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Lucknow News: ऋषभ हत्याकांड की जांच करेगी क्राइम ब्रांच
Mon, 02 Dec 2024 07:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 02 Dec 2024 07:54 PM IST
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लखनऊ। गुडंबा में 10 जुलाई को प्लाॅट में मिले फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी गोरखपुर निवासी ऋषभ पांडेय उर्फ कन्हैया (28) की मौत मामले की जांच क्राइम ब्रांच करेगी। गुडंबा पुलिस पर जांच में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के बड़े भाई राहुल ने जेसीपी अपराध से मुलाकात की थी। परिजनों ने जांच दूसरी एजेंसी से करवाने का अनुरोध किया था।
गोरखपुर के पडौली गांव निवासी ऋषभ गुड़गांव में एक फाइनेंस कंपनी में काम करते थे। 10 जुलाई को उनका शव गुडंबा में जाहिरापुर स्थित गोल्डन सिटी के पास खाली प्लाॅट में मिला था। मृतक के बड़े भाई राहुल ने दो भाइयों अमन श्रीवास्तव व विपुल श्रीवास्तव व विकास त्रिपाठी उर्फ डेविड के खिलाफ धमकी, हत्या और साक्ष्य छुपाने का आरोप लगाते हुए गुडंबा थाने पर केस दर्ज कराया था। ऋषभ के साथ अमन और विपुल भी गुड़गांव में काम करते थे।
राहुल का आरोप था कि दोनों भाइयों ने ऋषभ से विवाद के बाद मां और बहन को फोन कर धमकी दी थी। 12 जुलाई को बहन की गोद भराई थी। इसमें शामिल होने के लिए भाई गुड़गांव से निकला था। सात जुलाई को रात आठ बजे उसने घरवालों से फोन पर बात की थी। नौ जुलाई से ऋषभ का फोन बंद था। उसके सिर के पीछे और कान के पास गहरे चोट के निशान मिले थे।
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गुडंबा पुलिस पर जांच में लापरवाही का आरोप
राहुल ने गुडंबा पुलिस पर जांच में शुरुआत से लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। शव मिलने पर फोरेंसिक टीम को नहीं बुलाया गया। फुटेज में जाते समय ऋषभ के पीठ पर बैग दिख रहा है, जो घटनास्थल पर नहीं मिला। पुलिस के पास इसका कोई जवाब नहीं था। इंस्पेक्टर गुडंबा प्रभातेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मुकदमा क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दिया गया है।
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गोरखपुर के पडौली गांव निवासी ऋषभ गुड़गांव में एक फाइनेंस कंपनी में काम करते थे। 10 जुलाई को उनका शव गुडंबा में जाहिरापुर स्थित गोल्डन सिटी के पास खाली प्लाॅट में मिला था। मृतक के बड़े भाई राहुल ने दो भाइयों अमन श्रीवास्तव व विपुल श्रीवास्तव व विकास त्रिपाठी उर्फ डेविड के खिलाफ धमकी, हत्या और साक्ष्य छुपाने का आरोप लगाते हुए गुडंबा थाने पर केस दर्ज कराया था। ऋषभ के साथ अमन और विपुल भी गुड़गांव में काम करते थे।
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राहुल का आरोप था कि दोनों भाइयों ने ऋषभ से विवाद के बाद मां और बहन को फोन कर धमकी दी थी। 12 जुलाई को बहन की गोद भराई थी। इसमें शामिल होने के लिए भाई गुड़गांव से निकला था। सात जुलाई को रात आठ बजे उसने घरवालों से फोन पर बात की थी। नौ जुलाई से ऋषभ का फोन बंद था। उसके सिर के पीछे और कान के पास गहरे चोट के निशान मिले थे।
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गुडंबा पुलिस पर जांच में लापरवाही का आरोप
राहुल ने गुडंबा पुलिस पर जांच में शुरुआत से लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। शव मिलने पर फोरेंसिक टीम को नहीं बुलाया गया। फुटेज में जाते समय ऋषभ के पीठ पर बैग दिख रहा है, जो घटनास्थल पर नहीं मिला। पुलिस के पास इसका कोई जवाब नहीं था। इंस्पेक्टर गुडंबा प्रभातेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मुकदमा क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दिया गया है।