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नहीं पता, किसने निकाल लिए एक लाख रुपये?
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 02 Aug 2014 09:17 AM IST
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मुरादाबाद में खाद्य उपायुक्त डीसी मिश्रा के अकाउंट से शातिरों ने 1,10,000 रुपये निकाल लिए।
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जानकारी पर खाद्य उपायुक्त ने हजरतगंज कोतवाली में एक महिला सहित यूनियन बैंक के कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
उन्होंने आशंका जताई है कि शातिरों ने फर्जी चेक से रुपये निकाले हैं। खाद्य उपायुक्त ने बताया कि उनका अकाउंट राजभवन चौराहा पर स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ब्रांच में है।
बीते दिनों राजधानी आने पर वह रुपये निकालने बैंक पहुंचे। यहां अकाउंट में मात्र तीन हजार रुपये होने की जानकारी से उनके होश उड़ गए।
खाद्य उपायुक्त ने बैंक में छानबीन की तो पता चला कि चेक के जरिए क्षमता तिवारी नाम की महिला को 1,10,000 रुपये दिए गए हैं।
बैंक अफसरों ने बताया कि 16 जून को जारी चेक का भुगतान 26 जून को हुआ है।
खाद्य उपायुक्त का कहना है कि वह अपने इस अकाउंट का बहुत कम उपयोग करते हैं। उन्होंने बताया कि अकाउंट में 1,30,000 रुपये थे।
करीब एक साल पहले उन्होंने 17,000 रुपये निकाले थे। इसके बाद से इस अकाउंट से कोई लेन-देन नहीं हुआ।
उन्होंने आशंका जताई है कि शातिरों ने फर्जी चेक से रुपये निकाले हैं। उन्होंने कहा कि चेक कैश होने के पीछे बैंक के अफसर और कर्मचारी भी शामिल हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि 50,000 रुपये से ज्यादा की चेक कैश करने पर बैंक अपने खाताधारक का पैन कार्ड और आईडी मांगता है। जब चेक कैश की गई तो बैंक ने यह दस्तावेज नहीं मांगे।
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इससे स्पष्ट है कि बैंक के अफसरों-कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना चेक कैश नहीं हुई है।
खाद्य उपायुक्त ने बताया कि उनकी चेकबुक से एक चेक गायब है। हो सकता है कि फर्जीवाड़े में उसी चेक का इस्तेमाल किया गया हो।