खुलासा: पूर्व सांसद ने विधानसभा चुनाव में टिकट मिलने में रोड़ा बनने पर करवाई थी नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष फिरोज की हत्या
बलरामपुर के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष फिरोज अहमद उर्फ पप्पू की हत्या का खुलासा कर दिया गया है। उसकी हत्या राजनीतिक कारणों से करवाई गई थी। मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष फिरोज अहमद की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा व दामाद रमीज समेत छह लोगों को मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने पूर्व सांसद, उनकी बेटी व दामाद को घटना का मुख्य साजिशकर्ता बताया है। पुलिस का दावा है कि पूर्व सांसद ने अपना राजनीतिक वर्चस्व कायम करने के लिए पूर्व अध्यक्ष की हत्या कराई है। अपर मुख्य सचिव गृह ने घटना की खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एक लाख रुपये का नकद इनाम दिया है।
घटना का खुलासा करते हुए सोमवार को एसपी हेमंत कुटियाल ने बताया कि गत चार जनवरी की रात 10.20 बजे तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष फिरोज अहमद उर्फ पप्पू की अज्ञात लोगों ने गला रेतकर हत्या कर दी थी। घटना के खुलासे के लिए एसटीएफ समेत पुलिस की टीमें लगाई गईं थीं। घटना में शामिल मेराजुलहक, महफूज तथा शकील को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो हत्या की साजिश का परत दर परत खुलासा होता गया।
मेराजुलहक व महफूज ने पूछताछ में बताया कि फिरोज अहमद व पूर्व सांसद की बेटी जेबा रिजवान समाजवादी पार्टी से तुलसीपुर विधान सभा के लिए टिकट के दावेदार थे। जेबा के पति रमीज पूर्व अध्यक्ष की बढ़ती राजनीतिक लोकप्रियता को लेकर खुन्नस रखते थे। पूर्व अध्यक्ष पहले रिजवान जहीर के गुट में थे लेकिन बाद में उन्होंने क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना ली थी।
बीते 10 सालों से वह तथा अब उनकी पत्नी कहकशां तुलसीपुर नगर पंचायत की अध्यक्ष हैं। फिरोज का राजनीतिक वर्चस्व तेजी से बढ़ रहा था। दोनों पक्ष टिकट पाने के लिए पुरजोर तरीके से पैरवी कर रहे थे। इसी बात को लेकर पूर्व सांसद और फिरोज के बीच राजनीतिक कटुता बढ़ती जा रही थी। रमीज तथा पूर्व सांसद के समर्थक मेराजुल हक ने कई बार फिरोज को चैलेंज किया था और सोशल मीडिया पर टिप्पणी भी की थी। घटना से पूर्व दोनों पक्ष टिकट के लिए लखनऊ भी गये थे।
फिरोज को तुलसीपुर क्षेत्र में हिंदू-मुस्लिम दोनों का समर्थन प्राप्त था और वह टिकट पाने के लिए अलग-अलग माध्यम से कोशिश कर रहे थे। पूर्व सांसद, जेबा, रमीज व शकील ने फिरोज की हत्या की साजिश रची और इसके लिए इन लोगों ने नजदीकी मेराजुलहक व महफूज को लगाया। पिछले करीब एक महीने से यह लोग फिरोज की हत्या का प्रयास कर रहे थे। तीन बार इन लोगों ने फिरोज को मारने का प्रयास भी किया लेकिन सफल नहीं हो सके।
चार जनवरी को जब फिरोज लखनऊ से वापस आए तो रमीज ने शकील के माध्यम से मेराजुलहक व महफूज को अपनी कोठी पर बुलाया तथा काम पूरा करने के लिए बोला। शाम को जब फिरोज अपने मित्र शाहिद के साथ घर से निकले थे तभी से मेराजुलहक व महफूज ने गली में घात लगाए थे और उनके वापस आने का इंतजार कर रहे थे। घटना स्थल के पास लगी स्ट्रीट लाइट महफूज ने बुझा दी थी। फिरोज के अकेले ही घर जाते समय इन दोनों ने लोहे की रॉड व चाकू से हमला कर हत्या कर दी। घटना के बाद मेराजुलहक ने रमीज को सूचना दी और रात में ही उनकी कोठी पर जाकर रुक गया। मेराजुलहक तथा महफूज जरवा रोड तुलसीपुर निवासी हैं। शकील जेठवारा जनपद प्रतापगढ़ का रहने वाला है। एसपी ने बताया कि सभी लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मुकदमा, लगेगा गैंगेस्टर
