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शराब पीने वालों को कोरोना का रहता है ज्यादा खतरा, रिकवरी में भी लगता है ज्यादा वक्त

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 04 May 2020 01:28 AM IST
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covid 19: consuming alcohal may be harmful,
चन्द्रभान यादव, लखनऊ। सामान्य लोगों की अपेक्षा नियमि त शराब का सेवन करने वालों को कोरोना से संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है। यही नहीं उनके ठीक होने में भी ज्यादा वक्त लगता है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि अल्कोहल इम्यून सिस्टम कमजोर कर देता है। न्यूयॉर्क और वुहान के मरीजों पर हुई शोध रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई है। एकेडमिक ऑफ मेडिकल साइंस की ओर से कोरोना से संक्रमित मरीजों की इम्युनिटी को लेकर किए गए अध्ययन में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से शराब का सेवन करते थे, वे जल्दी कोरोना की चपेट में आ गए। उन्हें ठीक होने में भी ज्यादा वक्त लगा। शराब न पीने वाले उसी उम्र के दूसरे मरीजों में कोरोना वायरस का असर कम हुआ। वे उनकी अपेक्षा आधे से कम समय में ठीक हो गए। शराब न पीने वालों में क्रिटिकल स्थितियां नहीं आईं। इसी तरह ब्रेन, बिहैवियर एंड इम्युनिटी पत्रिका की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि शराब पीने वाले लोगों की अपेक्षा दूसरे मरीजों की रिकवरी दर करीब 45 फीसदी तेज देखी गई है। शरीर पर अल्कोहल कैसे असर करता है, इस सवाल पर केजीएमयू के गैस्ट्रोइंटेरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. सुमित रुंगटा बताते हैं कि अल्कोहल लिवर की सक्रियता को कम कर देता है। आसान शब्दों में कहें तो लिवर शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का अहम अंग है। लिवर के प्रभावित होते ही इम्यूून सिस्टम कमजोर हो जाता है। इम्युनिटी इतनी कमजोर हो जाती है कि शरीर बैक्टीरिया, वायरस का हमला झेल नहीं पाती है। ऐसे में आसानी से खांसी, जुकाम और संक्रमण होने का खतरा रहता है। अल्कोहल का अधिक मात्रा में सेवन करने से फेफड़ों और ऊपरी श्वसन तंत्र के इम्यून सेल्स को काफी नुकसान पहुंचता है। इसकी वजह से कोरोना ही नहीं टीबी और निमोनिया का भी खतरा रहता है। एसजीपीजीआई के गैस्ट्रोलॉजिस्ट डॉ. अनिल गंगवार बताते हैं कि अल्कोहल के पेट में जाते ही कुछ जहरीले रसायन पैदा होते हैं। यह टॉक्सिन शरीर में मौजूूद प्रोटीन व अन्य पदार्थों के साथ कोशिकाओं में पहुंचता है। इससे कोशिकाओं में संकुचन आता है। आंतों और सांस के रास्ते को भी नुकसान पहुंचता है। इससे पैदा होने वाले जहरीले रसायन की वजह से फायदेमंद (एंटीऑक्सीडेंट) की कमी हो जाती है। इस तरह शराब शरीर प्रतिरक्षा तंत्र को खोखला कर देता है, जिससे कोरोना सहित विभिन्न तरह के संक्रमण का खतरा ज्यादा हो जाता है।राजधानी में करीब 18.5 लाख लीटर देसी शराब, अंग्रेजी शराब 10 लाख बोतल और बीयर नौ लाख बोतल का लक्ष्य है। जिला आबकारी अधिकारी सुदर्शन सिंह ने बताया कि फरवरी में लक्ष्य से ज्यादा बिक्री हुई है। मार्च में लॉकडाउन शुरू होने से पहले आधे से ज्यादा लक्ष्य हासिल कर लिया गया था।
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