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लखनऊ विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के दौरान 28 साल पूर्व हुई फायरिंग और बमबाजी मामले में अरविंद सिंह गोप समेत 12 बरी

Tue, 09 Aug 2022 02:06 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2022 02:06 AM IST
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COURT NEWS
लखनऊ। लविवि छात्रसंघ चुनाव के दौरान दो गुटों में गोलाबारी करके जानलेवा हमला और बलवा करने के 28 साल पुराने मामले में आरोपी पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप सहित 12 लोगों को कोर्ट ने बरी कर दिया। एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश हरबंस नारायण ने आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी किया है।
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पत्रावली के अनुसार, हसनगंज के दरोगा बीएस सिंह ने 21 फरवरी 1994 को मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि लखनऊ विवि में छात्रसंघ चुनाव होने वाले थे। इसमें छात्रसंघ महामंत्री ओंकार भारती बाबा और अरविंद सिंह गोप अध्यक्ष पद के लिए प्रचार कर रहे थे। प्रचार की रंजिश को लेकर 21 फरवरी को दिन में ओंकार भारती और अरविंद सिंह गोप के समर्थक छात्र हथियारों से लैस होकर कैशियर ऑफिस के सामने भिड़ गए। गालीगलौज, मारपीट करते हुए एक-दूसरे पर गोलियां और बम चलाना शुरू कर दिया। गोली व बम की आवाज सुनकर मौके पर पहुंची पुलिस ने ओंकार भारती व मेराज को कारतूसों के साथ गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, अरविंद सिंह गोप को भी गिरफ्तार किया गया था। सुनवाई के दौरान ही छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं आरोपी ओंकार भारती की मृत्यु हो गई थी, जबकि अन्य आरोपी पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप, मेराज अहमद, मनोज सिंह, प्रद्युम्न वर्मा, विवेकानंद, शैलेंद्र सिंह, विष्णु कांत पांडेय, मुकेश शुक्ला, जितेंद्र मिश्र, राजीव कुमार सिंह, धीरेंद्र सिंह एवं रमेश सिंह के विरुद्ध मुकदमे का विचारण विशेष अदालत ने किया।
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