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आईटीआई में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, केस दर्ज

Sat, 12 Jan 2019 01:47 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 12 Jan 2019 01:47 PM IST
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fraud in the name of job in ITI
- फोटो : डेमो
लखनऊ के पीजीआई थानाक्षेत्र के उतरेठिया में उद्यान प्लाजा के पास स्थित लॉयल टेक मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों पर नौकरी के नाम पर आठ लोगों से लाखों रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
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प्रभारी निरीक्षक रवींद्र नाथ राय ने बताया कि सोनभद्र के बीजपुर स्थित सिरसोती गांव निवासी शांति देवी की तरफ से कंपनी के संचालकों समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि शांति देवी ने करीब डेढ़ साल पहले लॉयल टेक कंपनी के संचालक वीरेंद्र कुमार वर्मा, तीरथराज पटेल, अनिल पटेल और नीरज मौर्या से संपर्क किया था।
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चारों ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में स्थित आईटीआई कॉलेजों में वॉचमैन, चपरासी व अन्य पदों पर नौकरी का झांसा दिया। शांति देवी को उनके घर के एक किलोमीटर दूर ही तैनाती देने की बात कही थी। नौकरी के एवज में ठगों ने प्रत्येक आवेदक से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये मांगे।

हालांकि, रकम ज्यादा होने की बात कहते हुए शांति देवी व उनके साथ आए अन्य लोगों ने मना कर दिया। इस पर ठग कंपनी के संचालकों ने प्रति व्यक्ति 80-80 हजार रुपये देने को कहा। इतनी रकम देने को सभी तैयार हो गए। शांति देवी ने बताया कि 29 दिसंबर 2017 को उसके अलावा परिचित राकेश, शिवसंपत, रमेश, अरुण व संदीप से 80-80 हजार रुपये नकद लिए।

दिए गए सभी को फर्जी नियुक्ति पत्र

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डेमो
रामअवध गुप्ता व कमलेश कुमार ने ठग कंपनी के अकाउंट में उपरोक्त रकम जमा कराई। शांति देवी का कहना है कि उन्होंने ठगों को साढ़े पांच लाख रुपये नकद व करीब एक लाख रुपये बैंक खाते में जमा कराए। रुपया लेकर ठगों ने 15 दिन बाद नियुक्तिपत्र लेने के लिए ऑफिस बुलाया।

सभी को अलग-अलग जगहों के फर्जी नियुक्तिपत्र दिए गए। नियुक्ति के लिए संबंधित जगह पहुंचने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पीड़ितों ने ठग कंपनी के संचालकों से मिलकर अपना रुपया वापस मांगा तो एक महीने का वक्त मांगा गया। हालांकि, एक साल बाद भी उन्होंने रुपया नहीं लौटाया। दबाव डालने पर ठगों ने जानमाल की धमकी देते हुए भगा दिया। पीड़ितों की तरफ से केस दर्ज कर जांच की जा रही है। 
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