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कोविड प्रोटोकॉल और वैक्सनी ही बचाएंगे ओमिक्रॉन से
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कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से डरने से ज्यादा सावधान होने की आवश्यकता है। कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कर और वैक्सीन के दोनों डोज लगवाने से इससे बचा जा सकता है।
अब तक का यह सबसे ज्यादा आक्रामक वायरस है, लेकिन अभी तक के अध्ययन में इससे मृत्यु दर काफी कम मिली है।
भारत समेत दुनियाभर के वैज्ञानिक इस पर शोध व अध्ययन में जुट गए हैं। तीसरी लहर आने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन हम अनुशासित रहकर इसे रोक सकते हैं।
यह जानकारी दी सीडीआरआई के पूर्व निदेशक डॉ. वीपी कंबोज ने। वे मंगलवार को सीडीआरआई में इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल 2021 के अंतर्गत आयोजित आउटरीच कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि स्कूली छात्रों और शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर विज्ञान के विभिन्न विषयों को लेकर वाद-विवाद, चित्रकला और मॉडल प्रदर्शनी की प्रतियोगिताएं हुईं।
पूर्व निदेशक डॉ. वीपी कंबोज ने कहा कि दूसरे देशों में काफी कम जनसंख्या ने वैक्सीन लगवाई है, जबकि अपने देश में टीकाकरण का आंकड़ा सबसे ज्यादा है।
इसलिए दूसरे देशों में कोरोना अभी तक आक्रामक और घातक बना हुआ है। उन्होंने बताया कि यह कहना गलत है कि यह वैक्सीन को रिस्पॉन्ड नहीं करेगा।
वैक्सीन इस पर भी असरदार रहेगा, हमें चाहिए दोनों डोज लगवा लें। वैक्सीन लगवाने वाले भले ही संक्रमित हो जाएं, लेकिन उनमें वायरस घातक रूप नहीं लेगा।
अब बच्चों की वैक्सीन की आवश्यकता
डॉ. वीपी कंबोज ने बताया कि अब बच्चों के लिए वैक्सीन जल्द उपलब्ध करवाने की आवश्यकता है। बूस्टर डोज के बारे में उन्होंने बताया कि यह उन लोगों के लिए ज्यादा जरूरी है जिनका एंटीबॉडी का स्तर काफी कम है। कहा कि अपना देश ऐसे वायरस से लड़ने में ज्यादा सक्षम हो गया है। पहले आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए लैब थी, अब चार हजार से ज्यादा लैब हैं। एक लाख से ज्यादा जिनोम सिक्वेंसिंग हो गई हैं। अपना देश दुनिया में तीसरा बड़ा दवाओं की सप्लाई करने वाला देश है, और सबसे सस्ती दवाएं मिलती हैं। आज हम 130 देशों को वैक्सीन आपूर्ति कर रहे हैं। इस अवसर पर प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. अरविंद माथुर ने रिमोट सेंसिंग और विज्ञान भारती के क्रियाकलापों के बारे में बताया।
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खुश व हताश रहने के पीछे जिम्मेदार हॉर्मोन के बारे में बताया
दूसरे सत्र में वैज्ञानिक डॉ. रितु त्रिवेदी ने खुश व हताश रहने के पीछे के कारकों व हॉर्मोन के बारे में बताया। प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. आमीर नाजिर ने कोरोना, लॉकडाउन और ऑनलाइन गतिविधियों से स्कूली छात्रों के प्रभाव पर चर्चा की। डॉ. चंद्र भूषण त्रिपाठी ने रसायनों व दवाइयों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में सीडीआरआई के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. पीपी यादव, प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. संजीव यादव मौजूद रहे।
प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
इस अवसर पर मास वैक्सीनेशन विषय और आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस पर वाद विवाद, कूड़ा प्रबंधन व प्रदूषण विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें डीपीएस जानकीपुरम, जयपुरिया स्कूल बंसल कैंपस और सीएमएस चौक व अलीगंज के छात्रों ने प्रतिभाग किया। छात्रों ने वैज्ञानिकों से प्रश्न पूछ कर जिज्ञासा को शांत किया।
विदेश से आने वाले संक्रमितों के लिए लोकबंधु में 20 बेड रिजर्व
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की आशंका में स्वास्थ्य विभाग ने लोकबंधु अस्पताल में 20 बेड रिजर्व किए हैं। विदेश से आने वाले यात्रियों में किसी के संक्रमित मिलने पर उसे यहां भर्ती किया जाएगा। साथ ही एयरपोर्ट पर टेस्टिंग बढ़ा दी गई है। सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने बताया कि लोकबंधु में 20 बेड रिजर्व किए गए हैं। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति किसी अन्य के संपर्क में नहीं आएंगे। लोकबंधु के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि सीएमओ के निर्देश पर ग्राउंड फ्लोर पर क्वारंटीन वार्ड बनाया गया है। यहां पॉजिटिव मरीज रखे जाएंगे। जरूरत पड़ने पर बेडों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इमरजेंसी व ओपीडी समेत ओपीडी की सुविधा पहले की तरह मिलती रहेंगीं।
