हाईकोर्ट का इंकार, नहीं बढ़ेगा DGP का कार्यकाल
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सूबे के मौजूदा पुलिस महानिदेशक जगमोहन यादव का कार्यकाल दो साल करने से जुड़ी विशेष याचिका पर फौरी राहत देने से इनकार कर दिया।
सोमवार को हाईकोर्ट की विशेष बेंच ने डीजीपी जगमोहन से जुड़ी इस याचिका को पुरानी याचिका से जोड़ते हुए 21 जनवरी को सुनवाई के लिए तय कर दिया।
जगमोहन 31 दिसंबर को रिटायर हो रहे हैं। जगमोहन के रिटायरमेंट से तीन दिन पहले सोमवार को कामद प्रकाश निगम ने अवकाशकालीन जज न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी के समक्ष यह याचिका दाखिल की।
मांगा गया था दो साल का मौका
याची का तर्क था कि पुलिस सुधार से जुड़ी प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने डीजीपी का न्यूनतम कार्यकाल दो साल तय किया हुआ है। मौजूदा डीजीपी जगमोहन छह महीने के कार्यकाल के बाद 31 दिसंबर को पदमुक्त हो रहे हैं, ऐसे में उन्हें दो साल का मौका मिलना चाहिए।
राज्य सरकार ने किया विरोध: सरकार की तरफ से मुख्य स्थायी अधिवक्ता मंसूर अहमद ने याचिका का विरोध किया और बताया कि इसी नेचर की तीन याचिकाएं हाईकोर्ट में लंबित हैं। खुद याची ने 18 दिसंबर को इसी मसले पर एक जनहित याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई 21 जनवरी, 2016 को नियत है।
तब बेंच ने इसी मुद्दे पर याची की लंबित दूसरी याचिका से जोड़ते हुए 21 जनवरी को पेश करने को कहा।