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कातिल को बचाना पड़ा महंगा, दरोगा हुआ निलंबित
संजय त्रिपाठी/लखनऊ
Updated Sun, 20 Oct 2013 05:16 PM IST
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तेल व्यवसायी की सरेराह हत्या व उसके दो साथियों को लहूलुहान करने के आरोपी प्रॉपर्टी डीलर से साठगांठ करने वाला दरोगा रविवार को निलंबित कर दिया गया।
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कृष्णानगर के इस दरोगा पर आरोप था कि उससे साठगांठ करने के बाद ही प्रॉपर्टी डीलर ने शनिवार सुबह एक साथी समेत खुद को कानून के हवाले कर दिया था।
दरोगा ने क्राइम ब्रांच की टीम की मदद से गिरफ्तारी की पटकथा तैयार की, जिसमें कातिलों को आत्मरक्षा में फायरिंग का आरोपी दर्शाया गया है।
खास बात यह है कि ठाकुरगंज में सनसनीखेज वारदात के आरोपियों से पिस्टल की बरामदगी व अन्य पूछताछ के बजाय कृष्णानगर कोतवाली में गिरफ्तारी की लिखा-पढ़ी कर आननफानन में कोर्ट में पेश कर दिया गया।
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कृष्णानगर कोतवाली की विजयनगर चौकी इंचार्ज अनुराग उपाध्याय व क्राइम ब्रांच ने भोलाखेड़ा मोड़ पर घेराबंदी कर ठाकुरगंज के हसिया मऊ निवासी प्रॉपर्टी डीलर अकील अंसारी व अब्दुल अजीम उर्फ बाबू को गिरफ्तार कर लिया।
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दोनों की ठाकुरगंज क्षेत्र में बुधवार रात तेल व्यवसायी आयुष साहू की सरेराह हत्या व उसके साथी आकाश एवं नितिन को गोली मारकर घायल करने के आरोप में तलाश थी।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि बीयर खरीदने को लेकर आयुष व उसके साथियों से झगड़ा हुआ था। इस दौरान आयुष ने पिस्टल निकाल ली, जान खतरे में देख अकील व बाबू ने पिस्टल छीनी और उसी से फायरिंग कर दी।
दोनों आरोपी प्रॉपर्टी डीलिंग के साथ पुलिस के लिए मुखबिरी भी करते थे। काफी समय पहले इलाके में तैनात रहे दरोगा अनुराग उपाध्याय के आरोपियों से करीबी रिश्ते थे।
दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देकर भागे आरोपियों ने रिपोर्ट दर्ज होने की भनक लगते ही पुलिस में अपने शुभचिंतकों से संपर्क साधना शुरू कर दिया। कई पुलिसकर्मी पैरवी में जुट गए।
एक ओर ठाकुरगंज पुलिस आरोपियों की तलाश में खाक छान रही थी, वहीं दूसरी तरफ कातिल अपने बचने का खाका तैयार कराने में जुटे थे।
करीबी पुलिसकर्मियों की मदद से पटकथा तैयार कराने के बाद दोनों आरोपी कृष्णानगर कोतवाली जा पहुंचे। गिरफ्तारी की लिखापढ़ी होने के बाद ठाकुरगंज पुलिस को भनक लगी।
एसओ ठाकुरगंज ने कृष्णानगर कोतवाली जाकर पूछताछ की। दोनों बोले कि वारदात में इस्तेमाल पिस्टल तो आयुष की ही थी, जिसे उन्होंने मौके पर फेंक दिया था।
गुडवर्क पर उठे सवाल
ठाकुरगंज क्षेत्र में दुस्साहसिक हत्याकांड के दो आरोपियों को क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा पकड़ कर कृष्णानगर कोतवाली में लिखा-पढ़ी करने पर सवाल उठे हैं। किसी भी बड़ी वारदात पर आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उसी थाने में लिखा पढ़ी की जाती है, जहां से वांछित हों।
इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल पिस्टल बरामद करने के कोई प्रयास न करना और आरोपियों द्वारा आत्मरक्षा में फायरिंग की बात को ही सही मानकर कागजी खानापूरी करने से पुलिस संदेह के घेरे में है।
खुद को एसओजी का बताते थे आरोपी
पुलिसकर्मियों से गहरी दोस्ती के चलते अकील व उसके साथी खुद को एसओजी का बताकर कई इलाकों में दबदबा बनाए थे। अच्छी कद-काठी के साथ छोटे बाल रखते थे।
इन्हीं लोगों ने विगत दिनों हसनगंज क्षेत्र में एक व्यवसायी को अगवा करने का प्रयास किया था। इलाके के लोगों की घेराबंदी पर भाग निकले थे। पुलिस में अच्छी पैठ के चलते मामला दर्ज नहीं होने दिया।
एसओ ठाकुरगंज शशिकांत यादव ने बताया कि आयुष की हत्या व आकाश और नितिन पर कातिलाना हमले के आरोपी अकील अंसारी एवं अब्दुल अजीम के खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज हैं।