यूपी पुलिस की हैवानियत जान सहम जाएंगे आप, मांगी माफी
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जीपीओ के फुटपाथ पर टाइपराइटर से 'रोजी-रोटी' कमाने वाले 65 साल के कृष्ण कुमार की जिंदगी ने शनिवार को कई रंग देख लिए। दोपहर एक दरोगा की बदसुलूकी ने उनकी जिंदगी भर का सम्मान छीन लिया।
लखनऊ पुलिस के उत्पीड़न का शिकार हुए कृष्ण कुमार की तस्वीरें फेसबुक, ट्विटर और वाट्सअप पर वायरल हो गई औंर सोशल मीडिया पर कृष्ण का सम्मान लौटाने की मुहिम छिड़ गई।
बात जब डीएम राजशेखर तक पहुंची तो उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने ही एसएसपी से बात की, तुरंत सीओ जांच करवाई गई और दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया। देर रात मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी मामले का संज्ञान लिया। डीएम-एसएसपी को कृष्ण की हर संभव मदद करने और दरोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया।
तब रात 10.50 बजे डीएम-एसएसपी कृष्ण कुमार के गोमतीनगर विक्रमखंड स्थित घर पहुंचे और उन्हे नया टाइपराइटर दिया। देर रात सम्मान लौट आने की खुशी में कृष्ण की आंखे भीग गईं।
बुजुर्ग बोला, 'माफ कर दो साहब, माफ कर दो'
हुआ यह था कि शनिवार दोहपर 12 बजे कृष्ण कुमार रोज की तरह टाइपराइटर पर काम कर रहे थे। तभी, वर्दी के मद में चूर सचिवालय चौकी इंचार्ज प्रदीप कुमार वहां पहुंचा। बुजुर्ग कृष्ण कुमार की साइकिल, झोले और टाइपराइटर को अतिक्रमण बताते हुए लात मारी और उसे फेंक दिया।
दरोगा की गुंडई के दौरान मौजूद लोगों और कुछ फोटोग्राफर्स ने यह करतूत कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर डाल दी। कुछ ही देर में यूपी पुलिस की यह बदनुमा तस्वीर फेसबुक, ट्विटर व वाट्स अप पर वायरल हो गई। बुजुर्ग कृष्ण के समर्थन में लाइक्स व कमेंट्स की बाढ़ आ गई।
शाम को दरोगा सस्पेंड
कृष्ण कुमार के साथ बदसुलूकी दोपहर में हुई, पर पुलिस शाम को जागी। वह भी तब जब सोशल मीडिया बुजुर्ग के समर्थन में जुट गया। डीएम के निर्देश पर एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने सीओ हजरतगंज अशोक कुमार वर्मा को जांच के आदेश दिए। शुरूआती जांच में दोषी साबित होने पर एसएसपी ने दरोगा प्रदीप कुमार को सस्पेंड कर दिया।
डीएम-एसएसपी ने बुजुर्ग के घर जाकर मांगी माफी, सौंपा टाइपराइटर
शनिवार रात करीब 11 बजे डीएम राजशेखर और एसएसपी राजेश कुमार पांडेय बुजुर्ग कृष्ण कुमार के घर पहुंचे। हजरतगंज इंस्पेक्टर विजयमल यादव और गोमतीनगर के एसीएम पहले ही वहां पहुंच गए थे। एसएसपी ने कृष्ण कुमार से दरोगा की गलती की माफी मांगी।
उन्होंने कहा कि दरोगा की हरकत पर वे शर्मिंदा हैं। उन्होंने बताया कि दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है। डीएम ने भी बुजुर्ग से माफी मांगी। टाइपराइटर की पैकिंग खोलते हुए उन्होंने कृष्ण कुमार से पूछा, आपका टाइपराइटर ऐसा ही था?
इस पर कृष्ण कुमार ने सिर हिलाकर हामी भरी। इसके बाद दोनों आला अफसरों ने बुजुर्ग को टाइपराइटर सौंप दिया। डीएम ने पूछा, टाइपराइटर से रोजाना आप कितना कमा लेते हैं। कृष्ण कुमार ने बताया कि 50 से 100 रुपये रोज मिल जाते हैं। बुधवार को काम ज्यादा मिलने से आमदनी भी ज्यादा हो जाती है।
मेरी गाड़ी और मोबाइल का नंबर एक, बेहिचक मिला लेना
डीएम ने कृष्ण कुमार से पूछा-मेरी गाड़ी का नंबर जानते हो। उन्होंने कहा -जी 5000 है न। इस पर डीएम ने पूछा- मेरा मोबाइल नंबर क्या है? कृष्ण कुमार के मना करने पर डीएम ने कहा कि मेरा मोबाइल नंबर के अंत में 5000 है, जरूरत पड़ने पर बेहिचक कॉल कर लेना। एसएसपी ने पूछा-मेरा बंगला जानते हो? कृष्ण कुमार ने हां में जवाब दिया। इस पर एसएसपी ने कहा कि कोई समस्या आने पर सीधे बंगले चले आना।
पत्नी ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर जताया संतोष
इस दौरान डीएम-एसएसपी के कृष्ण कुमार के घर पर आने की खबर पाकर मोहल्ले के लोग वहां एकत्र होने लगे। डीएम और एसएसपी ने कृष्ण कुमार से विदा चाही तो उन्होंने रोक लिया।
बोले, पहली बार आए हैं। पानी पीकर जाइए। इस दौरान कृष्ण कुमार की पत्नी उमा और बेटा निखिल भी वहां थे। कृष्ण कुमार ने बताया कि निखिल छोटी सी परचून की दुकान चलाता है। उमा ने सीएम के मामला संज्ञान में लेने और पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर संतोष जताया है।