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नोटबंदी के दौरान बैंक में जमा कराए 2.60 लाख के जाली नोट, केस
Fri, 01 Mar 2019 01:19 AM IST
सौरभ दिक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: सौरभ दिक्षित
Updated Fri, 01 Mar 2019 01:19 AM IST
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नोटबंदी के दौरान इलाहाबाद बैंक में 1000 और 500 रुपये की पुरानी करंसी के 464 जाली नोट जमा कराए गए थे। मुद्रा कोष में इनकी जांच में यह बात सामने आई। इसके बाद बैंक अधिकारी की तरफ से महानगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि राजेश चंद्र शुक्ला इलाहाबाद बैंक के मुद्रा कोष के प्रभारी अधिकारी हैं। उनका कहना है कि आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा के बाद 31 दिसंबर 2016 तक बैंक की विभिन्न शाखाओं में 1000 व 500 रुपये के पुराने नोट जमा कराए गए।
ये करंसी मुद्रा कोष भेजी गई, जहां जांच में 500 रुपये के 407 और 1000 रुपये के 57 नोट जाली पाए गए। जाली करंसी की कीमत कुल 2,60,500 रुपये है। बैंक अधिकारियों ने जाली नोट मिलने की सूचना भारतीय रिजर्व बैंक को दे दी है। जाली नोट कब और किस शाखा में किसने जमा कराए? इस बारे में पड़ताल की जा रही है।
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प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि राजेश चंद्र शुक्ला इलाहाबाद बैंक के मुद्रा कोष के प्रभारी अधिकारी हैं। उनका कहना है कि आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा के बाद 31 दिसंबर 2016 तक बैंक की विभिन्न शाखाओं में 1000 व 500 रुपये के पुराने नोट जमा कराए गए।
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ये करंसी मुद्रा कोष भेजी गई, जहां जांच में 500 रुपये के 407 और 1000 रुपये के 57 नोट जाली पाए गए। जाली करंसी की कीमत कुल 2,60,500 रुपये है। बैंक अधिकारियों ने जाली नोट मिलने की सूचना भारतीय रिजर्व बैंक को दे दी है। जाली नोट कब और किस शाखा में किसने जमा कराए? इस बारे में पड़ताल की जा रही है।
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