गांव के लोगों ने क्यों मार डाला किसान को?
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काकोरी में जमीन के विवाद को लेकर धारदार हथियारों से हमलाकर किसान की हत्या कर दी गई। परिवारीजनों के अनुसार बुधवार देर रात वैवाहिक समारोह से लौट रहे किसान को गांव के ही कुछ लोगों ने हमला किया था।
खून से लथपथ किसान को मरा समझ हमलावर भाग निकले। गंभीर हालत में उसे ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। इलाज के दौरान बृहस्पतिवार को मौत होने पर पुलिस में शिकायत की गई है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
इंस्पेक्टर काकोरी के मुताबिक, वली नगर मोहल्ला निवासी बदलू राम (50) भांजे संजीव के साथ रहता था। बुधवार रात दोनों परिवार के साथ पास के गांव में आयोजित वैवाहिक समारोह में शामिल होने गए थे। भांजा परिवार के लोगों को लेकर बाइक से लौटा, जबकि बदलू पैदल ही आ रहा था।
इस दौरान गांव के ही घसीटे व तुलसी ने शिवकुमार, राजकुमार, आरिफ व रईस ने उसे घेर लिया और धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिया। सिर के साथ ही शरीर के अन्य हिस्सों पर हुए वार के चलते बदलू के खून से लथपथ होकर गिर पड़ा।
पुलिस की लापरवाही ने ले ली जान
उधर देर रात तक घर न पहुंचने पर परिवार ने तलाश शुरू की। गांव के बाहर बदलू को खून से लथपथ पड़ा देख खलबली मच गई। संजीव के अनुसार बेसुध होने से पहले मामा ने आरोपियों के नाम बताए थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने खून से लथपथ हालत में ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया।
इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार के अनुसार आरोपियों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। पहले भी कई बार मारपीट हो चुकी थी, जिसके बाद से मामला कोर्ट में है। संजीव ने सभी आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है।
भांजे संजीव का आरोप है गत वर्ष दिसंबर में हमलावरों ने उसके घर पर धावा बोलकर मामा बदलूराम, मां गंगादेवी व उसकी गर्भवती पत्नी को पीटा था। आरोप है कि रिपोर्ट दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने मामले को दबा दिया। कार्रवाई न होने से हमलावर बेखौफ हो गए और लगातार धमका रहे थे। पीड़ित परिवार का कहना है कि अगर पुलिस ने सख्ती की होती तो बदलू की जान नहीं जाती।