चाचा ने बेरहमी से दी भतीजी की बलि, निकाला गुर्दा
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प्रेत शक्तियों को हासिल करने के लिए एक चाचा ने अपनी मासूम भतीजी की बृहस्पतिवार रात बलि चढ़ा दी। अंधविश्वासी चाचा ने बच्ची को सोते समय उसकी मां के पास से उठाकर वारदात को अंजाम दिया।
सुबह जब पति-पत्नी ने खोजबीन शुरू की तो गांव के बाहर महिला का देवर भतीजी का शव रखकर बैठा था। हत्या करने के बाद उसने पेट फाड़कर कलेजी व गुर्दा निकाल लिया था। तंत्र साधना करने की तैयारी कर रहा था।
मौके पर ही आरोपी चाचा को दबोच लिया गया। पुलिस ने आरोपी युवक और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है।
मोतीपुर थाना अंतर्गत सर्रा मुंदरी गांव निवासी राकेश कुमार झाड़ फूंक और तंत्र साधना करता है। इधर कुछ दिनों से उसे प्रेत शक्तियों को हासिल करने की सनक सवार थी। इसके चलते वह बलि देने की फिराक में था। राकेश की नजर अपनी मासूम भतीजी पर भी गड़ गई।
सामने का दृश्य देख सकते में आए बच्ची के मां-बाप
बृहस्पतिवार रात 12 बजे के आसपास राकेश भतीजी नीतू को धीरे से सोते समय चारपाई से उठाकर गांव के बाहर ले गया। दो घंटे बाद मां की नींद खुली तो पास में बेटी को न देखकर उसने पति चंद्रिका प्रसाद को आवाज दी।
मां ने समझा कि रात में पति बेटी को अपने पास लेकर सो गए होंगे। लेकिन पति ने बेटी के पास में होने से इनकार किया। इसके बाद दंपति सकते में आ गए। पति-पत्नी बेटी को खोजते हुए भाई राकेश के कमरे की तरफ पहुंचे तो वह भी मौजूद नहीं मिला। इस पर सभी अज्ञात आशंका से सिहर उठे।
बेटी को खोजते हुए पति-पत्नी गांव के बाहर पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर सिहर उठे। चंद्रिका प्रसाद का भाई राकेश बेटी का पेट फाड़कर बैठा हुआ था। उसके कलेजी और गुर्दे को बाहर निकाल लिया था।
तंत्र साधना की तैयारी कर रहा था। इस पर दंपती बिलख उठे। चीख पुकार सुनकर गांव के लोग भी दौड़ पड़े। मौके पर राकेश को दबोच लिया गया। (फोटो में-शव का पोस्टमार्टम कराने आया पिता व ग्रामीण।)