फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   crime increases in uttar pradesh

यूपी की अजब कहानी, पुलिस वाले ही अपराधी!

Sat, 21 Jun 2014 10:51 AM IST
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 21 Jun 2014 10:51 AM IST
विज्ञापन
crime increases in uttar pradesh

यूपी में हत्या, रेप और डकैती की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। इसका कारण कहीं न कहीं खुद कानून ही है। अखिलेश सरकार में कानून तोड़ने वालों को ही कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी दे दी गई है।

विज्ञापन


सिर्फ लखनऊ मंडल में दो साल या इससे ऊपर की सजा वाले मामलों में आरोपी 127 पुलिस वाले थानों पर तैनात हैं। इनके अलावा भी ऐसे ही 47 पुलिसकर्मियों से अन्य काम लिया जा रहा है।
विज्ञापन


कानपुर मंडल में ऐसे 14 कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। कानपुर में तो छह पुलिस वाले अब भी जेल में बंद हैं।

यह जानकारी विधान परिषद में अरविंद त्रिपाठी उर्फ गुड्डू के सवाल के जवाब में सरकार की तरफ से दी गई।

यूपी में 30 फीसदी बढ़ी रेप की घटनाएं

crime increases in uttar pradesh

सरकार भले ही सार्वजनिक रूप से कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण का दावा कर रही हो लेकिन सूबे में आपराधिक घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी जारी है।

पिछले वर्ष की तुलना में इस साल जनवरी से मार्च के बीच बलात्कार की घटनाओं में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।

आम लोगों की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस खुद अपनी सुरक्षा नहीं कर पा रही है। खुद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को विधान परिषद में लिखित जवाब में यह तथ्य स्वीकार किया है।

इस तरह बढ़े अपराध

crime increases in uttar pradesh

कांग्रेस के नसीब पठान के सवाल पर मुख्यमंत्री की ओर से आए जवाब में बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस साल बलात्कार में 30, हत्या में 10, डकैती में 9 और लूट में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस साल जनवरी से मार्च तक 1209 हत्याएं, 51 डकैती, 736 बलात्कार और 783 लूट की घटनाएं घटीं।

थम नहीं रहे थानों पर हमले--भाजपा के हृदयनारायण दीक्षित के सवाल पर मुख्यमंत्री की तरफ से लिखित उत्तर में बताया गया कि इसी वर्ष जनवरी से लेकर मई तक थानों पर सात हमले और पुलिस चौकियों पर 10 हमले हुए थे।

वर्ष 2012 में थानों पर हमले की 8 घटनाएं घटी थीं तो 2013 में 23 घटनाएं घटीं। इस वर्ष मई तक 7 घटनाएं घट चुकी हैं। पुलिस चौकी पर हमले की 2012 में 12, 2013  में 9 घटनाएं घटी थीं तो इस बार मई तक ही 10 घटनाएं हो चुकी हैं।

पुलिस पर हमले की 2012 में 165 और 2013 में 242 घटनाएं हुई थीं। इस बार मई तक ही 60 घटनाएं घट चुकी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed