{"_id":"6068cd388ebc3e8d305461d7","slug":"covid-patient-admitt-for-three-days-in-balrampur-hospital-lucknow-news-lko572560398","type":"story","status":"publish","title_hn":"बलरामपुर की इमरजेंसी में चार दिन से पड़ा मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बलरामपुर की इमरजेंसी में चार दिन से पड़ा मरीज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर अस्पताल प्रशासन की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। इमरजेंसी में करीब चार दिन से कोविड पॉजिटिव मरीज भर्ती है। उसे अभी तक कोविड अस्पताल में शिफ्ट नहीं कराया गया है।
सबसे बड़ी बात यह है कि इमरजेंसी में सामान्य मरीजों की भर्ती हो रही है। ऐसे में उनमें भी संक्रमण होने की आशंका बनी हुई है।
परिवारीजन मरीज को कोविड अस्पताल में शिफ्ट कराने के लिए निदेशक व सीएमओ कार्यालय की दौड़ लगा रहे हैं, पर मरीज को कोविड अस्पताल में शिफ्ट नहीं कराया जा सका।
उन्नाव के रहने वाले रामकुमार (60) को बुखार व मुंह से खून आने की शिकायत पर सोमवार को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था।
बेटे अनिल के मुताबिक, भर्ती के वक्त पिता सामान्य मरीजों के बीच में ही थे। मंगलवार शाम को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें इमरजेंसी में बने एक कमरे में शिफ्ट कर दिया गया।
विज्ञापन
मरीज ऑक्सीजन स्पोर्ट पर है। आरोप है कि अस्पताल निदेशक से लेकर कई अन्य अधिकािरयों से मरीज को कोविड अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए कहा, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
अस्पताल स्टाफ ने शनिवार को तीमारदार को सीएमओ ऑफिस मरीज को कोविड अस्पताल में शिफ्ट कराने के लिए भेजा।
वहां से भी तीमारदार को कोविड कमांड सेंटर पर कॉल करने की बात कहकर लौटा दिया गया। करीब चार दिन से इमरजेंसी में मरीज भर्ती होने से कई अन्य मरीजों के संपर्क में आया है।
वहीं, कोविड पॉजिटिव मरीज का इलाज भी बंद हो चुका है। कोई भी डॉक्टर व स्टाफ मरीज पास तक नहीं जा रहे हैं।
अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु के मुताबिक, मरीज को कोविड अस्पताल में शिफ्ट कराया जा रहा है। इसकी सूचना सीएमओ कार्यालय को भेज दी गई है।
विज्ञापन
सबसे बड़ी बात यह है कि इमरजेंसी में सामान्य मरीजों की भर्ती हो रही है। ऐसे में उनमें भी संक्रमण होने की आशंका बनी हुई है।
परिवारीजन मरीज को कोविड अस्पताल में शिफ्ट कराने के लिए निदेशक व सीएमओ कार्यालय की दौड़ लगा रहे हैं, पर मरीज को कोविड अस्पताल में शिफ्ट नहीं कराया जा सका।
विज्ञापन
उन्नाव के रहने वाले रामकुमार (60) को बुखार व मुंह से खून आने की शिकायत पर सोमवार को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था।
बेटे अनिल के मुताबिक, भर्ती के वक्त पिता सामान्य मरीजों के बीच में ही थे। मंगलवार शाम को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें इमरजेंसी में बने एक कमरे में शिफ्ट कर दिया गया।
विज्ञापन
मरीज ऑक्सीजन स्पोर्ट पर है। आरोप है कि अस्पताल निदेशक से लेकर कई अन्य अधिकािरयों से मरीज को कोविड अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए कहा, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
अस्पताल स्टाफ ने शनिवार को तीमारदार को सीएमओ ऑफिस मरीज को कोविड अस्पताल में शिफ्ट कराने के लिए भेजा।
वहां से भी तीमारदार को कोविड कमांड सेंटर पर कॉल करने की बात कहकर लौटा दिया गया। करीब चार दिन से इमरजेंसी में मरीज भर्ती होने से कई अन्य मरीजों के संपर्क में आया है।
वहीं, कोविड पॉजिटिव मरीज का इलाज भी बंद हो चुका है। कोई भी डॉक्टर व स्टाफ मरीज पास तक नहीं जा रहे हैं।
अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु के मुताबिक, मरीज को कोविड अस्पताल में शिफ्ट कराया जा रहा है। इसकी सूचना सीएमओ कार्यालय को भेज दी गई है।