लखनऊ: छात्र को टॉयलेट में बंधक बनाकर जानलेवा हमला, चाकू से किए ताबड़तोड़ वार
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लखनऊ के एक स्कूल में टॉयलेट में बंधक बनाकर छात्र पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर जान लेने की कोशिश ने हड़कंप मचा दिया। मामला शहर के अलीगंज स्थित ब्राइटलैंड स्कूल का है।छात्र को टॉयलेट में ले जाकर हाथ-पैर बांध दिए और चाकू से चेहरे, सीने व पेट पर वार कर उसे लहूलुहान कर दिया। चीखने की कोशिश करने पर उसके मुंह पर कपड़ा ठूंस दिया गया। इसके बाद टॉयलेट बंद करके हमलावर भाग गया।
छात्र ने पैरों से दरवाजा खटखटाया तब स्टाफ को घटना की जानकारी मिली। छात्र ने जूनियर सेक्शन की एक छात्रा पर हमले का आरोप लगाया है। अलीगंज इंस्पेक्टर बृजेश सिंह का कहना है कि प्रिंसिपल रचित मानस की तरफ से अज्ञात छात्रा के खिलाफ केस दर्ज करके जांच की जा रही है। दिल दहला देने वाली घटना मंगलवार सुबह की है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि छह वर्षीय छात्र त्रिवेणीनगर इलाके में रहता है। उसके पिता कोर्ट में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। छात्र का कहना है कि प्रार्थनासभा के बाद वह स्कूल के प्रथम तल में गैलरी से कक्षा की तरफ जा रहा था तभी वहां आई जूनियर सेक्शन की छात्रा ने उसका नाम पूछा। नाम बताते ही छात्रा ने उसे दबोच लिया। उसका मुंह दबाकर घसीटते हुए टॉयलेट की तरफ ले गई।
छात्र कुछ समझ पाता इससे पहले ही छात्रा ने अपने दुपट्टे से उसके दोनों हाथ बांध दिए और चाकू निकाल लिया। दहशत में छात्रा चीखा तो उसने मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और चाकू से कई वार किए। छात्र के चेहरे के बायीं तरफ कनपटी से आंख तक, सीने और पेट के बायीं तरफ चाकू से गहरे जख्म आए हैं। उसे मरा समझकर छात्रा बाहर निकली और टॉयलेट के दरवाजे पर कुंडी लगा दी। भीतर बंद छात्र ने किसी तरह पैरों से दरवाजा खटखटाया।
इसी दौरान गैलरी से गुजरे स्कूल के डिसिप्लिन इंचार्ज अमित सिंह ने आवाजें सुनीं तो टॉयलेट की तरफ गए। दरवाजा खोलते ही भीतर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। अमित ने छात्र के हाथ खोलकर तुरंत स्कूल प्रशासन को सूचना दी। आनन-फानन उसे ट्रामा सेंटर ले जाया गया।
बेटे की हालत देखकर परेशान हो गए माता-पिता
उधर, बेटे पर हमले की खबर से परिवारीजनों के होश उड़ गए। घबराए माता-पिता स्कूल पहुंचे तो बेटे की हालत देखकर रोने-पीटने लगे। स्कूल प्रशासन ने किसी तरह उन्हें शांत कराया। डॉक्टरों ने बच्चे की हालत खतरे से बाहर बताई है। इंस्पेक्टर ने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल ने अज्ञात छात्रा पर धारदार हथियार से वार कर घातक चोट पहुंचाने की तहरीर दी थी जिस पर केस दर्ज कर लिया गया है।
जिस गैलरी में छात्र को दबोचा वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं
ब्राइटलैंड स्कूल में जगह-जगह पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस छानबीन के लिए स्कूल पहुंची तो पता चला जिस गैलरी में छात्रा ने मासूम छात्र को दबोचा था, वहां कोई कैमरा नहीं है। इससे छात्रा की पहचान कराने में पेंच फंस गया है। इंस्पेक्टर का कहना है कि पीड़ित छात्र के ठीक होने के बाद छात्रा की पहचान की कवायद की जाएगी। फिलहाल अभी तो छात्र बोलने की स्थिति में नहीं है जिसके चलते उससे हमलावर छात्रा का हुलिया भी नहीं पूछा जा सका है। जरूरत पड़ी तो छात्र को स्कूल ले जाकर जूनियर सेक्शन की कक्षाओं में ले जाकर छात्रा की पहचान कराई जाएगी।
बडे़ भाई से खुन्नस में तो नहीं हुई वारदात
परिवारीजनों ने बताया कि छात्र का बड़ा भाई भी ब्राइटलैंड स्कूल में कक्षा छह का छात्र है। हालांकि, करीब छह महीने पहले उसने स्कूल जाना बंद कर दिया था। परिवारीजनों के पूछने पर वह पेट में दर्द होने की बात कहकर टाल देता था। बातचीत के दौरान इस जानकारी से पुलिस का माथा ठनक गया। पुलिस को शक है कि स्कूल में किसी लड़की से छात्र के बड़े भाई का झगड़ा हुआ होगा जिसकी खुन्नस में उसने छोटे भाई को निशाना बना दिया होगा। आखिर छात्र का बड़ा भाई क्यों स्कूल नहीं जा रहा था? पुलिस इसकी भी छानबीन कर रही है।
बेहोशी में बड़बड़ा रहा छात्र, दहशत में स्कूल जाने से किया इनकार
ट्रामा सेंटर में भर्ती छात्र इतनी दहशत में है कि उसने दोबारा स्कूल जाने से इनकार कर दिया है। छात्र के परिवारीजनों ने बताया कि वह बेहोशी में बड़बड़ाता रहता है। आधी रात को चौंककर जाग जाता है और जोर-जोर से रोने लगता है। उसकी हालत देखकर मां भी रोने लगती है। वह बच्चे को सुरक्षा का अहसास दिलाने के लिए सीने से चिपटा देती है। मासूम छात्र कहता है कि वह अब कभी स्कूल नहीं जाएगा। इस पर मां उसे दोबारा स्कूल न भेजने का वादा करती है।