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अब तक का यह सबसे ज्यादा आक्रामक वायरस है, लेकिन अभी तक के अध्ययन में इससे मृत्यु दर काफी कम मिली है।
भारत समेत दुनियाभर के वैज्ञानिक इस पर शोध व अध्ययन में जुट गए हैं। तीसरी लहर आने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन हम अनुशासित रहकर इसे रोक सकते हैं।
यह जानकारी दी सीडीआरआई के पूर्व निदेशक डॉ. वीपी कंबोज ने। वे मंगलवार को सीडीआरआई में इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल 2021 के अंतर्गत आयोजित आउटरीच कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि स्कूली छात्रों और शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे।
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इस अवसर पर विज्ञान के विभिन्न विषयों को लेकर वाद-विवाद, चित्रकला और मॉडल प्रदर्शनी की प्रतियोगिताएं हुईं।
पूर्व निदेशक डॉ. वीपी कंबोज ने कहा कि दूसरे देशों में काफी कम जनसंख्या ने वैक्सीन लगवाई है, जबकि अपने देश में टीकाकरण का आंकड़ा सबसे ज्यादा है।
इसलिए दूसरे देशों में कोरोना अभी तक आक्रामक और घातक बना हुआ है। उन्होंने बताया कि यह कहना गलत है कि यह वैक्सीन को रिस्पॉन्ड नहीं करेगा।
वैक्सीन इस पर भी असरदार रहेगा, हमें चाहिए दोनों डोज लगवा लें। वैक्सीन लगवाने वाले भले ही संक्रमित हो जाएं, लेकिन उनमें वायरस घातक रूप नहीं लेगा।
अब बच्चों की वैक्सीन की आवश्यकता
डॉ. वीपी कंबोज ने बताया कि अब बच्चों के लिए वैक्सीन जल्द उपलब्ध करवाने की आवश्यकता है। बूस्टर डोज के बारे में उन्होंने बताया कि यह उन लोगों के लिए ज्यादा जरूरी है जिनका एंटीबॉडी का स्तर काफी कम है। कहा कि अपना देश ऐसे वायरस से लड़ने में ज्यादा सक्षम हो गया है। पहले आरटीपीसीआर टेस्ट के लिए लैब थी, अब चार हजार से ज्यादा लैब हैं। एक लाख से ज्यादा जिनोम सिक्वेंसिंग हो गई हैं। अपना देश दुनिया में तीसरा बड़ा दवाओं की सप्लाई करने वाला देश है, और सबसे सस्ती दवाएं मिलती हैं। आज हम 130 देशों को वैक्सीन आपूर्ति कर रहे हैं। इस अवसर पर प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. अरविंद माथुर ने रिमोट सेंसिंग और विज्ञान भारती के क्रियाकलापों के बारे में बताया।
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खुश व हताश रहने के पीछे जिम्मेदार हॉर्मोन के बारे में बताया
दूसरे सत्र में वैज्ञानिक डॉ. रितु त्रिवेदी ने खुश व हताश रहने के पीछे के कारकों व हॉर्मोन के बारे में बताया। प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. आमीर नाजिर ने कोरोना, लॉकडाउन और ऑनलाइन गतिविधियों से स्कूली छात्रों के प्रभाव पर चर्चा की। डॉ. चंद्र भूषण त्रिपाठी ने रसायनों व दवाइयों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में सीडीआरआई के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. पीपी यादव, प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. संजीव यादव मौजूद रहे।
प्रतियोगिता में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
इस अवसर पर मास वैक्सीनेशन विषय और आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस पर वाद विवाद, कूड़ा प्रबंधन व प्रदूषण विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें डीपीएस जानकीपुरम, जयपुरिया स्कूल बंसल कैंपस और सीएमएस चौक व अलीगंज के छात्रों ने प्रतिभाग किया। छात्रों ने वैज्ञानिकों से प्रश्न पूछ कर जिज्ञासा को शांत किया।
विदेश से आने वाले संक्रमितों के लिए लोकबंधु में 20 बेड रिजर्व
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की आशंका में स्वास्थ्य विभाग ने लोकबंधु अस्पताल में 20 बेड रिजर्व किए हैं। विदेश से आने वाले यात्रियों में किसी के संक्रमित मिलने पर उसे यहां भर्ती किया जाएगा। साथ ही एयरपोर्ट पर टेस्टिंग बढ़ा दी गई है। सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने बताया कि लोकबंधु में 20 बेड रिजर्व किए गए हैं। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति किसी अन्य के संपर्क में नहीं आएंगे। लोकबंधु के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि सीएमओ के निर्देश पर ग्राउंड फ्लोर पर क्वारंटीन वार्ड बनाया गया है। यहां पॉजिटिव मरीज रखे जाएंगे। जरूरत पड़ने पर बेडों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इमरजेंसी व ओपीडी समेत ओपीडी की सुविधा पहले की तरह मिलती रहेंगीं।