सौतेली मां ने छह साल की मासूम को जिंदा दफनाया!
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नवरात्र में कन्याएं देवी के रूप में पूजी जाती हैं, लेकिन आगरा के पश्चिमपुरी में काली माता के मंदिर में सौतेली मां ने छह साल की मासूम को गड्ढा खोदकर जिंदा ही दफना दिया।
बुधवार दोपहर पुलिस ने शव निकलवाया। घटना का खुलासा होते ही मंदिर पर सैकड़ों की भीड़ जुट गई। महिलाओं ने खूब हंगामा किया। पुलिस बमुश्किल उन्हें शांत करा पाई।
मूल रूप से चित्रकूट निवासी बुद्धविलास तिवारी सात साल से पश्चिमपुरी स्थित पूर्णमासी कालरात्रि माता मंदिर में पुजारी हैं। उनकी पत्नी गौरा देवी की पांच साल पूर्व मृत्यु हो गई थी।
उससे बेटी सुभिक्षा (6) थी। वह सेंट फ्रांसिस स्कूल में यूकेजी की छात्रा थी। दो साल पूर्व पुजारी ने चित्रकूट की अर्चना तिवारी से विवाह किया। अर्चना के भी सवा साल का बेटा है। बुद्ध विलास 21 सितंबर को वृंदावन गए थे। घर में अर्चना, सुभिक्षा और अर्चना का दस साल का भाई शिवपूजन थे।
खुद महिला ने किया सच का खुलासा
शाम सात बजे बुद्ध विलास लौटे तो सुभिक्षा नहीं दिखी। अर्चना ने बताया कि वह खुद दो घंटे से उसकी तलाश कर रही है पर वह नहीं मिली। पुजारी ने मंदिर परिसर में ही रहने वाले भाई राजेंद्र तिवारी व अन्य लोगों को बेटी के लापता होने की जानकारी दी। थाने में गुमशुदगी लिखाई गई।
तभी से पुलिस भी बच्ची की तलाश कर रही थी। पुजारी के शक जताने पर पुलिस ने अर्चना को हिरासत में लेकर पूछताछ की। अर्चना ने बताया कि उसने सुभिक्षा को मंदिर परिसर में खुदे गड्ढे में हाथ बांधकर और मुंह में कपड़ा ठूंसकर दफना दिया है।
पुलिस ने दोपहर को गड्ढ़ा खोदवाया तो बच्ची का शव मिला। खबर लगते ही सैकड़ों महिलाएं और पुरुष मंदिर पहुंच गए। उनमें आरोपी महिला के प्रति जबर्दस्त गुस्सा था। बाद में भाजपा नेत्री के साथ पहुंची महिलाओं ने मंदिर में हंगामा किया। पुजारी की पिटाई कर डाली।
पुलिस से भी महिलाओं की हाथापाई हुई। एसपी सिटी समीर सौरभ ने बताया कि महिला ने बच्ची को गड्ढे में दबाने की बात कबूल की है। उसके खिलाफ कार्रवाई और अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।