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नए शादीशुदा जोड़े ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में लिखी उलझाने वाली बात
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Wed, 07 Jun 2017 07:33 PM IST
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मंजीत और सीमा (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
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लखनऊ में महज चार महीने पहले ही शादी के बंधन में बंधने वाले मंजीत (25) और उसकी पत्नी सीमा (21) ने खुदकुशी कर ली। सीमा का शव बेड पर अर्द्धनग्न अवस्था में पेट के बल पड़ा था जबकि मंजीत का शरीर फंदे से लटक रहा था।
पुलिस को कमरे में मिले सुसाइड नोट में मंजीत ने माता-पिता से माफी मांगते हुए दिल दुखने का जिक्र किया है, लेकिन इसके पीछे कोई साफ वजह मंजीत ने नहीं लिखा है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत फांसी लगाने से होने की पुष्टि हुई है। सीमा की लाश कैसे बेड पर पहुंची इसको लेकर पुलिस उलझन में है। एएसपी पूर्वी सर्वेश मिश्रा ने बताया कि सीमा बाराबंकी के टिकैतनगर टांडा निवासी निजी स्कूल में टीचर मंसाराम राना की बेटी है।
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उसकी शादी 1 फरवरी को मुरादनगर निवासी व आलमबाग स्थित रॉकी उद्यान के कर्मचारी भगौती प्रसाद के बेटे मंजीत से हुई थी। मंजीत नाका की एक मोबाइल शॉप में मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था।
उसके परिवार में पिता के अलावा मां रमना, भाई संजीत और बहन मोना व सुमति हैं। बकौल भगौती प्रसाद, सोमवार रात लाइट नहीं आ रही थी, इसलिए परिवार के सभी लोग घर के बाहर ही लेटे थे।
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पुलिस को कमरे में मिले सुसाइड नोट में मंजीत ने माता-पिता से माफी मांगते हुए दिल दुखने का जिक्र किया है, लेकिन इसके पीछे कोई साफ वजह मंजीत ने नहीं लिखा है।
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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत फांसी लगाने से होने की पुष्टि हुई है। सीमा की लाश कैसे बेड पर पहुंची इसको लेकर पुलिस उलझन में है। एएसपी पूर्वी सर्वेश मिश्रा ने बताया कि सीमा बाराबंकी के टिकैतनगर टांडा निवासी निजी स्कूल में टीचर मंसाराम राना की बेटी है।
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उसकी शादी 1 फरवरी को मुरादनगर निवासी व आलमबाग स्थित रॉकी उद्यान के कर्मचारी भगौती प्रसाद के बेटे मंजीत से हुई थी। मंजीत नाका की एक मोबाइल शॉप में मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था।
उसके परिवार में पिता के अलावा मां रमना, भाई संजीत और बहन मोना व सुमति हैं। बकौल भगौती प्रसाद, सोमवार रात लाइट नहीं आ रही थी, इसलिए परिवार के सभी लोग घर के बाहर ही लेटे थे।
बेड पर कैसे पहुंची लाश
सीमा (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
रात को किसी वक्त मंजीत और सीमा उठकर कमरे में चले गए। सुबह करीब साढ़े छह बजे रमना की नींद खुली तो बेटे-बहू को गायब देखा। वे कमरे की तरफ गईं तो दरवाजा बंद था।
धक्का देने पर दरवाजा खुल गया। कमरे में सीमा अर्द्धनग्न अवस्था में पेट के बल बेड पर पड़ी थी जबकि मंजीत का शरीर उसके दुपट्टे से लटक रहा था। बेटे-बहू का शव देखकर रमना बुरी तरह से चीखते हुए गिर पड़ीं। परिवारीजन व आसपास के लोग आए और फंदा काटकर शव नीचे उतारा।
सीमा ने फांसी लगाई तो उसकी लाश फंदे से लटकने के बजाय बेड पर कैसे पहुंची इस गुत्थी को सुलझाने में लगी है। पुलिस का मानना है कि पहले सीमा ने खुदकुशी की होगी ।
मंजीत नें उसे बचाने की कोशिश में उसे नीचे उतारा होगा, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुकी होगी। इसके बाद मंजीत ने भी सुसाइड नोट लिखकर फंदे से लटक गया होगा। हालांकि सीमा अर्द्धनग्न अवस्था में कैसे आई? यह कोई नहीं बता पा रहा है।
धक्का देने पर दरवाजा खुल गया। कमरे में सीमा अर्द्धनग्न अवस्था में पेट के बल बेड पर पड़ी थी जबकि मंजीत का शरीर उसके दुपट्टे से लटक रहा था। बेटे-बहू का शव देखकर रमना बुरी तरह से चीखते हुए गिर पड़ीं। परिवारीजन व आसपास के लोग आए और फंदा काटकर शव नीचे उतारा।
सीमा ने फांसी लगाई तो उसकी लाश फंदे से लटकने के बजाय बेड पर कैसे पहुंची इस गुत्थी को सुलझाने में लगी है। पुलिस का मानना है कि पहले सीमा ने खुदकुशी की होगी ।
मंजीत नें उसे बचाने की कोशिश में उसे नीचे उतारा होगा, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुकी होगी। इसके बाद मंजीत ने भी सुसाइड नोट लिखकर फंदे से लटक गया होगा। हालांकि सीमा अर्द्धनग्न अवस्था में कैसे आई? यह कोई नहीं बता पा रहा है।
इतना प्यार : सीमा के बिना नहीं रह सकता....
