पति को पाने के लिए दी दो साल की बच्ची की बलि, उम्रकैद, जुर्माना
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पति को वापस पाने के लिए तांत्रिक की सलाह पर करीब नौ वर्ष पूर्व दो साल की बच्ची की हत्या करने के मामले में शुक्रवार को स्पेशल जज ईसी एक्ट आनंद प्रकाश ने दो सगी बहनों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 30-30 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। मामला लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के ढेलहा तकिया गांव से जुड़ा है।
गांव निवासी अब्दुल हफीज की पुत्री नाजिमा बानो व फातिमा की शादी दोस्तपुर थाने के शेरखानपुर गांव में हुई थी। नाजिमा बानो के पति मो. इस्लाम व फातिमा के पति अनवर ने उन्हें छोड़ दिया था।
नाजिमा बानो व फातिमा अपने मायके ढेलहा तकिया में पिता के घर पर रह रही थी। किसी तांत्रिक ने उन्हें पति की चाहत पाने के लिए किसी बच्चे की हत्या कर खून से सना कपड़ा लाने की सलाह दी थी।
17 अक्तूबर 2008 को पड़ोसी शाहिद अली की दो वर्षीय बेटी शमां दरवाजे पर खेल रही थी। शमां को नाजिमा बानो व फातिमा बुलाकर अपने साथ ले गई और उसकी चाकू से हत्या कर शव धान के खेत में फेंक दिया था। शाहिद अली की तहरीर पर अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
बरामद किया था खून लगा कपड़ा
विवेचना के दौरान पुलिस ने नाजिमा बानो व फातिमा को आरोपी बनाया और उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू व मृतका का खून लगा कपड़ा बरामद किया था।
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल रमेशचंद्र मिश्र व छोटेलाल दुबे ने पैरवी की।
शुक्रवार को स्पेशल जज ईसी एक्ट आनंद प्रकाश ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी नाजिमा बानो व फातिमा को हत्या करने के लिए दोषी करार दिया। अदालत ने जुर्माना से एक तिहाई धनराशि मृतका की मां को देने का आदेश दिया है।