एसपी ने बताया कि पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष फिरोज अहमद की हत्या का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा। पुलिस गंभीरता से पैरवी कर शीघ्र ही आरोपियों को सजा दिलवाएगी। पूर्व सांसद तथा उनके दामाद के खिलाफ गत पंचायत चुनाव में आगजनी व बलवा आदि का केस दर्ज है। सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
परिवार को मिलेगी सरकारी सुरक्षा
फिरोज अहमद के परिजनों को सरकारी सुरक्षा दी जाएगी। एसपी हेमंत कुटियाल ने बताया कि मृतक की पत्नी कहकशां फिरोज के पास लाइसेंसी रिवाल्वर है। वारदात में बड़े लोगों के शामिल होने के कारण पूरा परिवार दहशत में हैं। शीघ्र ही परिवार को सशस्त्र सरकारी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
पूर्व सांसद ने कहा, राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष फिरोज अहमद की हत्या में साजिशकर्ता के रूप में गिरफ्तार पूर्व सांसद की बेटी जेबा रिजवान तथा दामाद रमीज ने खुद को निर्दोष बताया है। इन लोगों का कहना है कि घटना से इनका दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं है। पूरे परिवार को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है।
तीन बार विधायक व दो बार सांसद रह चुके रिजवान
तुलसीपुर के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष फिरोज अहमद पप्पू की हत्या में साजिश के आरोपी पूर्व सांसद रिजवान जहीर तुलसीपुर विधान सभा से तीन बार विधायक तथा बलरामपुर लोक सभा क्षेत्र से दो बार सांसद रह चुके हैं। पूर्व सांसद के खिलाफ करीब 14 आपराधिक मुकदमे दर्ज हुए। लेकिन न्यायालय ने सांसद को सभी आरोपों से बरी कर दिया था। उनकी पत्नी हुमा रिजवान दो बार लगातार बलरामपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं।
पूर्व सांसद रिजवान जहीर अपनी राजनीतिक विरासत अब अपनी बेटी जेबा रिजवान को सौंप रहे थे। वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव में उन्होंने तुलसीपुर सीट से बेटी जेबा रिजवान को चुनाव कांग्रेस पार्टी से लड़वाया था। विगत पंचायत चुनाव में बेली खुर्द गांव के पास इनका कांग्रेस समर्पित प्रत्याशी व उसके समर्थकों के साथ विवाद हुआ था। इस मामले में भी पुलिस ने पूर्व सांसद व दामाद रमीज को गिरफ्तार कर रासुका के तहत कार्रवाई की थी। यह मामला अभी अदालत में चल रहा है। पूर्व सांसद सपा, बसपा, कांग्रेस व पीस पार्टी में रहकर अपनी राजनीतिक पारी खूब खेली।
गत लोकसभा चुनाव में उन्होंने श्रावस्ती लोक सभा से बसपा प्रत्याशी राम शिरोमणि वर्मा का समर्थन किया और उन्हें जीत भी दिलाई। अभी दो माह पहले उन्होंने लखनऊ में अखिलेश यादव के समक्ष फिर से सपा का दामन थामा था। इस समय वह तुलसीपुर सीट से बेटी जेबा रिजवान के लिए टिकट मांग रहे थे। सोमवार को पुलिस जब उन्हें तथा बेटी दामाद को साजिशकर्ता के रूप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर रही थी तो वहां भी सांसद के समर्थकों की भारी भीड़ जमा थी।