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सपा विधायक रविदास के खिलाफ फिर गिरफ्तारी वारंट
टीम डिजिटल/अमर उजाला,लखनऊ
Updated Thu, 06 Mar 2014 12:52 PM IST
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विधायक के घर पर कब्जा कर सामान चोरी के 34 वर्ष पुराने मामले में कोर्ट ने सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा सहित दो लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। एसीजेएम बालकृष्ण एन. रंजन ने बुधवार यह आदेश उनके कोर्ट में हाजिर न होने पर दिया।
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कोर्ट ने एसएसपी को लिखे पत्र में कहा है कि आरोपी रविदास मेहरोत्रा और अशोक चौरसिया कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहे हैं जिससे मुकदमे की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पा रही।
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इस संदर्भ में पहले भी आरोपियों के खिलाफ फरारी की घोषणा और गिरफ्तारी वारंट पुलिस को भेजा जा चुका है।
इसके बाद वारंट का तामीला ही कोर्ट भेजा गया,लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश नहीं किया गया। कोर्ट ने एसएसपी को पत्र के गिरफ्तारी व कुर्की वारंट भेजते हुए आरोपियों को अगली तारीख पर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
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याचिका में योगेन्द्र सिंह आर्य ने बताया कि उन्होंने 10 अगस्त 1980 को नाका थाने में रविदास और अशोक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें उन्होंने बताया था कि उनके पिता तत्कालीन विधायक बलदेव सिंह को शासन ने खुर्शीद बाग स्थित तुलसीराम मिश्रा का मकान अलाट किया गया था।
उस मकान में वह तीन वर्षों से परिवार के साथ रह रहे थे। बल्देव सिंह आर्य विधायक निर्वाचित हुए तो उन्हें पार्क रोड स्थित विधायक निवास में मकान मिल गया।
फिर वह परिवार के साथ पार्क रोड वाले मकान मे चले गए, लेकिन काफी सामान खुर्शेद बाग स्थित मकान में रह गया।
रिपोर्ट में बताया कि कहा गया खुर्शेद बाग केमकान में घरेलू सामान केअलावा अलमारी में जेवरात और रुपए थे। 8 अगस्त 1980 को मकान मालिक तुलसी राम के भाई रामेश्वर मिश्रा और रविदास मेहरोत्रा ने अपने साथियों केसाथ मिलकर घर का ताला तोड़कर मकान पर कब्जा कर लिया।
नाका पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना करने के बाद रविदास मेहरोत्रा तथा अशोक चौरसिया को आरोपी बनाकर 29 सितम्बर 1980 को चार्जशीट लगा दी।
कोर्ट ने इस चार्जशीट पर संज्ञान लेकर आरोपियों को कोर्ट में तलब किया था। मामले की अगली सुनवाई दो अप्रैल को होगी।