पिता ने पहले दी बेटी की बलि फिर रात भर लाश पर नाचता रहा
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कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र के जमौरा गांव में शनिवार रात एक पिता ने तंत्रमंत्र के चक्कर में अपनी नौ साल की मासूम बेटी की हथौड़ा व हैंडपंप के हत्थे से कूंचकर बलि दे दी। बरछी से भी उसके शरीर को गोदा।
इस वारदात को अंजाम देने के बाद पिता कमरा अंदर से बंद कर बेटी की लाश पर नाचता रहा। उस वक्त पत्नी और अन्य बच्चे पड़ोस में गए हुए थे। वे लौटे तो वारदात का पता चला। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।
जमौरा गांव में गिरजेश पाल अपनी पत्नी सुनीता और तीन बच्चों अंकित, अमन और खुशी के साथ रहता है। शनिवार रात नौ बजे के करीब गिरजेश अपनी बेटी खुशी को लेकर कमरे में सोने चला गया।
सुनीता ने बताया कि गिरजेश आए दिन तंत्रमंत्र के चक्कर में पड़ा रहता था और कोई उसका तांत्रिक गुरु भी था। शनिवार रात आठ बजे भी उसने पत्नी के साथ मारपीट की थी और बाद में बेटी को लेकर अंदर पूजा के कमरे में सोने चला गया।
खून से लथपथ दिखी बेटी की लाश
इसके बाद पत्नी और दोनों बेटे पड़ोस में रहने वाले चाचा के घर चले गए। आधे घंटे बाद बड़ा बेटा अमन घर लौटा और दरवाजे के छेद से झांका तो खून से लथपथ खुशी की लाश दिखी। गिरजेश अपनी बेटी की लाश पर नाच रहा था और सिर से लेकर पैर तक खून से सना था।
लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो वह हाथ में बरछी लेकर सबको डराने लगा। बाद में लोगों ने उस पर पत्थर मारे तो वह काबू में आया। एसओ जयप्रकाश यादव ने बताया कि पत्नी की तहरीर पर आरोपी गिरजेश को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कक्षा दो में पढ़ती थी खुशी
सुनीता ने बताया कि बेटी खुशी पड़ोस के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो में पढ़ती थी। शनिवार रात गांव में मंदिर पर जाकर खुशी ने जन्माष्टमी का प्रसाद दिलाने के लिए मुझसे कहा था। लेकिन हत्यारे ने उसे पहले ही मार ही डाला।