बिल्डिंग की पांचवी मंजिल से गिरी युवती, मौत
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कैसरबाग में रतन स्कवॉयर बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल से सोमवार शाम एक युवती रहस्यमय परिस्थितियों में गिर गई। आसपास तैनात सिक्योरिटी गार्डों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने युवती को सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवती के परिवारीजन ने इस मामले एक युवक पर हत्या का आरोप लगाया है। तीन माह की सैलरी को लेकर युवती का उस युवक से काफी दिनों से विवाद चल रहा था।
इस मामले में कैसरबाग पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। आरोपी युवक समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
सीओ कैसरबाग राजेश श्रीवास्तव, एसओ कैसरबाग समेत कई पुलिस अधिकारियों ने रतन स्कवॉयर बिल्डिंग में जाकर जांच-पड़ताल की। हालांकि देर रात तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी।
पैसे के लिए युवक पर धक्का देने का आरोप
आलमबाग के न्यू सरदारीखेड़ा निवासी राम मूर्ति वर्मा की बेटी मोना वर्मा उर्फ चांदनी (24) ने रतन स्कवॉयर बिल्डिंग में स्थित भारती एक्सा इंश्योरेंस कंपनी में बीमा एजेंट के तौर पर 23 अप्रैल को जॉइन किया था।
इससे पहले वह जिस कंपनी में काम कर रही थी, वहां से उसे तीन महीने से सैलरी नहीं मिली थी। इसको लेकर उमेश नाम के युवक से उसका कई दिनों से विवाद चल रहा था।
उमेश पर बिल्डिंग से धक्का देने का आरोप
मोना की बहन शशि ने बताया कि उमेश ने ही दोपहर में उसके घर पर फोन कर मोना से बात करवाने को कहा। तब मोना ऑफिस जा चुकी थी, लिहाजा वह उससे बात नहीं करवा सकी। इसके बाद उमेश ने मोना का मोबाइल नंबर भी मांगा था।
परिवार वालों ने बताया कि शाम को पुलिस ने फोन करके बताया कि मोना रतन स्कवॉयर बिल्डिंग के पांचवे फ्लोर के जीने से गिर पड़ी है। साथ ही पता चला कि पांचवे फ्लोर पर ही उमेश नाम के एक लड़के संग उसका झगड़ा हो रहा था। घर वालों का आरोप है कि उसी लड़के ने मोना को धक्का दिया।
मेहनत की कमाई छोड़ने को तैयार नहीं थी
गुरुनानक गर्ल्स डिग्री कॉलेज में बीकॉम पास करने के बाद मोना ने कभी घर बैठना उचित नहीं समझा। उसने कई जगह नौकरी की तलाश की। रतन स्कवॉयर बिल्डिंग में चतुर्थ तल पर उसे छह हजार रुपये प्रति माह पर नौकरी मिली। उसने वहां मन लगाकर काम किया, लेकिन तीन महीने की सैलरी उसे नहीं दी गई।
आरोप है कि वहीं के कर्मचारी उमेश की वजह से ही उसकी सैलरी नहीं मिली थी। बहन शशि ने उससे कई बाद यह रुपये छोड़ देने की बात कही लेकिन उसने हर बार अपनी मेहनत की कमाई न छोड़ने की बात कही।
बहादुर थी मोना, सुसाइड नहीं कर सकती
मोना के भाई व नगर निगम में चालक भाई अमित ने बताया कि मोना काफी बहादुर थी। वह खुदकुशी करने की सोच भी नहीं सकती। खुद मोना ने दोपहर में ही कहा था कि वह अपनी सैलरी वापस लेकर ही मानेगी तो ऐसे में सुसाइड करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
पुलिस अधिकारियों से भी उसने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उसने कई बार उमेश से झगड़ा किया लेकिन वह सैलरी दिलवाने को लेकर तैयार नहीं था। 18 हजार रुपये के लिये वह काफी परेशान थी।
चश्मदीद तलाश में आई दिक्कत
घटना के बाद रतन स्कवॉयर में सन्नाटा पसर गया। इससे पुलिस को घटना का चश्मदीद तक तलाशने में दिक्कत हुई। कोई भी इस मामले में कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ।
जिस दफ्तर में मोना काम करती थी, वहां के कर्मचारी सबसे पहले भाग खड़े हुए। सीओ कैसरबाग और एएसपी सिटी पश्चिमी ने मंगलवार को दफ्तर खुलने के बाद पूछताछ करने की बात कही है।
मामले पर एएसपी पश्चिमी अजय कुमार मिश्रा का कहना है कि रतन स्कवॉयर के पांचवे तल से युवती के गिरने की जांच-पड़ताल की जा रही है। उसे धक्का दिया गया या फिर वह कूदी है, यह अभी साफ नहीं है। उसके पास से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। इस मामले में परिवारवालों ने एक युवक से सैलरी का विवाद बताया है।