कॉल सेंटर खोलकर तीन करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, नौ को दबोचा गया
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झारखंड के देवघर दुमका और जामताड़ा में फर्जी कॉल सेंटर खोलकर तीन करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम सेल ने पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के नौ सदस्यों को जामताड़ा से गिरफ्तार किया गया है।
जालसाजों ने रिटायर्ड समीक्षा अधिकारी के खाते से एफडी के बदले 53 लाख रुपये का लोन करवा लिया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन लाख रुपये, एक लैपटॉप और सात एंड्राइड मोबाइल बरामद किए हैं। पुलिस जालसाजों के दो दर्जन से अधिक बैंक खातों की पड़ताल कर रही हैं।
संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध नीलाब्जा चौधरी के मुताबिक, हजरतगंज कोतवाली में एक जुलाई को समीक्षा अधिकारी प्रभाकर प्रसाद ने 53 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। इसकी पड़ताल करते हुए साइबर सेल ने आईपी एड्रेस खंगाले। पड़ताल में देवघर के सरैयाहाट इलाके में संदिग्ध मोबाइल नंबरों के माध्यम से इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी हुई।
इसके बाद साइबर क्राइम सेल की टीम ने दुमाका निवासी रुपक कुमार मंडल, सरैयाहाट निवासी गोपाल मंडल और उसके भाई लल्लन मंडल, प्रमोद मंडल, नीरज मंडल, हरिहर मंडल, रंजीत मंडल, देवघर निवासी योगानन्द मंडल और राहुल आर्या को गिरफ्तार किया गया। जेसीपी के मुताबिक, गिरोह के सरगना प्रमोद और सुमन समेत 11 लोग फरार हैं जिनकी तलाश की जा रही है।
एफडी के बदले लोन कराते थे जालसाज
एसीपी क्राइम विवेक रंजन राय के मुताबिक, गिरोह के सरगना प्रमोद, राजेश और सुमन हैं जो फरार हैं। इंटरनेट के जरिए रिटायर्ड अधिकारी और कर्मचारियों की डिटेल जुटाते थे। गिरोह के सदस्य कॉल कर चिह्नित व्यक्ति को बात कर फंसाते थे। उनसे बैंक की गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। समीक्षा अधिकारी के मामले में जालसाजों ने उनके एसबीआई सचिवालय शाखा से खाते में इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा हासिल की थी। महाराष्ट्र, एमपी, हरियाणा सहित कई राज्यों में इनका नेटवर्क फैला हुआ है।
इस टीम ने किया खुलासा
जेसीपी क्राइम के मुताबिक, गिरोह का खुलासा करने में हजरतगंज के अतिरिक्त निरीक्षक अनिल सिंह, दरोगा परवेज आलम, साइबर क्राइम सेल के दरोगा सुरेश गिरी, शिशिर यादव, हेड कांस्टेबल फिरोज बदर, कांस्टेबल अजय प्रताप सिंह, रणधीर सिंह, अर्चित, अखिलेश, संतोष, अविनाश, हरि किशोर, शरीफ खान, अखिलेश पटेल, नीरज, सुनील, रमेश, अमजद खान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
40-50 सिम इस्तेमाल किए
पुलिस के मुताबिक, गिरोह का सरगना प्रमोद, राजेश और सुमन 2012 से ठगी के कारोबार में जुटे हैं। ये तीनों 15 से 20 मोबाइल अपने पास रखते हैं यह सभी मोबाइल सिम फर्जी नाम और पते पर लिए गए हैं इन मोबाइल से गांव के बाहर जंगल में आकर लोगों को कॉल किया जाता है ताकि लोकेशन पुलिस न पा सके। अब तक 40-50 सिम आईपी के लिए इस्तेमाल किए गए हैं।