कैब चालक हत्याकांड में दो व्यापारी समेत पांच गिरफ्तार, कार लूट के इरादे से अंजाम दी थी वारदात
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लखनऊ के गोसाईंगंज के सिटकिहा कला गांव निवासी ओला कैब चालक मुकेश पाल (28) हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए क्राइम ब्रांच ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें ठाकुरगंज का गोपाल रावत, उसका साला हरदोई के नगीखेरा निवासी राजेश रावत, गया प्रसाद उर्फ रवि, चौक के कटरा अबुतुराब खान निवासी एजाज अहमद और हजरतगंज के पशुपति नाथ अपार्टमेंट निवासी इरफान है।
पूछताछ में सामने आया कि गोपाल, राजेश व गया ने कार लूटने के इरादे से वारदात अंजाम दी थी। जबकि एजाज व इरफान पुरानी कारों के खरीद-फरोख्त का काम करते हैं। आरोपियों के पास से लूटी गई कार, तमंचा, कारतूस, बाइक, स्कूटी और चार मोबाइल बरामद किए हैं।
एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक, मुकेश 17 जुलाई की सुबह करीब दस बजे घर से निकला था। रात 10.30 बजे छोटे भाई अनुज ने कॉल की तो उसने डेढ़ घंटे में आने की बात कही। रात 12 बजे तक मुकेश के न आने पर अनुज ने फिर कॉल की तो मोबाइल नंबर बंद मिले। अनुज का कहना है कि दूसरे दिन वह ओला कंपनी के ऑफिस गया तो मुकेश की अंतिम लोकेशन मड़ियांव के छठामील में मिली।
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि मुकेश को बुधवार रात 10.25 बजे छठामील के पास ही एक बुकिंग दी गई थी। हालांकि, 20 मिनट बाद ही ग्राहक ने बुकिंग निरस्त कर दी थी। पुलिस के मुताबिक, मुकेश का शव बृहस्पतिवार को सीतापुर के सिधौली थाने में तैनात एक रिश्तेदार ने संदाना गांव के पास मिलने की सूचना दी। उसी रात को हत्या व लूट का मुकदमा दर्ज किया गया।
ऑनलाइन बुकिंग न कर सीधे चालक से करते थे संपर्क
क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय व अखिलेश कुमार पांडेय के मुताबिक, गोपाल ओला कार चलाता था। उसे मालूम था कि ऑन लाइन बुकिंग करने पर कंपनी के सॉफ्टवेयर में पूरी जानकारी आ जाएगी। इसलिए वह सीधे चालक को कॉल कर कार बुक करता था। मुकेश की कार भी उसने सीधा संपर्क कर बुक की थी।
26 अगस्त को भी इन शातिर लुटेरों ने चारबाग स्टेशन से इटौंजा के लिए बुकिंग की थी। इसके बाद दुबग्गा होते हुए इटौंजा की तरफ जाने लगे। पुलिस गिरोह के पीछे लगी थी। दुबग्गा के पास चेकिंग देखकर लुटेरे कार छोड़कर भाग निकले। पुलिस को पता चला कि इस गिरोह ने ही मुकेश की हत्या की थी। मंगलवार रात पांचों आरोपियों को शहीद पथ से गिरफ्तार कर लिया गया।
चारबाग से सीतापुर के लिए बुक की थी मुकेश की कार
एएसपी क्राइम दिनेश पुरी के मुताबिक, गोपाल, राजेश व गया ने चारबाग स्टेशन से सीतापुर के लिए ओला कार बुक की थी। इसके बाद चालक मुकेश के साथ तीनों इटौंजा टोल प्लाजा से होकर निकले। सीसीटीवी कैमरों के चलते आरोपियों ने वापस कार लखनऊ की तरफ मुड़वा ली।
टोल प्लाजा से होते हुए कार को मलिहाबाद रोड की तरफ मुड़ने को कहा। संदना के पास गोमती पुल पर पहुंचने के बाद कार रुवाई और गोपाल ने मुकेश से कहा कि पहिये में हवा कम है। मुकेश जैसे ही झुका वैसे ही राजेश व गया ने उसका गला घोंट दिया और शव नदी में फेंक दिया। इसके बाद कार की नंबर प्लेट निकालकर फेंक दी। मुकेश का मोबाइल भी तोड़कर फेंक दिया। इसके बाद लखनऊ पहुंचकर आरोपी कार के सौदे में लग गए।
चौक के कारोबारी के हाथों बेची कार
एएसपी ग्रामीण विक्रांत वीर के मुताबिक, गोपाल रावत भी ओला कार चालक था। इस दौरान उसकी मुलाकात चौक के गद्दा कारोबारी व पुराने कारों की खरीद-फरोख्त करने वाले एजाज अहमद से हुई। इसके बाद वह एजाज के साथ काम करने लगा। वह चोरी की कई कारें एजाज के जरिए बेच चुका है।
मुकेश की हत्या कर लूटी कार उसने एजाज के हाथों डेढ़ लाख रुपये में बेच दी। एजाज ने कार इरफान को बेचने के लिए दी। इरफान की हजरतगंज में लंदन चॉकलेट के नाम से बेकरी की दुकान भी है। पुलिस के मुताबिक, इरफान को एजाज ने दो लाख रुपये में कार बेची थी। 50 हजार एडवांस भी लिया था।
पहले भी चोरी की कार बेचने में जा चुके हैं जेल
पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं। एजाज के खिलाफ चौक में नौ मामले दर्ज हैं। जबकि गया प्रसाद के खिलाफ ठाकुरगंज में किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज हैं। गोपाल व राजेश के खिलाफ हत्या व अपहरण का मुकदमा दर्ज है।
इस टीम ने किया गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच के निरीक्षक अंजनी कुमार पांडेय, अखिलेश कुमार पांडेय, सर्विलांस सेल के प्रभारी एनुद्दीन, एसआई विवेक चौधरी, अशोक कुमार, रणविजय, अमित साहू, मुख्य आरक्षी विजय कुमार यादव, आईजी कार्यालय के आरक्षी रामनिवास शुक्ला, सुदीप कटियार, सूरज, देवेंद्र, सरताज, अंकुर वर्मा, वसीम खान। एसएसपी ने टीम को 25 हजार रुपये इनाम दिया है।