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नेहरू की विरासत पर बैटिंग करेंगे कैफ
अखिलेश वाजपेयी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 10 Mar 2014 12:01 PM IST
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जिस फूलपुर ने आजादी के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को चुनकर भेजा, बदलते समीकरण में कांग्रेस को नेहरू की विरासत संभालने की सबसे ज्यादा योग्यता क्रिकेटर मोहम्मद कैफ में दिखी।
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क्रिकेट के मैदान में अपनी फील्डिंग के लिए पहचाने जाने वाले कैफ राजनीति के मैदान में कैसी फील्डिंग करेंगे, यह तो वक्त ही बताएगा।
लेकिन यह तो साबित हो ही गई कि वंशवाद जैसी विसंगति को विरासत की धरोहर बताने वाली कांग्रेस को इस सीट के लिए कोई योग्य राजनीतिक चेहरा नहीं मिला।
कैफ को इस उम्मीद के साथ उतारना पड़ा कि वोटों का ध्रुवीकरण कर जीत का रास्ता तलाशा जाए। फूलपुर में 1984 के बाद कांग्रेस कभी नहीं जीत सकी है।
कैफ अपनी बैटिंग और फील्डिंग से नेहरू की विरासत की पिच पर कांग्रेस को विजय दिला पाएंगे या नहीं, इस पर अभी सिर्फ कयास ही लगाए जा सकते हैं।
हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कैफ को उतारने की वजह सिर्फ उनका खिलाड़ी होना नहीं है बल्कि मुस्लिम होना भी है।
भाजपा विधायक केशव प्रसाद मौर्या के चलते पिछले एक साल से इस इलाके में जिस तरह का ध्रुवीकरण दिख रहा है, कांग्रेस भी कैफ के चेहरे के जरिये मुसलमानों को लामबंद करने की कोशिश में जुट गई है।
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किसी नेता के साथ नहीं बंधी फूलपूर
1952 से अभी तक फूलपुर की सीट ने तरह-तरह के राजनीतिक रंग दिखाए। न तो किसी नेता के साथ बंधी और न कभी किसी विशेष विचारधारा के साथ।
शुरू में तीन बार नेहरू, फिर 1967 में नेहरू की बहन विजय लक्ष्मी पंडित और 1971 में विश्वनाथ प्रताप सिंह के रूप में कांग्रेस को मजबूती देने वाले फूलपुर के लोग आपातकाल के बाद हुए चुनाव।
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सूबे के अन्य इलाकों की तरह कांग्रेस के विरोध में खड़े हो गए और हेमवती नंदन बहुगुणा की पत्नी कमला बहुगुणा को चुनकर जनता पार्टी को यहां एंट्री दे दी।
यह दौर भी देखा फूलपुर ने
इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए चुनाव में लोगों ने रामपूजन पटेल के रूप में कांग्रेस का झंडा फिर फहरा दिया। लेकिन पटेल जब पार्टी बदलकर जनता दल में आ गए तो फूलपुर के लोग भी जनता दल के पाले में खड़े हो गए।
2004 में सपा ने बाहुबली अतीक अहमद को मैदान में उतारकर दबंगई के सहारे सियासी बाजी जीतने का सफल प्रयोग किया। बसपा ने भी इस पंरपरा को आगे बढ़ाया और कपिल मुनि करवरिया 2009 में सांसद चुने गए।