UP: आठवीं की छात्रा से कार में गैंगरेप कर सड़क पर फेंका
राजधानी लखनऊ के निशातगंज में आठवीं की एक छात्रा का चार बदमाशों ने दिनदहाड़े अपहरण कर कार में गैंगरेप किया। दो घंटे बाद बेहोशी के हालत में उसे यूनिवर्सिटी रोड पर फेंक कर भाग गए।
खून से लथपथ छात्रा किसी तरह अपने घर पहुंची तो परिवारीजनों में कोहराम मच गया। भरी दोपहरी हुई इस घटना ने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। पुलिस की मदद से छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
निशांतगंज के एक स्कूल की छात्रा डालीगंज इलाके में परिवार के साथ किराये के मकान में रहती है। छात्रा का कहना है कि स्कूल की छुट्टी के बाद दोपहर लगभग दो बजे वह निशातगंज में टेंपो का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान पीछे से किसी ने उसके चेहरे पर कपड़ा डाल दिया। वह हड़बड़ा गई और चीखने की कोशिश की तो उसका मुंह दबा दिया।
इसके बाद घसीटते हुए उसे किसी चार पहिया वाहन में ले जाया गया। छात्रा का कहना है कि बदमाश शायद उसे किसी कार में ले गए थे। बदमाशों ने रस्सी से उसके हाथ-पैर बांध दिए। चाकू तानकर उसकी पिटाई की। घबराहट के चलते वह बेहोश हो गई। इसके बाद क्या हुआ? वह नहीं बता सकी। करीब दो घंटे बाद साढ़े चार बजे के आसपास उसने यूनिवर्सिटी रोड पर नाले के पास फेंककर कार सवार बदमाश भाग गए।
जहां रखा पैर, खून से सन गई सड़क
छात्रा को बुरी तरह रक्तस्त्राव हो रहा था। किसी तरह लड़खड़ाते हुए वह घर पहुंची। छात्रा ने मां को गैंगरेप की बात बताई तो कोहराम मच गया। उन्होंने मॉडर्न पुलिस कंट्रोलरूम को फोन किया, जिसके बाद आई पुलिस छात्रा को ट्रॉमा सेंटर ले गई।
हैवानियत की शिकार छात्रा किसी तरह पैदल घर की तरफ चली। इस दौरान बुरी तरह से खून बहता रहा। उसका सलवार खून से भीग चुका था। छात्रा ने सलवार के ऊपर अपना दुपट्टा बांध लिया लेकिन वह भी कुछ ही देर में खून से लाल हो गया। सड़क से घर तक डेढ़ सौ मीटर के रास्ते पर जहां-जहां उसने कदम रखा, वहां खून फैल गया।
किसी तरह लड़खड़ाते हुए छात्रा मेन रोड से डेढ़ सौ मीटर चलकर अपने घर पहुंची और दरवाजे पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी। दरवाजा खोलते ही छात्रा की मां के होश उड़ गए। चीख-पुकार सुनकर उसके भाई-बहन भी आ गए। उन्हें लगा किसी ने बेटी के पेट में चाकू मार दिया है, इससे खून निकल रहा है।
कार में थे पांच लड़कियां, चार लड़के और एक ड्राइवर था
पुलिस को दिए बयान में छात्रा ने बताया कि उसे चार बदमाशों ने अगवा किया था। गाड़ी के भीतर उसने देखा तो एक ड्राइवर और पांच लड़कियां भी थीं। इसके बाद वह बहोश हो गई। फिर उसके साथ क्या हुआ? इस बारे में उसे कुछ पता नहीं है।
पुलिस ने छात्रा के बयान पर जताया संदेह
हसनगंज पुलिस छात्रा को ट्रॉमा सेंटर से क्वीन मेरी अस्पताल ले गई। यहां रेप की बात सामने आने पर डॉक्टरों ने उसे अवंती बाई अस्पताल ले जाने को कहा। हसनगंज एसओ दिनेश सिंह ने 108 नंबर डॉयल कर एंबुलेंस बुलवाई। करीब एक घंटे इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं आई तो एसओ ने एक टेंपो से छात्रा को अवंती बाई अस्पताल भेजा। यहां छात्रा का उपचार किया जा रहा है।
महिला पुलिस ने दर्ज किए बयान
गैंगरेप की जानकारी मिलते ही पुलिस अफसरों के होश उड़ गए। सीओ महानगर राजेश कुमार श्रीवास्तव को छानबीन के लिए तत्काल मौके पर भेजा गया। सीओ ने बताया कि महिला पुलिसकर्मी ने छात्रा के बयान दर्ज कर लिए हैं। उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। परिवारीजन जो तहरीर देंगे, उस पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
छात्रा की बातों से चकराई पुलिस
छात्रा ने निशातगंज में टेंपो का इंतजार करते वक्त मुंह पर कपड़ा डालकर अगवा करने और यूनिवर्सिटी रोड पर नाले के पास फेंकने की जो बातें कहीं, उससे पुलिस चकरा गई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि भरी दोपहरी निशातगंज जैसी भीड़ वाली सड़क पर ऐसी घटना के बारे में यकीन नहीं हो रहा है।
वहीं एक कार में छात्रा समेत 11 लोगों के होने की बात पर भी पुलिस अचरज में है। सीओ महानगर राजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि छात्रा से मिली जानकारियों की पड़ताल की जा रही है।