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दस दिन में पूरी की सुनवाई, दुष्कर्म के आरोपी को उम्रकैद, कोर्ट ने 22 हजार का जुर्माना भी लगाया
Wed, 16 Oct 2019 08:01 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 16 Oct 2019 08:01 PM IST
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फाइल फोटो
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रायबरेली के हरचंदपुर थाना क्षेत्र में करीब एक माह पहले छह साल की दलित बालिका के साथ हुए एक दुराचार के मामले में कोर्ट ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 22 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
यह फैसला बुधवार को पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विजय पाल ने सुनाया। कोर्ट ने मामले में करीब 10 दिनों में ही सुनवाई पूरी करते हुए अपना फैसला सुनाया। बालिका के साथ रेप के मामले में महीने भर के अंदर पुलिस जांच पूरी होने और कोर्ट का फैसला आने का यह यूपी में पहला मामला माना जा रहा है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) दिनेश श्रीवास्तव के मुताबिक मामले की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने थाना हरचंदपुर में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 17 सितंबर 2019 को वादी की छह साल की बेटी जब घर में अकेली थी, तभी पड़ोसी राममिलन लोध उर्फ पुल्ली ने उसके साथ दुराचार किया।
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पुलिस ने विवेचना के बाद राममिलन लोध उर्फ पुल्ली के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने अर्थदंड की राशि जमा होने पर उसमें से बारह हजार रुपये पीड़िता को देने का भी आदेश दिया है।
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यह फैसला बुधवार को पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विजय पाल ने सुनाया। कोर्ट ने मामले में करीब 10 दिनों में ही सुनवाई पूरी करते हुए अपना फैसला सुनाया। बालिका के साथ रेप के मामले में महीने भर के अंदर पुलिस जांच पूरी होने और कोर्ट का फैसला आने का यह यूपी में पहला मामला माना जा रहा है।
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) दिनेश श्रीवास्तव के मुताबिक मामले की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने थाना हरचंदपुर में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 17 सितंबर 2019 को वादी की छह साल की बेटी जब घर में अकेली थी, तभी पड़ोसी राममिलन लोध उर्फ पुल्ली ने उसके साथ दुराचार किया।
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पुलिस ने विवेचना के बाद राममिलन लोध उर्फ पुल्ली के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त को सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने अर्थदंड की राशि जमा होने पर उसमें से बारह हजार रुपये पीड़िता को देने का भी आदेश दिया है।
छह दिन में पूरी हुई थी विवेचना
दलित बालिका के साथ दुराचार के इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के छह दिनों में ही विवेचना पूरी कर ली गई। विवेचक सीओ महराजगंज विनीत सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच पूरी कर मामले में आरोपी के खिलाफ 23 सितंबर को चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ 26 सितंबर को आरोप गठित करते हुए 28 सितंबर से गवाही की प्रक्रिया शुरू कराई थी। गौरतलब है कि मामले में हरचंदपुर थाने में 17 सितंबर 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने 19 सितंबर को ही आरोपी राममिलन लोध उर्फ पुल्ली को गिरफ्तार कर लिया था।
कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ 26 सितंबर को आरोप गठित करते हुए 28 सितंबर से गवाही की प्रक्रिया शुरू कराई थी। गौरतलब है कि मामले में हरचंदपुर थाने में 17 सितंबर 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने 19 सितंबर को ही आरोपी राममिलन लोध उर्फ पुल्ली को गिरफ्तार कर लिया था।