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लखनऊ: चित्रकूट की महिला के साथ गैंगरेप मामले में निर्णय 10 नवंबर को, गायत्री प्रजापति समेत कई आरोपी
Tue, 02 Nov 2021 08:06 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 02 Nov 2021 08:06 PM IST
सार
एमपीएमएलए कोर्ट ने चित्रकूट की महिला से हुए दुष्कर्म मामले में 10 नवंबर को फैसला सुनाने का निर्णय लिया है।
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- फोटो : प्रतापगढ़
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विस्तार
चित्रकूट की महिला के साथ गैंगरेप मामले में मंगलवार को एमपीएमएलए कोर्ट में आरोपी विकास वर्मा और अमरेंद्र सिंह की ओर से मौखिक बहस की गई। विशेष न्यायाधीश पवन कुमार रॉय ने आरोपी गायत्री प्रसाद प्रजापति समेत के अन्य आरोपियों का मौखिक साक्ष्य का अवसर समाप्त कर दिया और सभी को लिखित बहस दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने मामले में लिखित बहस देने के लिए 8 नवंबर और फैसला सुनाने के लिए 10 नवंबर की तारीख तय करते हुए आरोपियों को जेल से तलब किया है।
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इसके पहले कोर्ट में गायत्री समेत सभी आरोपियों को जेल से लाकर पेश किया गया। जहां विकास और अमरेंद्र के वकील ने मौखिक बहस करने के बाद लिखित बहस देने की बात कही। इसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। जबकि आरोपी चंद्रपाल, रूपेश्वर, अशोक तिवारी और आशीष शुक्ल की ओर से कोई वकील हाजिर नहीं हुआ और न ही समय की मांग वाली अर्जी दी गई।
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कोर्ट ने इन तीनों आरोपियों की ओर से बहस करने का अवसर समाप्त करके लिखित बहस दाखिल करने की तारीख तय कर दी। आरोपी अशोक की ओर से गवाही के लिए एक और मौका देने की मांग वाली अर्जी दी गई। इसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
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गौरतलब है कि 18 फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गायत्री प्रसाद प्रजापति व अन्य छह आरोपियों के खिलाफ गौतमपल्ली में गैंगरेप, जानमाल की धमकी व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश पीड़िता की अर्जी पर दिया था। पीड़िता ने पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति समेत साथियों पर गैंगेरप समेत उसकी नाबालिग बेटी के साथ भी दुष्कर्म के प्रयास करने का आरोप लगाया था।