए दोस्तों में लड़कों साथ घूमना आम बात थी। जो अपने हर लम्हे को खुद सोशल मीडिया के द्वारा सबसे शेयर करती थी। ऐसे में किसी का उसे घूरना शायद उसके लिए बहुत मायने नहीं रखता था।

लेकिन फिर भी उसने इस घटना को सबसे डिसकस किया। इससे साफ जाहिर है कि यह घटना उसके लिए मामूली नहीं था। शायद इसमें कुछ और ऐसे राज छिपे हो सकते हैं जो वह बताना चाहती थी लेकिन उसका मौका नहीं आ पाया।

इस स्केच के अनुसार जहां से ये लड़के उसे घूर रहे थे उसके पीछे एक पिज्जा शॉप भी थी। फेसबुक पर लगे इस फोटो पे आए कमेंट्स के जवाब में गौरी ने इन तीनो लड़कों को बैल कहते कहा लिखा कि ये लड़के ऐसे घूर रहे थे जैसे कभी लड़की न देखी हो।

इन्हीं कमेंट्स में गौरी की फ्रेंड लिस्ट में शामिल एक लड़के ने ये भी लिखा कि सारे लड़के एक से नहीं होते। गौरी की दरिंदगी के साथ हुई हत्या के बाद इस पर भी सवाल उठते हैं कि क्या स्केच और फोटो से वह कुछ और भी बताना चाहती थी।

वीडियो में देखें क्या बोले गौरी के पिता

Gauri muder case in lucknow.
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