{"_id":"693ec146f07646e4b603e545","slug":"cough-syrup-scandal-money-laundering-using-luxury-cars-series-9777-and-1111-2025-12-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"कफ सिरप कांड: लग्जरी गाड़ियों की सीरीज 9777 और 1111 के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग, गिफ्ट की गईं महंगी गाड़ियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कफ सिरप कांड: लग्जरी गाड़ियों की सीरीज 9777 और 1111 के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग, गिफ्ट की गईं महंगी गाड़ियां
Sun, 14 Dec 2025 07:23 PM IST
ishwar ashish
अशोक मिश्रा, अमर उजाला, लखनऊ
अशोक मिश्रा, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 14 Dec 2025 07:23 PM IST
सार
कफ सिरप कांड में ईडी की कार्रवाई में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। आरोपियों ने महंगी गाड़ियां खरीद कर गिफ्ट की हैं। ईडी ने शोरूम संचालक से बेची गई गाड़ियों का ब्योरा मांगा है।
विज्ञापन
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कफ सिरप सिंडिकेट की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय के छापों में अहम खुलासा हुआ है। पूर्वांचल में 9777 और 1111 नंबर वाले वाहनों की जांच के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग और सिंडिकेट के असली सरगना की तलाश में जुटी ईडी को जौनपुर में टोयोटा कंपनी के शोरूम से अहम जानकारियां मिली हैं।
विज्ञापन
पता चला है कि इस शोरूम से बीते दिनों एक लैंड क्रूजर गाड़ी माफिया के भांजे ने खरीदी थी, जिसकी अयोध्या में कंस्ट्रक्शन कंपनी है। प्रारंभिक जांच में कंपनी का लेखा-जोखा भी संदिग्ध पाया गया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - यूपी: पंकज चौधरी बने यूपी भाजपा के नए अध्यक्ष, विनोद तावड़े और पीयूष गोयल ने की घोषणा; सीएम योगी रहे मौजूद
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - कुर्मी कार्ड से 2027 की बिसात: PDA में सेंध... पिछड़ों पर पकड़, ऐसे BJP प्रदेश अध्यक्ष का चेहरा बने पंकज चौधरी
दूसरी ओर ईडी के अधिकारियों ने टोयोटा शोरूम के संचालक से बीते तीन वर्षों के दौरान बेची गई फॉर्च्यूनर और उससे महंगी गाड़ियों का ब्योरा मांगा है। साथ ही दोनों सीरीज के नंबरों वाली गाड़ियों की जानकारी भी तलब की है।
ईडी के अधिकारियों को शक है कि कफ सिरप सिंडिकेट ने कई लोगों को महंगी गाड़ियां गिफ्ट की गई हैं। इसके लिए दूसरी कंपनियों के जरिये अयोध्या की कंस्ट्रक्शन कंपनी को पैसा ट्रांसफर किया गया।
सूत्रों के अनुसार गिफ्ट की गई गाड़ियों में से एक महाराष्ट्र में बुलेटप्रूफ कराने भेजी गई है। ईडी की जांच में यदि शेल कंपनियों के जरिये सिंडिकेट से पैसों के लेनदेन के सुबूत मिले तो माफिया की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं दूसरी ओर 1111 नंबर सीरीज की गाड़ियों का इस्तेमाल शुभम जायसवाल द्वारा किया जा रहा था। ये गाड़ियां किन लोगों ने खरीदी थीं और वर्तमान में इन्हें कौन इस्तेमाल कर रहा है, इसका पूरा ब्योरा भी जुटाया जा रहा है।
जल्द होगी पूछताछ: सूत्रों बताते हैं ईडी जल्द अयोध्या की कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक से पूछताछ करने की तैयारी में है। कंपनी का कामकाज और टर्नओवर भी संदेहास्पद होने की वजह से ईडी के अधिकारियों का शक गहराता जा रहा है। यह भी सामने आया है कि बीते कुछ वर्षों में माफिया द्वारा अधिकतर काले रंग की फॉर्च्यूनर गाड़ियों को अलग-अलग नामों से खरीदा गया है।