पकड़ा गया तो शराब को कोसने लगा टनाटन का हत्यारा
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आलमबाग की एलडी कॉलोनी में एक दरोगा के बेटे ने विधानसभा चुनाव में रायबरेली के एक नेता की जीत-हार को लेकर रविवार रात भिड़ंत में रेलवे ठेकेदार सतीश चंद्र तिवारी उर्फ टनाटन की उसकी ही राइफल से उड़ाया था।
पुलिस ने वारदात में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार करके हत्याकांड का खुलासा किया है। रायबरेली में तैनात दरोगा के बेटे समेत दो आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
इंस्पेक्टर आलमबाग परशुराम त्रिपाठी ने बताया कि सतीश चंद्र तिवारी की हत्या के मामले में पारा थाने के मुन्नू खेड़ा हंसखेड़ा निवासी प्रमोद शर्मा को सोमवार सुबह चारबाग स्टेशन के पीछे से गिरफ्तार किया गया है। वह प्रतापगढ़ के गढ़ी मानिकपुर थाने के गांव कियावां का मूल निवासी है।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रमोद शर्मा व कृष्णानगर की शिव विहार कॉलोनी निवासी विक्रम सिंह चौहान काफी समय से सतीश चंद्र की साझेदारी में काम कर रहे थे। सतीश ने एलडी2/डी रनिंग शेड कॉलोनी में अपना आवास बना रखा था और आखिरी छोर पर स्थित आवास ए-21 पर भी कब्जा था। वहां दोस्तों के साथ बैठकर जाम लड़ाता था।
प्रत्याशी की जीत-हार को लेकर बहस में चली गोली
प्रमोद ने कुबूला कि विक्रम सिंह रविवार रात अपने एक अन्य साथी को लेकर आया था। सतीश ने आवास के एक हिस्से में किराए पर रहने वाले टैक्सी चालक पप्पू उर्फ बृजेश मिश्रा के घर से पानी और उसके बेटे राजन उर्फ सूर्या से नमकीन मंगाई। इसके बाद महफिल जमी।
जाम लड़ाने के साथ विधानसभा चुनाव को लेकर बहस छिड़ी। विक्रम ने रायबरेली से चुनाव की तैयारी कर रहे अपने परिचित नेता के जीतने की बात कही। सतीश बोला कि उसकी जमानत भी नहीं बचेगी। इसे लेकर दोनों में नोकझोंक शुरू हुई। नशे में धुत होने के कारण बात बढ़ती गई। विक्रम व उसके दोस्त के साथ प्रमोद भी सतीश से झगड़ने लगा।
इस बीच विक्रम ने तख्त पर रखी सतीश की लाइसेंसी राइफल उठाई। पहले बट से हमला किया। इसके बाद सीने से नाल सटाकर गोली मार दी।
राइफल को दोबारा लोड किया लेकिन सतीश चंद्र तिवारी एक ही गोली में गिर चुका था। तीनों का नशा उतर गया। राइफल मौके पर छोड़ी और बाहर खड़ी विक्रम की कार से भाग निकले थे।
दरोगा के वकील बेटे की सरगर्मी से तलाश
एएसपी सिटी पूर्वी शिवराम यादव ने बताया कि सतीश चंद्र तिवारी की पत्नी अर्चना तिवारी ने शिव विहार कॉलोनी निवासी विक्रम सिंह चौहान, मुन्नू खेड़ा हंस खेड़ा निवासी प्रमोद शर्मा समेत तीन हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
विक्रम के घर दबिश देने पर पता चला कि वह रायबरेली के बख्शगंज थाने में तैनात दरोगा सुरेश पाल सिंह का बेटा और रेलवे में ठेकेदार के साथ वकील भी है।
रायबरेली भाग निकलने की संभावना के चलते वहां की पुलिस को अलर्ट किया गया। इसके अलावा एसआई संतोष कुमार सिंह, संतोष सिंह, एमपी त्रिपाठी, एसएन मिश्रा, कांस्टेबल विजय शंकर यादव व अंबेश राव गौतम को विक्रम व उसके साथी की तलाश का आदेश देते हुए दो टीमें गठित करके संभावित ठिकानों पर छापामारी कराई। विक्रम के हत्थे चढ़ने पर उसके साथी के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
हत्थे चढ़ते ही शराब को कोसने लगा आरोपी
पूछताछ शुरू होते ही प्रमोद शर्मा ने कारोबार से लेकर सतीश चंद्र तिवारी की हत्या तक की कहानी सुना डाली। वह शराब को कोसने लगा। बोला कि उसके और विक्रम के सतीश से न सिर्फ अच्छे संबंध थे, बल्कि उसे बड़े भाई जैसा मानते थे। नशे में ऐसी बहस छिड़ी कि सारे रिश्ते खत्म हो गए। वह भी सतीश से गालीगलौज करने लगा। विक्रम ने गोली मार दी।
सतीश के खून से लथपथ होकर गिरते ही कृत्य का अहसास हुआ। विक्रम के साथ उसकी कार में सवार होकर भागा था लेकिन, विक्रम ने उसे रास्ते में उतरा दिया।
बेटा ढूंढो, वरना निलंबित
आईजी जोन ए सतीश गणेश के आदेश पर एसपी रायबरेली ने एसआई सुरेश पाल सिंह को फरार विक्रम सिंह की तलाश में आलमबाग पुलिस की मदद के आदेश दिए।
सुरेश पाल ने सोमवार सुबह ही आलमबाग कोतवाली पहुंचकर इंस्पेक्टर से संपर्क किया और बेटे को जल्द ढूंढ निकालने का आश्वासन देकर उसकी तलाश में निकल गए। सुरेश पाल को विक्रम को जल्द न पकड़ने पर उसे निलंबित करके विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
रेलवे ही नहीं आसपास इलाके में था खासा दबदबा
ठेकेदार टनाटन उर्फ सतीश तिवारी का रेलवे ही नहीं आसपास के इलाके में खासा दबदबा था। प्रतापगढ़ के मूल निवासी सतीश कई साल पहले रेलवे ठेकेदारों के माफिया अजीत सिंह के साथ जुड़ा था और जल्द ही उसके करीबियों में गिना जाने लगा।
एलडीए कॉलोनी के रनिंग शेड के आवास में कब्जा जमाया। कॉलोनी के ही एक अन्य आवास पर कब्जा जमाने के साथ उसका एक हिस्सा टैक्सी चालक बृजेश को दो हजार रुपये किराए पर दे दिया।
कॉलोनी के लोगों ने बताया कि सतीश की महफिल में पुलिसकर्मी भी शामिल होते थे। आलमबाग व मानकनगर थाने में उसकी अच्छी पैठ थी।
वह विशेष पुलिस अधिकारी भी रहा था। एएसपी सिटी पूर्वी शिवराम यादव ने बताया कि रेलवे अधिकारियों से आवास आवंटन की जानकारी मांगी गई है।
इससे पहले मानकनगर क्षेत्र में रेलवे कॉलोनी के सरकारी आवास में जालसाजों द्वारा फर्जी ट्रेनिंग सेंटर चलाया जा रहा था। आलमबाग, मानकनगर व अन्य इलाकों में रेलवे के आवासों पर अवैध कब्जे व आपराधिक गतिविधियों की आशंका के चलते थाने व चौकी इंचार्जों को सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं।