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कोविड मरीजों को साइकोलॉजिकल थेरेपी की जरूरत, कोरोना को मात देने वाले डॉक्टर की सलाह का पीएमओ ने लिया संज्ञान

Tue, 18 May 2021 01:19 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 18 May 2021 01:19 AM IST
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covid patients need psychological therapy
कोरोना से बड़े भाई की मौत और माता-पिता के अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉ. नीरज मिश्रा खुद संक्रमित हो गए। इस दौरान उनके मन में कई बार आत्महत्या के भी ख्याल आए, लेकिन अगले ही पल उन्होंने खुद को संभाला और वायरस को मात दे दी। इस दरमियान उन्होंने अपने अनुभव ट्विटर पर साझा किए तो पीएमओ ने संज्ञान लिया और एक अधिकारी ने फोन कर उनसे बातचीत की।
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डॉ. नीरज ने बताया कि कोविड के इलाज के दौरान मनोचिकित्सक की सलाह बेहद जरूरी है। फिलहाल वह पीएमओ के लिए ड्राफ्ट तैयार करने में जुटे हैं और वार्ड से ही मरीजों को सलाह भी दे रहे हैं। करीब 25 दिन पहले उनका पूरा परिवार संक्रमित हो गया था। लेकिन दुखद यह रहा कि भाई को नहीं बचा पाए। भाई का अंतिम संस्कार करने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई। जांच हुई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई और ऑक्सीजन लेवल लगातार गिरता रहा। स्थिति यह हो गई कि माता-पिता के साथ उन्हें भी ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखना पड़ा। डॉ. नीरज बताते हैं कि जिस वक्त उनके भाई की मौत और माता-पिता की स्थिति गंभीर होने की जानकारी मिली तो उनके मन में कुछ पल के लिए आत्महत्या तक के ख्याल आए, लेकिन इसी बीच जब वह होश में आए तो उनके कई चिकित्सक दोस्तों ने बात की और सकारात्मक संदेश दिया। रिपोर्ट खराब होने के बाद भी बेहतर बताई।
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सकारात्मक बातों का असर यह रहा कि धीरे-धीरे उनकी हालत में सुधार आया। स्थिति सुधरी तो उन्होंने अस्पताल में होने के बाद भी खुद को अपने मरीजों में व्यस्त किया। व्हाट्सएप के जरिए लोगों को सलाह देने लगे। इस दौरान खाली समय में मनपसंद संगीत सुना और कई मनोवैज्ञानिक रिसर्च पेपर भी ऑनलाइन पढ़ डाला।
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उन्होंने ट्विटर और पीएमओ की मेल पर अपनी सलाह दी। इसमें लिखा कि अस्पताल में मरीज चारों ओर मशीनों से घिरा रहता है, जिस वजह से उसे घबराहट होती है और इन्हीं कारणों की वजह से ज्यादातर मरीज हार्ट अटैक से मर रहे हैं। ऐसे में मरीजों के मानसिक पहलू पर भी ध्यान दिया जाए। काउंसलिंग के साथ कुछ दवाएं भी दी जाएं। उनकी इस सलाह को पीएमओ ने संज्ञान में लिया और साइकोलॉजिकल थेरेपी पर विस्तृत ड्राफ्ट तैयार कर देने के लिए कहा है।
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