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थानों में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
विवेक त्रिपाठी/लखनऊ
Updated Thu, 14 Nov 2013 01:57 AM IST
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थानों में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप लगाते हुए बुधवार दोपहर कपूरथला चौराहा स्थित एक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स ने हंगामा किया।
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गुस्साए स्टूडेंट्स ने इंस्टीट्यूट के कर्मचारी को पकड़कर अलीगंज पुलिस के सुपुर्द कर दिया। मामले की छानबीन की जा रही है।
कपूरथला चौराहा के पास एक मकान में कुछ महीने पहले औरिक प्रोफेशन प्लस के नाम से इंस्टीट्यूट खुला था।
अंबेडकरनगर स्थित भीटी तहसील के विकास तिवारी, आलोक कुमार गुप्ता, अनिल मिश्रा ने बताया कि इंस्टीट्यूट का हेड ऑफिस नोएडा और सीईओ आशीष पांडे बताए गए थे।
शहर में इसका संचालन ऋषभ, कपिल और अनिल करते थे। स्टूडेंट्स ने बताया कि इंटरमीडिएट पास अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग देकर थानों में नौकरी दिलाने का विज्ञापन देखकर इंस्टीट्यूट में संपर्क किया।
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फैजाबाद, गोंडा, लखीमपुर, इलाहाबाद सहित अन्य जनपदों के करीब ढाई हजार लोग नौकरी की उम्मीद में किराये पर रहकर ट्रेनिंग कर रहे थे।
संचालकों ने तीन महीने ट्रेनिंग के बाद एनआईआईटी से इंटरव्यू करा सबको थानों में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था।
ट्रेनिंग कोर्स के लिए प्रत्येक स्टूडेंट से 15,840 रुपये जमा कराए गए। हालांकि, तीन महीने की ट्रेनिंग के बाद भी किसी को नौकरी नहीं मिली।
स्टूडेंट्स का कहना है कि नौकरी के बारे में पूछने पर संचालक कभी इंटरव्यू में फेल होने तो कभी ट्रेनिंग में परफार्मेंस गड़बड़ होने का बहाना बनाकर टाल देते।
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कई स्टूडेंट्स से नौकरी के नाम पर 30-30 हजार अतिरिक्त रुपये लेने का भी आरोप लगाया। स्टूडेंट्स का कहना है कि कुछ दिन से संचालकों ने धीरे-धीरे सामान समेटना शुरू कर दिया।
इसकी खबर लगने पर बुधवार को कई स्टूडेंट्स कपूरथला स्थित इंस्टीट्यूट के ऑफिस पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया।
गोंडा के नवाबगंज स्थित शिवदयालगंज के नरायन शुक्ला, लखीमपुर के शशिकांत, इलाहाबाद के आलोक तिवारी, सौरभ शुक्ला ने बताया कि इंस्टीट्यूट के अनिल एक ऑल्टो कार में कंप्यूटर व अन्य सामान ले जा रहे थे, तभी धर दबोचा।
इन्हें अलीगंज थाना की सुपुर्दगी में देते हुए ठगी का आरोप लगाया गया है। इंस्पेक्टर परशुराम ओझा ने बताया कि स्टूडेंट्स के कहने पर अनिल व एक कर्मचारी को पकड़ा गया है, लेकिन अभी किसी की तरफ से तहरीर नहीं मिली है।