{"_id":"5c27c9acbdec2256b262ea0c","slug":"111546111404-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मदरसा फर्जी मार्कशीट मामले में अज्ञात के नाम मामला दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मदरसा फर्जी मार्कशीट मामले में अज्ञात के नाम मामला दर्ज
Sun, 30 Dec 2018 12:53 AM IST
MANISH sachan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: MANISH sachan
Updated Sun, 30 Dec 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
मदरसा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मदरसा बोर्ड के फर्जी अंकपत्र से पासपोर्ट बनवाने के मामले में हजरतगंज थाने में शनिवार को अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार ने एक माह पहले पुलिस से इस मामले की शिकायत की थी।
विज्ञापन
बरेली पासपोर्ट कार्यालय में नवंबर में मदरसा बोर्ड के 52 फर्जी अंकपत्रों का मामला सामने आया था। इस पर पासपोर्ट कार्यालय बरेली ने उप्र. मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार शेषनाथ पांडेय को जांच के लिए अंकपत्र भेजे। जांच में मुंशी मौलवी के उक्त सभी 52 अंकपत्र फर्जी पाए गए थे।
विज्ञापन
रजिस्ट्रार शेषनाथ पांडेय ने बताया कि इस मामले में बरेली पासपोर्ट कार्यालय के मोहम्मद नसीम से जानकारी ली गई। नसीम ने वॉट्सएप के माध्यम से जो दस्तावेज उपलब्ध कराए, उसेडिस्पैच संख्या 1109 पर वास्तविक रूप से जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आजमगढ़ को चार अक्तूबर को भेजा गया था।
विज्ञापन
पत्र के साथ संलग्न अंकपत्रों का सत्यापन किया गया। सभी 52 अंकपत्रों पर मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार के जाली हस्ताक्षर के साथ जाली मुहर का प्रयोग किया गया था। इसकी जांच को लेकर नवंबर में ही हजरतगंज थाने में आवेदन किया था। उधर, हजरतगंज थाना पुलिस का कहना है कि मदरसा परिषद के रजिस्ट्रार की शिकायत पर शनिवार शाम मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
52 में कोई मास्टर माइंड है दोषी
मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार ने बताया कि इस मामले में 52 लोगों के फर्जी अंकपत्रों के आधार पर सभी को दोषी कहना सही नहीं है। इस मामले में कोई न कोई मास्टर माइंड है जो धन उगाही के लिए ऐसे लोगों के नाम का इस्तेमाल कर रहा है जिनका इससे संबंध ही नहीं है। यह जांच का विषय है। जांच के बाद दोषी सामने आएगा।