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नाबालिग नहीं है रेप का आरोपी गौरव
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 11 Mar 2015 05:12 PM IST
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मई 2005 के आशियाना दुराचार कांड का मुख्य आरोपी गौरव शुक्ला उस समय बालिग था या नहीं, इस बात का फैसला आज हो गया है।
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गौरतलब है कि गौरव शुक्ला को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने बालिग करार कर दिया था।
इस घटना को 10 साल हो चुके हैं, लेकिन मुख्य आरोपी शुक्ला का सामूहिक दुराचार की धाराओं में अब तक ट्रायल शुरू नहीं हो सका है।
इस मामले में गौरव शुक्ला को किशोर न्याय बोर्ड 13 जनवरी 2013 और मार्च 2014 में दो दफा गौरव को बालिग करार दे चुका है। इस मामले में कोर्ट ने जुवेनाइल बोर्ड के फैसले पर मुहर लगा दी हैं।
लगाए थे जाली दस्तावेज
पीड़ित के साथ मामले को लड़ रहीं एडवा की प्रदेश अध्यक्ष मधु गर्ग ने बताया कि बोर्ड में गौरव ने जाली स्कूली दस्तावेज प्रस्तुत कर खुद को नाबालिग साबित करने की कोशिश की थी, लेकिन उसकी दाल नहीं गली।
जेजे बोर्ड के बालिग करार दिए जाने के फैसले के खिलाफ 26 मार्च 2014 को गौरव शुक्ला ने सेशन कोर्ट में अपील की।
यहां मामले को लंबा खींचने के लिए लगातार अर्जियां व अपीलें की जाती रहीं। करीब एक साल में कुल 36 तारीखें इस केस के लिए सेशन कोर्ट में पड़ी लेकिन कुल बहस 15 मिनट ही हो सकी।
अंतत: पिछले महीने मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में आया। यहां विशेष न्यायाधीश राजेंद्र सिंह ने 11 मार्च के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था।
जुवेनाइल कोर्ट ने मुख्य आरोपी गौरव शुक्ला को बालिग करार कर दिया था। इस फैसले की वैधता को चुनौती देने वाली अपील सत्र न्यायालय में दाखिल की गई थी। आशियाना थाने में हुए इस मामले में कोर्ट ने जुवेनाइल बोर्ड के फैसले पर अपनी मुहर लगा दी हैं।
जेजे बोर्ड के बालिग करार दिए जाने के फैसले के खिलाफ 26 मार्च 2014 को गौरव शुक्ला ने सेशन कोर्ट में अपील की।
यहां मामले को लंबा खींचने के लिए लगातार अर्जियां व अपीलें की जाती रहीं। करीब एक साल में कुल 36 तारीखें इस केस के लिए सेशन कोर्ट में पड़ी लेकिन कुल बहस 15 मिनट ही हो सकी।
अंतत: पिछले महीने मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में आया। यहां विशेष न्यायाधीश राजेंद्र सिंह ने 11 मार्च के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था।
जुवेनाइल कोर्ट ने मुख्य आरोपी गौरव शुक्ला को बालिग करार कर दिया था। इस फैसले की वैधता को चुनौती देने वाली अपील सत्र न्यायालय में दाखिल की गई थी। आशियाना थाने में हुए इस मामले में कोर्ट ने जुवेनाइल बोर्ड के फैसले पर अपनी मुहर लगा दी हैं।