फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Councillors targeted officers over sewer, water and government land

Lucknow News: सीवर, पानी और सरकारी जमीनों को लेकर पार्षदों के निशाने पर रहे अफसर

Wed, 04 Feb 2026 02:24 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 04 Feb 2026 02:24 AM IST
विज्ञापन
Councillors targeted officers over sewer, water and government land
नगर निगम में पंचायत की बैठक लेतीं महापाैर सुषमा खर्कवाल।  - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन


लखनऊ। नगर निगम मुख्यालय में महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में हुई पहली पंचायत में पार्षदों ने पेयजल आपूर्ति, सीवर की समस्याओं और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों को लेकर अधिकारियों को घेरा। करीब पांच घंटे चली इस बैठक में जनसमस्याओं पर पार्षदों ने अफसरों को निशाने पर लिया और उनकी बोलती बंद कर दी।



शिकायतों पर महापाैर ने जल निगम के तीन अधिशासी अभियंताओं को बैठक से बाहर भेज दिया और समस्याओं के समाधान के लिए अगली तारीख तय की। बैठक में जल निगम के अधिशासी अभियंता अतहर कादरी, दिव्यांशु और मनोज कुमार पेयजल व सीवर संबंधी शिकायतों पर जवाब देने पहुंचे थे। महापौर ने उन्हें किसी जिम्मेदार अधिकारी को भेजने का निर्देश देते हुए बैठक से बाहर कर दिया। इसके बाद जल निगम के मुख्य अभियंता शमीम अख्तर आए, जिन्हें पार्षदों के विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने शहर की जल और सीवर समस्याओं के लिए अलग से गंभीर बैठक बुलाने का सुझाव दिया तो पार्षदों ने इसे सदन का अपमान बताते हुए माफी की मांग की। मुख्य अभियंता ने सफाई दी और बाद में अपनी बात वापस ले ली।
विज्ञापन




बैठक में नगर निगम के चार पीसीएस जोनल अफसरों को 27 जनवरी को सदन की बैठक से बीच में चले जाने पर फटकार लगाई गई। अपर नगर आयुक्त ललित कुमार से जवाब तलब भी किया गया। हालांकि, बैठक के बाद महापौर ने यह मामला दबा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन






शिकायतों के निस्तारण के लिए 24 से 48 घंटे की समय सीमा



बैठक के बाद महापौर ने स्पष्ट किया कि दूषित पेयजल आपूर्ति, पाइपलाइन लीकेज और चोक सीवर की शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है। उपस्थित 50 पार्षदों में से अधिकतर ने इन्हीं समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था। इस पर जलकल विभाग और सुएज कंपनी को निर्देश दिया गया है कि जो शिकायतें तत्काल निराकरण योग्य हैं, उन्हें टाला न जाए और 24 से 48 घंटे के भीतर निस्तारण किया जाए। निर्देशों का पालन न करने पर कार्रवाई होगी।





खोदी गई सड़कें एक महीने में बनाए जल निगम



पार्षदों ने बताया कि सरोजनीनगर, आलमबाग और चिनहट जैसे इलाकों में जल निगम ने पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें ठीक नहीं की हैं। महापौर ने जल निगम को एक महीने के भीतर सभी सड़कों की मरम्मत के निर्देश दिए। आलमबाग क्षेत्र में हर मकान के बाहर सीवर कनेक्टिंग चैंबर बनाने के बजाय दो मकान पर एक चैंबर बनाने की शिकायत पर जल निगम को इसे सुधारने के लिए कहा।





बैठक की सार्थकता पर पार्षदों ने उठाए सवाल



कई पार्षदों ने बैठक के नतीजों पर असंतोष जताया। मल्लाही टोला द्वितीय वार्ड के पार्षद गुलशन अब्बास ने खुले नाले के मामले को बार-बार उठाने के बावजूद समाधान न होने पर बैठक को बेमतलब बताया। कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह ने कहा कि जब सदन में उठाए गए मामलों पर कार्रवाई नहीं होती, तो ऐसी बैठकों से क्या उम्मीद की जा सकती है। सपा पार्षद दल के नेता कामरान बेग ने बैठक को केवल दिखावा करार दिया। भारतेंदु हरिश्चंद्र वार्ड के पार्षद मान सिंह यादव ने सीवर की गंभीर समस्या का उल्लेख किया, जबकि भाजपा पार्षद अनुराग मिश्रा ने चौक इलाके में बढ़ते अतिक्रमण पर अधिकारियों की निष्क्रियता पर चिंता जताई।





महापौर ने दिए ये निर्देश



महापौर ने 15 फरवरी के बाद गृहकर वसूली के लिए नगर निगम कर्मचारियों के लिए आईडी कार्ड अनिवार्य कर दिया है। बिना पहचान पत्र के वसूली करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान को तेज करने तथा दो महीने के भीतर सरकारी जमीन को सुरक्षित करने के निर्देश दिए। अवैध कब्जे से खाली कराई गई जमीन पर तारबाड़ कराई जाएगी जिसके लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, नालों की सफाई तीन विभागों से कराए जाने का प्रस्ताव विरोध के कारण तय नहीं हो सका।





पार्षदों ने उठाए ये मामले



27 जनवरी को सदन में सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला उठाया था, मगर अब तक कार्रवाई नहीं हुई। अब फिर नौ फरवरी की तारीख मिली है। सरकारी जमीन कब्जे से बचाने के लिए पार्षद निधि से बाउंड्री कराई थी, जिसे कब्जा करने वालों ने गिरा दिया। नगर निगम संपत्ति विभाग के कर्मचारी ही अवैध कब्जा कराने में शामिल रहते हैं।



रेखा सिंह, पार्षद,
आलमनगर वार्ड



मेरे वार्ड में हिंदू मुस्लिम एकता स्कूल है, जो नगर निगम की जमीन पर है। इस जमीन पर अवैध कब्जे को रोकने के लिए नगर निगम में कई बार शिकायत की गई, मगर कार्रवाई नहीं हुई और शिक्षा विभाग ने स्कूल की जमीन बेची डाली। अब फिर बैठक में आश्वासन मिला है।

सुशील तिवारी पम्मी, पार्षद,
लालकुआं वार्ड व उप नेता भाजपा पार्षद दल

27 जनवरी को सदन में मामला उठाया था तब कहा गया था कि तीन फरवरी को जवाब मिलेगा। अब फिर आश्वासन मिला है। अवैध कब्जेदारों को हटाया जाएगा। वार्ड में कई मकानों में डूडा ने अवैध कब्जा करा दिया है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है।




अरुण राय, पार्षद,
चिनहट प्रथम वार्ड

नगर निगम में पंचायत की बैठक लेतीं महापाैर सुषमा खर्कवाल। 

नगर निगम में पंचायत की बैठक लेतीं महापाैर सुषमा खर्कवाल। - फोटो : अमर उजाला

नगर निगम में पंचायत की बैठक लेतीं महापाैर सुषमा खर्कवाल। 

नगर निगम में पंचायत की बैठक लेतीं महापाैर सुषमा खर्कवाल। - फोटो : अमर उजाला

नगर निगम में पंचायत की बैठक लेतीं महापाैर सुषमा खर्कवाल। 

नगर निगम में पंचायत की बैठक लेतीं महापाैर सुषमा खर्कवाल। - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed