बड़ी खबरः पुलिस सिपाहियों की नियुक्ति पर लगी रोक
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 41610 पुलिस सिपाहियों की भर्ती के मामले में नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि अगले आदेश तक किसी को भी नियुक्ति पत्र न दिया जाए।
सिपाही भर्ती में क्षैतिज आरक्षण लागू करने के लिए अपनाए गए नियम को चुनौती देनी वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने दिया है। याचिका रवि कुमार शर्मा और बृजेश कुमार तिवारी ने दाखिल की है।
याची के वकील सीमांत सिंह के अनुसार पुलिस विभाग में 41610 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा का अंतिम परिणाम 16 जुलाई 2015 को घोषित किया गया।
आरक्षण के चलते फंसा पेंच
इसमें महिलाओं, पूर्व सैनिकों और फ्रीडम फाइटर कोटे का क्षैतिज आरक्षण आरक्षित 50 प्रतिशत सीटों पर देने के बजाए अनारिक्ष सीटों पर दे दिया गया।
जबकि नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन के अनुसार महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत, पूर्व सैनिकों के लिए पांच प्रतिशत और फ्रीडम फाइटर कोटे की दो फीसदी सीटों का आरक्षण उसी वर्ग के तहत दिया जाना था जिस वर्ग से अभ्यर्थी संबंधित है।
अर्थात पिछड़ा वर्ग की महिला अभ्यर्थी को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीटों के भीतर ही आरक्षण दिया जा सकता है।
पुलिस भर्ती बोर्ड ने इस नियम को दरकिनार करते हुए क्षैतिज आरक्षण के सभी अभ्यर्थियों का चयन अनारक्षित सीटों पर कर लिया। इससे सामान्य वर्ग की करीब 3800 सीटें आरक्षित कोटे में चली गईं। प्रदेश सरकार और पुलिस भर्ती द्वारा इस मामले में दाखिल जवाब से कोर्ट असंतुष्ट थी।
आरक्षण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का एक और मौका देते हुए सुनवाई की अगली तिथि 11 सितंबर नियत की है। इस दौरान अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगाई है।