दुराचारी जेठ को 10 साल की जेल, जुर्माना भी ठोका
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फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मौसेरे भाई की पत्नी से दरिंदगी करने वाले रोहित टंडन को 10 साल जेल की सजा सुनाई है। एडीजे अनिल कुमार शुक्ला ने टंडन पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी ठोका है।
गोरखपुर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 2007 में एजीएम रहने के दौरान रोहित मीटिंग के लिए लखनऊ आया था और उसी दौरान उसने रिश्तों को शर्मसार करने वाली यह करतूत की थी।
16 जुलाई 2007 को पीड़िता ने अमीनाबाद थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी कि उनके पति का मौसेरा भाई रोहित टंडन 29 जून बैंक की मीटिंग के लिए गोरखपुर से लखनऊ आया था।
इस दौरान वह उनके घर आया, जहां वह अकेली थी। रोहित ने इस दौरान उसके साथ दुराचार किया। साथ ही उसे मुंह नहीं खोलने के लिए धमकाया।
पीड़िता का ढाई महीने पहले ही सिजेरियन प्रसव हुआ था। घटना के बाद पीड़िता की तबीयत बिगड़ने लगी। ऐसे में उसने अपने परिवार को यह बात बताई और करीब ढाई हफ्ते बाद एफआईआर दर्ज करवाई गई।
देर से केस करने पर की लाभ लेने की कोशिश
आरोपी पक्ष ने इस तथ्य को उठाते हुए केस में लाभ लेने की कोशिश की थी। लेकिन पीड़ित पक्ष ने तर्क रखा कि पीड़िता सिजेरियन डिलीवरी से गुजरी थी और शारीरिक रूप से कमजोर थी। उसे धमकाया भी गया था कि शिकायत करने पर परिवार को नुकसान होगा।
वहीं आरोपी रोहित टंडन ससुराल पक्ष से था। ऐसे में उसे कानूनी मदद लेने में समय लग गया। मेडिकल नहीं होने के तथ्य पर कोर्ट ने पीड़िता के बयान को त्रुटिहीन और विरोधाभासों से परे बताते हुए पूर्णत: विश्वसनीय माना।
अदालत की तल्ख टिप्पणी
जेठ और बहू का रिश्ता भारतीय संस्कृति में सम्मान का रिश्ता है। आरोपी रोहित ने एक प्रतिष्ठित पद पर होते हुए जो किया, उसके लिए उसे सजा देना जरूरी है। समाज में यह संदेश जाने की जरूरत है कि आरोपी इस तरह की हरकत करके बच नहीं सकते।