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आयोग ने महिला सिपाही की मौत के लिया संज्ञान
Updated Thu, 04 Oct 2018 12:36 AM IST
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आयोग ने महिला आरक्षी की आत्महत्या का लिया संज्ञान
लखनऊ। अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग ने बाराबंकी में महिला सिपाही मोनिका रावत की मौत के मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए जिले के पुलिस अफसरों से जानकारी तलब की है।
आयोग अध्यक्ष बृजलाल ने बताया कि, महिला सिपाही के सुसाइड नोट पर उन्होंने बाराबंकी के एसपी से कई बिंदुओं पर जानकारी तलब करते हुए आवश्यक निर्देश दिए हैं।
आयोग अध्यक्ष ने एसपी बाराबंकी से कहा है कि, वे चार अक्तूबर तक यह जानकारी दें कि आरक्षी मोनिका रावत वहां कब से तैनात थी और सीसीटीएनएस में उसकी क्या भूमिका थी। वहां तैनाती के बाद उसकी ड्यूटी किस आधार पर लगाई जाती थी।
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उसने कितने दिन सीसीटीएनएस में ड्यूटी की और कितने दिन अवकाश लिया। उसे कितने दिन का अवकाश स्वीकृत किया गया। अध्यक्ष ने एसपी बाराबंकी से छह बिंदुओं पर जानकारी देने को कहा है।
इसके साथ ही ये निर्देश दिए हैं कि इस मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच के किसी राजपत्रित अधिकारी के पर्यवेक्षण में कराई जाए। ये भी निर्देश दिए हैं कि, विवेचना में दक्ष निरीक्षक को साथ में लगाया जाए।
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लखनऊ। अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग ने बाराबंकी में महिला सिपाही मोनिका रावत की मौत के मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए जिले के पुलिस अफसरों से जानकारी तलब की है।
आयोग अध्यक्ष बृजलाल ने बताया कि, महिला सिपाही के सुसाइड नोट पर उन्होंने बाराबंकी के एसपी से कई बिंदुओं पर जानकारी तलब करते हुए आवश्यक निर्देश दिए हैं।
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आयोग अध्यक्ष ने एसपी बाराबंकी से कहा है कि, वे चार अक्तूबर तक यह जानकारी दें कि आरक्षी मोनिका रावत वहां कब से तैनात थी और सीसीटीएनएस में उसकी क्या भूमिका थी। वहां तैनाती के बाद उसकी ड्यूटी किस आधार पर लगाई जाती थी।
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उसने कितने दिन सीसीटीएनएस में ड्यूटी की और कितने दिन अवकाश लिया। उसे कितने दिन का अवकाश स्वीकृत किया गया। अध्यक्ष ने एसपी बाराबंकी से छह बिंदुओं पर जानकारी देने को कहा है।
इसके साथ ही ये निर्देश दिए हैं कि इस मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच के किसी राजपत्रित अधिकारी के पर्यवेक्षण में कराई जाए। ये भी निर्देश दिए हैं कि, विवेचना में दक्ष निरीक्षक को साथ में लगाया जाए।