मोदी पर विवादित पोस्ट, कोर्ट ने कहा जांच करो!
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रावण बताने और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को उनके 9 सिर दिखाने वाला पोस्ट फेसबुक टाइमलाइन पर डालने के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जांच जारी रखने को कहा है।
हालांकि अदालत ने यह पोस्ट डालने वाले बलरामपुर में मनरेगा में संविदा पर सहायक कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश यादव की गिरफ्तारी को लेकर कहा कि गिरफ्तारी जरूरी नहीं है। अदालत ने कहा कि मामले में तथ्य हैं और इन पर ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे में जांच जारी रहनी चाहिए।
जस्टिस वीके शुक्ला और जस्टिस बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि शुरुआती तौर पर मामला विचारणीय लगता है, ऐसे में इसकी जांच जारी रहनी चाहिए। डॉ. यादव इस जांच में पूरा सहयोग करें और इसे कतई प्रभावित न करें।
साथ ही बलरामपुर के पचपेड़वा थाने में दर्ज एफआईआर पर कहा कि पुलिस रिपोर्ट जमा होने तक डॉ. यादव को गिरफ्तार करने की जरूरत नहीं है। मामले की सुनवाई 8 सप्ताह बाद होगी।
ये दिया तर्क और ये थी टिप्पणी
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में अपने पक्ष में डॉ. यादव ने तीन तर्क रखे। उन्होंने कहा कि मोदी व अमित शाह के फोटो फेसबुक पर पहले से अपलोड थे, उन्होंने केवल शेयर किया। दूसरा तर्क था कि फोटो उन्होंने जनरेट नहीं की।
तीसरा तर्क उन्होंने धारा 19-1-ए में मिली अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के आधार पर दिया कि उन पर एफआईआर करवाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खत्म करने का प्रयास है।
‘राम बनकर घूम रहे रावण’
डॉ. राजेश यादव के खिलाफ एफआईआर श्रावस्ती से भाजपा सांसद दद्दन मिश्रा के निर्देश पर बीजेपी जिला मीडिया सेल प्रभारी अजय कुमार पांडेय ने डॉ. यादव के फेसबुक टाइमलाइन की तस्वीर के साथ रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इस तस्वीर में रावण था जिसके केंद्र में मोदी का सर और अमित शाह को उनके बाकी 9 सिर बताया गया था।
कमेंट था कि ‘आजकल देश में राम बनकर घूम रहे रावण’। शिकायतकर्ता का तर्क था कि इससे उसकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। 4 अक्टूबर को पुलिस ने आईपीसी सेक्शन 501 व 66-ए आईटी एक्ट में एफआईआर दर्ज की थी।