यूपी: जेल में अमरमणि, अब बेटा कर रहा क्राइम!
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मधुमिता हत्याकांड में सजा काट रहे पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि ने गोरखपुर के ठेकेदार ऋषि कुमार पांडे का अपहरण कर एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
उसने रंगदारी न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद अपनी गाड़ी में बैठाकर शहर में घूमता रहा और मंगलवार तड़के करीब सवा तीन बजे वीवीआईपी गेस्टहाउस के बाहर फेंककर फरार हो गया।
पांडे ने कैंट थाने में अमनमणि, रवि और एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
जा रहे थे दिल्ली, तभी आया अमनमणि
ठेकेदारी और ट्रेवलिंग का काम करने वाले ऋषि गोरखपुर के अधियारी बाग उत्तरी मुहल्ला में रहते हैं।
अपनी बीमार पत्नी का इलाज कराने के लिए मंगलवार शाम करीब पांच बजे वे गोरखपुर से अपनी स्कॉर्पियो कार से लखनऊ होते हुए दिल्ली के लिए रवाना हुए।
उनके साथ बहू प्रियंका, किरायेदार संजय और ड्राइवर प्रताप भी था। रात करीब एक बजे आवास-विकास मुख्यालय के पास अचानक एक स्कार्पियो और फॉर्च्यूनर कार ने ओवरटेक कर उनकी गाड़ी रुकवा ली।
कार से अमनमणि अपने तीन-चार साथियों के साथ गाड़ी से उतरा।
परिवार को जान से मारने की धमकी दी
पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि पर अपहरण और रंगदारी का केस दर्ज कराने वाले गोरखपुर के ठेकेदार ऋषि कुमार पांडे ने कैंट थाने में पहले अपहरण की बात को गलत बताया था।
हालांकि बाद में उन्होंने अमनमणि पर अपहरण व रंगदारी का आरोप लगाकर कैंट थाने में एफआईआर दर्ज कराई। पांडे का कहना है कि अमनमणि ने परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी इसलिए पहले खामोश रहा।
थाने में पांड ने भी किया ड्रामा
एसओ कैंट मो. जहीर खान का कहना है कि पहले तो ठेकेदार ऋषि ने अमनमणि को अपना परिचित बताते हुए खुद ही उसके साथ जाने की बात कही।
चूंकि, कंट्रोलरूम पर अपहरण की सूचना दी गई थी इसलिए पुलिस ने उनसे यही बात लिखकर देने को कहा। पांडे ने तहरीर में लिखा कि उनके साथ कोई बदतमीजी भी नहीं हुई और अपहरण की बात भी झूठी है।
पांडे की तहरीर को जीडी (जनरल डॉयरी) में दर्ज कर लिया गया। हालांकि, एक घंटे बाद तड़के करीब सवा चार बजे पांडे घरवालों के साथ फिर कैंट थाने पहुंचे और अपना प्रार्थनापत्र वापस मांगा।
अमरमणि का रिश्तेदार ही है ठेकेदार
एसओ के मना करने पर ठेकेदार ने एफआईआर दर्ज कराने की बात कही। इस पर कैंट एसओ जावेद ने उससे दूसरी तहरीर देने को कहा।
पांडे ने दूसरी तहरीर में बताया कि अमनमणि ने उसे वीवीआईपी गेस्टहाउस के बाहर फेंकते वक्त कहा था कि परिवार के लोग हमारे कब्जे में हैं।
पुलिस से शिकायत की तो उनको जान से मार दिया जाएगा। ठेकेदार का कहना है कि इसी दहशत में उसने पुलिस से मामला रफा-दफा करने की बात कही थी।
जब परिवारीजनों के सुरक्षित होने का पता चला तब एफआईआर कराई। पुलिस का कहना है कि ठेकेदार व अमनमणि दोनों रिश्तेदार हैं। अमन ने उसे कई ठेके दिलाए थे। इसी ठेके के पैसों के लेनदेन को लेकर मामला हो लगता है।
बहू के फोन पर हरकत में आई पुलिस
बहू प्रियंका ने पुलिस को ससुर के अपहरण की सूचना दे दी। इसके बाद पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में नाकाबंदी कर दी।
पुलिस की सक्रियता देख अमनमणि रात सवा तीन बजे उसे वीवीआईपी गेस्टहाउस के बाहर फेंककर भाग गया। यहां उसे कैंट थाने के दो सिपाही मिले जो उसे थाना ले गए।
नोचकर फेंक दिया ठेकेदार की पत्नी का मास्क
पांडे की पत्नी शीला को ऑक्सीजन मास्क लगा हुआ था। पांडे का कहना है कि अमनमणि ने शीला का मास्क नोचने की कोशिश की। शीला के विरोध करने पर बोला, ‘तुम्हारे मरने-जीने से मुझे कोई मतलब नहीं है।’
इसके बाद उसने मास्क नोचकर फेंक दिया। बहू प्रियंका ने विरोध किया तो उसके साथ अभद्रता की। ड्राइवर प्रताप को पीटा।
ठेकेदार पांडे का कहना है कि जब उसे कार में बैठाकर वह लोग चलने लगे तो अमनमणि ने साथियों से कहा था कि इसे वहीं ले चलते हैं, जहां मेरे पिता ने पहला अपहरण किया था।
इसके बाद उसे अंधेरे और सुनसान रास्तों से एक मकान में ले जाया गया। हालांकि, यहां ताला लगा होने के चलते सभी उसे हजरतगंज इलाके में एक मकान में लेकर आ गए।
मामले को मैनेज करने में जुटी रही पुलिस
अपहरण में अमरमणि त्रिपाठी के बेटे का नाम आने के बाद राजधानी पुलिस भी मामला मैनेज करने में जुटी रही।
अपहरण, मारपीट और रंगदारी के इस संगीन मामले की गंभीरता से पड़ताल के बजाए अफसर पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बताने की कोशिश करते रहे।
अफसरों का पूरा जोर इस पर था कि पीड़ित ठेकेदार ने दो तहरीर क्यों दीं? हालांकि, ठेकेदार ने दो तहरीर देने की बात से इंकार किया है।
ठेकेदार का कहना है कि उन्होंने एक ही तहरीर दी थी, जिस पर एफआईआर दर्ज करने के बजाए उन्हें पीली पर्ची थमा दी गई।