लखनऊ में एक और महिला की हत्या, गड्ढे में मिला शव
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लगातार हत्या की वारदातों से क्राइम कैपिटल बन चुके लखनऊ में एक और वारदात हुई। आशियाना में दस दिन से लापता चार माह की गर्भवती लक्ष्मी (23) की हत्या कर दी गई। उसका शव बृहस्पतिवार दोपहर इलाके में ही पानी से भरे एक गड्ढे में पड़ा मिला। गौरतलब है कि पुलिस अभी सीएम आवास के पास 12वीं की छात्रा की हत्या व मर्डर की जांच कर रही है, जबकि कुछ दिन पहले ही एक अन्य युवक की लाश सीएम आवास के पास मिली थी।
महिला की हत्या पर एसओ आशियाना संतोष कुमार तिवारी ने बताया कि लक्ष्मी फिरंगीखेड़ा स्थित झोपड़पट्टी में मजदूर पिता मिश्रीलाल, मां रामावती और छोटी बहन कंचन के साथ रहती थी। दोनों बहनें रुचिखंड में घरों में झाड़ू-पोछा लगाने का काम करती थीं।
बीती 15 फरवरी को लक्ष्मी पति सुभाष से मिलने के लिए रुचिखंड जाने की बात कहकर घर से निकली। शाम तक वापस न आने पर पिता मिश्रीलाल ने दामाद से संपर्क किया तो पता चला कि लक्ष्मी वहां आई ही नहीं।
लक्ष्मी का कुछ पता न चलने पर आशियाना थाना में उसकी गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई गई। मिश्रीलाल का कहना है कि उन्होंने दामाद पर ही बेटी की हत्या का शक जताया था, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एसओ का कहना है कि सुभाष को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
युवक ने किया था दुष्कर्म, पुलिस ने डाला शादी का दबाव
मिश्रीलाल ने बताया कि लक्ष्मी रुचिखंड के जिस मकान में झाड़ू-पोछा करने जाती थी वहीं सिधौली सीतापुर निवासी रामस्वरूप का बेटा सुभाष रसोइया था। करीब चार महीना पहले लक्ष्मी को घर पर अकेला पाकर सुभाष ने दुष्कर्म किया।
लक्ष्मी ने परिवारीजनों को इस घटनाक्रम के बारे में बताया तो उनके होश उड़ गए। मिश्रीलाल का कहना है कि वह शिकायत लेकर आशियाना थाना पहुंचे, जहां पुलिस ने दोनों पक्ष को बुलाकर शादी का दबाव डाला। आठ फरवरी को अलीगंज स्थित आर्य समाज मंदिर में सुभाष और लक्ष्मी ने शादी कर ली।
ससुराल का मुंह तक नहीं देख सकी
लक्ष्मी ने चार दिन के वैवाहिक जीवन में एक बार भी ससुराल का मुंह नहीं देखा। उसे सिधौली सीतापुर स्थित घर ले जाने के बजाए सुभाष ने आशियाना निवासी बहन के घर पर रखा। 12 फरवरी को लक्ष्मी की चौथी की रस्म हुई और वह मायके आ गई।
15 फरवरी की सुबह पति से मिलने की बात कहकर वह घर से निकली और लापता हो गई। मिश्रीलाल ने 17 फरवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। एसओ का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट में धाराएं बढ़ा दी जाएंगी।
लापता होने वाले दिन ही कर दी गई थी हत्या
एसओ संतोष कुमार तिवारी का कहना है कि शव करीब दस दिन पुराना लग रहा है। आशंका है कि हत्या करने के बाद लक्ष्मी का शव यहां फेंका गया है।
शरीर पर कोई चोट का निशान न होने से पुलिस यह मान रही है कि लक्ष्मी की हत्या गला दबाकर की गई। मिश्रीलाल का कहना है कि लक्ष्मी को लापता होने वाले दिन ही मार डाला गया था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम होगा।
पिता जताते रहे हत्या की आशंका, टरकाती रही पुलिस
लक्ष्मी के रहस्यमय परिस्थितियों में गायब होने के बाद मिश्रीलाल ने उसके साथ अनहोनी की आशंका जताई थी। वह थाने के चक्कर काटते रहे और पुलिस उन्हें टरकाती रही।
तीन दिन पहले भी मिश्रीलाल थाने गए थे और दामाद सुभाष पर हत्या का शक जताते हुए उसे पकड़ने की मांग की। हालांकि, पुलिस ने पहले दिन से ही उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया।
गड्ढे में धक्का देने की भी आशंका
पुलिस के मुताबिक, जिस गड्ढे में लक्ष्मी का शव मिला है, वह एक पगडंडी के किनारे है। इस पगडंडी का इस्तेमाल लोग शॉर्टकट रास्ते के रूप में आने-जाने के लिए करते हैं। पगडंडी के किनारे ही गड्ढा है जिसमें पानी भरा है और चारों तरफ झाड़ियां हैं।
लक्ष्मी मायके से निकलकर पगडंडी से होते हुए पति के घर आई-गई होगी। इस दौरान या तो वह पगडंडी से धक्का लगने पर नीचे गड्ढे में जा गिरी या फिर किसी ने उसकी हत्या के बाद शव यहां फेंक दिया।
शव देखने आए परिवारीजनों को पुलिस ने भगाया
लक्ष्मी के परिवारीजनों का आरोप है कि शव मिलने की सूचना पर वह मौके पर पहुंचे तो पुलिस ने भगा दिया। रामावती ने पुलिसकर्मियों से कहा कि उनकी बेटी लापता है, इसके बावजूद उन्हें शिनाख्त नहीं करने दी गई। पुलिसकर्मियों ने कहा कि वह मॉर्च्युरी जाकर पहचान करें।
रोते-बिलखते परिवारीजन मॉर्च्युरी पहुंचे और कपड़ों से शव की पहचान लक्ष्मी के रूप में की। इससे पहले बृहस्पतिवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे इलाके के ही गोविंद प्रसाद ने शव उतराता देखकर मॉडर्न कंट्रोलरूम को फोन कर सूचना दी।
पति ने कहा 50 रुपये लेकर चली गई थी लक्ष्मी
पुलिस ने सुभाष से पूछताछ की तो उसने बताया कि 15 फरवरी की सुबह लक्ष्मी उससे मिलने आई थी। वह कुछ देर रुकी और 50 रुपये मांगे। रुपये मिलते ही वह चली गई।
लक्ष्मी ने रुपये क्यों मांगे, वह कहां जा रही थी, उसके मन में क्या चल रहा था? इस बात की जानकारी से सुभाष ने इन्कार किया।
नौकरी दिलाने वाले ठेकेदार ने कराई थी शादी
एसओ ने बताया कि मिश्रीलाल थाना आए और बेटी से दुष्कर्म की शिकायत की। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कराने को कहा तो वह मुकर गए। गरीबी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुकदमा नहीं लड़ सकते। इसलिए दोनों की शादी करा दी जाए।
एसओ ने इससे इन्कार करते हुए कहा कि अपने स्तर पर ही मामला निपटा लो। इसके बाद दोनों पक्ष थाने से चले गए।
इस बीच पता चला कि जिस ठेकेदार ने लक्ष्मी और सुभाष को नौकरी पर रखवाया था, उसने ही हस्तक्षेप कर दोनों की शादी करा दी।