मंजीत (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
एएसपी पूर्वी ने बताया कि मंजीत के कमरे में मिले सुसाइड नोट में उसने अपने माता-पिता के लिए आई लव यू लिखा। यह भी लिखा कि वह सीमा के बिना नहीं रह सकता। मंजीत ने सुसाइड नोट में किसी कल्लू का जिक्र किया है।
उसने लिखा कि पापा कल्लू को सजा जरूर होनी चाहिए। कल्लू कौन है और कहां रहता है, उसका मंजीत और सीमा से क्या संबंध था, कहीं दोनों की खुदकुशी के पीछे कल्लू तो नहीं है, कहीं ऐसा तो नहीं कि कल्लू सीमा का पुराना परिचित हो और उसे ब्लैकमेल कर रहा हो जिससे परेशान होकर उसने खुदकुशी कर ली। पत्नी को मृत देखकर मंजीत ने भी खुद की भी जान ले ली। ऐसे तमाम सवाल पुलिस को परेशान कर रहे हैं।
मंजीत का पूरा परिवार दो कमरे में रहता है। एक कमरे में मंजीत और उसकी पत्नी रहते थे, बाकी में परिवार के अन्य सदस्य। रहने की दिक्कत के चलते मंजीत ने पिता से कई बार अतिरिक्त कमरे बनवाने के लिए कहा। इस पर भगौती प्रसाद ने पांच-छह महीने में कमरा बनवाने के लिए कहा था।
उसने लिखा कि पापा कल्लू को सजा जरूर होनी चाहिए। कल्लू कौन है और कहां रहता है, उसका मंजीत और सीमा से क्या संबंध था, कहीं दोनों की खुदकुशी के पीछे कल्लू तो नहीं है, कहीं ऐसा तो नहीं कि कल्लू सीमा का पुराना परिचित हो और उसे ब्लैकमेल कर रहा हो जिससे परेशान होकर उसने खुदकुशी कर ली। पत्नी को मृत देखकर मंजीत ने भी खुद की भी जान ले ली। ऐसे तमाम सवाल पुलिस को परेशान कर रहे हैं।
मंजीत का पूरा परिवार दो कमरे में रहता है। एक कमरे में मंजीत और उसकी पत्नी रहते थे, बाकी में परिवार के अन्य सदस्य। रहने की दिक्कत के चलते मंजीत ने पिता से कई बार अतिरिक्त कमरे बनवाने के लिए कहा। इस पर भगौती प्रसाद ने पांच-छह महीने में कमरा बनवाने के लिए कहा था।
कल्लू का पता लगा रही पुलिस
डेमो
- फोटो : डेमो पिक
एएसपी पूर्वी का कहना है कि सीमा आईटीआई पास थी और उसने कुछ दिन दिल्ली में किसी निजी कंपनी में नौकरी कर रही थी। दोनों के परिवार के सदस्यों से कल्लू के बारे में जानकारी की जा रही है। कल्लू तक पहुंचने के लिए मंजीत और सीमा के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी निकलवाई गई है।
मंजीत की बहन सुमति का मंगलवार को बर्थडे था। परिवार के लोग पार्टी की तैयारियों में जुटे थे। भगौती प्रसाद ने बताया कि पार्टी के लिए सोमवार को ही परिवारीजन खरीददारी करने गए थे। मंगलवार सुबह हादसे के बाद घर में मातम छा गया।
मंजीत का पूरा परिवार दो कमरे में रहता है। एक कमरे में मंजीत और उसकी पत्नी रहते थे, बाकी में परिवार के अन्य सदस्य। रहने की दिक्कत के चलते मंजीत ने पिता से कई बार अतिरिक्त कमरे बनवाने के लिए कहा। इस पर भगौती प्रसाद ने पांच-छह महीने में कमरा बनवाने के लिए कहा था।
मंजीत की बहन सुमति का मंगलवार को बर्थडे था। परिवार के लोग पार्टी की तैयारियों में जुटे थे। भगौती प्रसाद ने बताया कि पार्टी के लिए सोमवार को ही परिवारीजन खरीददारी करने गए थे। मंगलवार सुबह हादसे के बाद घर में मातम छा गया।
मंजीत का पूरा परिवार दो कमरे में रहता है। एक कमरे में मंजीत और उसकी पत्नी रहते थे, बाकी में परिवार के अन्य सदस्य। रहने की दिक्कत के चलते मंजीत ने पिता से कई बार अतिरिक्त कमरे बनवाने के लिए कहा। इस पर भगौती प्रसाद ने पांच-छह महीने में कमरा बनवाने के लिए कहा था।