जानें नाबालिग का रेप करने वाले का हश्र
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नाबालिग बेटियों से दुराचार करने वाले मो. आसिफ खान को दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। पाक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश एएन पांडेय ने इसके साथ ही 25 हजार 500 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि अपराध अत्यंत गंभीर व घृणित मानसिकता प्रदर्शित करता है।
इससे पहले सुनवाई के दौरान सरकारी वकील राजेश वर्मा तथा अभय त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि वादिनी ने 19 जुलाई 2013 को इंदिरानगर थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें बताया गया था कि उसने मो. आसिफ से दूसरी शादी की थी। पहले पति से वादिनी को दो बेटियां थीं, शादी के बाद आसिफ उसकी दोनों नाबालिग बेटियों से दुराचार करने लगा। विरोध करने पर पीटने के साथ जान से मारने की धमकी देता था।
पत्नी की हत्या करने वाले को भी नहीं बख्शा
वहीं अपने एक और फैसले में कोर्ठ ने भाई की पढ़ाई का खर्चा उठाने से नाराज पत्नी की हत्या के आरोपी पवन तिवारी की जमानत अर्जी जिला न्यायाधीश वीके श्रीवास्तव ने खारिज कर दी है। सरकारी वकील मुन्ना सिंह ने आरोपी की ओर से दी गई जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कोर्ट को बताया कि नैनीताल बैंक में सहायक प्रबंधक रितु श्रीवास्तव का शव 17 दिसंबर 2014 को मिला था।
पवन ने ही कैंट थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। छानबीन के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए पवन को गिरफ्तार किया था। बताया गया कि रितु अपने भाई साहिल की पढ़ाई का खर्चा उठाती थी, जिसे लेकर पवन नाराज रहता था। कहा गया कि संपत्ति के लालच में आकर ही उसने रितु की गला दबाकर हत्या की थी।