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एसटीएफ भी जुटी, डायरी में लिखे नंबरों पर नजर

Fri, 31 Jan 2014 09:58 AM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 31 Jan 2014 09:58 AM IST
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ATF active in hstrishitr murder

गोमतीनगर में इलाहाबाद के हिस्ट्रीशीटर आशीष मिश्रा और सिपाही के बेटे रोहित शुक्ला की हत्या के चौबीस घंटे बीतने के बाद भी पुलिस बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा सकी है।

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आला अफसरों ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में एसटीएफ को भी लगाया है। बृहस्पतिवार दोपहर एसटीएफ के एएसपी ने गोमतीनगर थाने पहुंचकर पुलिस टीम के साथ तीन घंटे तक हत्याकांड से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की।
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उधर,पुलिस की टीमें इलाहाबाद और सीतापुर में डेरा डाले हैं जबकि क्राइम ब्रांच की टीम मृतकों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और बैंक एकाउंट्स की डिटेल खंगाल रही है।
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एसटीएफ के एएसपी जयप्रकाश के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया। इसके बाद गोमतीनगर थाना पहुंचे एएसपी एसटीएफ ने अधिकारियों और क्राइम ब्रांच की टीम के साथ बैठक कर अब तक की कार्रवाई का ब्यौरा लिया।

हिस्ट्रीशीटर की डायरी में एसटीएफ के नाम से दर्ज मोबाइल नंबरों के बारे में भी जानकारी ली। एएसपी ने बताया कि एसटीएफ की टीम फिलहाल लखनऊ में ही हिस्ट्रीशीटर के संपर्कों को खंगाल रही है।

उसने कम समय में ही शहर के रियल एस्टेट कारोबार में अच्छी पैठ बना ली थी। एएसपी जयप्रकाश ने बताया कि इलाहाबाद के अलावा गोरखपुर में भी एसटीएफ की टीमों से आशीष की गतिविधियों के बारे में जानकारी मंगाई गई है।

इस बीच इलाहाबाद और सीतापुर गई पुलिस की टीमों को खास जानकारी नहीं मिल सकी है। दोनों जनपदों में पुलिस डेरा डाले है। गौरतलब है कि हिस्ट्रीशीटर की डायरी में कुछ नंबरों के आगे एसटीएफ लिखा था।

पुलिस के अधिकारियों ने इन नंबरों को डायल किया बेल जाने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं हुई। सूत्रों के अनुसार उक्त नंबरों के बारे में जानकारी जुटा ली गई है। हालांकि अधिकारी अभी तहकीकात की बात कह रहे हैं।

नेताओं से संपर्क, मुंबई तक तार
हिस्ट्रीशीटर आशीष कुछ राजनेताओं से भी जुड़ा था। अंडरवर्ल्ड में उसके तार गोरखपुर से मुंबई तक फैले थे। एसटीएफ और पुलिस की टीमें उसके संरक्षणदाताओं के बारे में भी जानकारी जुटा रही हैं।


पता चला है कि आशीष ने लखनऊ नगर निगम में कोई बड़ा ठेका हासिल किया था। कहीं हत्याकांड के पीछे ठेके से जुड़ा कोई विवाद तो नहीं? उधर, परिवारीजनों ने पुलिस को उसके कई मोबाइल नंबर और बैंक एकाउंट्स के बारे में जानकारी दी है जिसका ब्यौरा मंगाया गया है।

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