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मेट्रो रेल पर बढ़ेगी कई अरब की लागत
ऋषि मिश्र/लखनऊ
Updated Wed, 16 Oct 2013 02:25 AM IST
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मेट्रो रेल परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने जो तीन बदलाव करने को कहा था, वह बदलाव डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में कर दिए गए हैं।
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मेट्रो के साथ फीडर सर्विस देने,नि:शक्तजनों और आपदा प्रबंधन के इंतजाम और केंद्र से सभी तरह के करों आदि को मिला कर केवल 20 फीसदी की मदद लेने संबंधी बदलाव डीपीआर में किए गए हैं।
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प्रदेश सरकार ने परिवर्तनों की जानकारी केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय (एमओयूडी) को भी दे दी है। इन बदलावों की वजह से मेट्रो रेल परियोजना का बजट कई अरब रुपये बढ़ जाएगा।
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मगर इसके चलते केंद्र में मेट्रो रेल परियोजना को अनुमति मिलने में होने वाली देर काफी कम होगी। प्रदेश सरकार अब जल्द से जल्द केंद्र की सैद्धांतिक सहमति लेने की कोशिश करेगी।
मेट्रो सेल के चेयरमैन राजीव अग्रवाल ने बताया कि,26 अगस्त को एमओयूडी ने डीपीआर में इन बदलावों को करने की अपेक्षा प्रदेश सरकार से की थी।
जिसके बाद में 10 अक्तूबर को इन बदलावों की सूचना प्रमुख सचिव आवास सदाकांत ने एमओयूडी को पत्र के माध्यम से से दी है।
किए गए प्रमुख बदलाव
संशोधित डीपीआर में परियोजना में वित्तीय मदद के लिए कुल खर्च में भारत सरकार की इक्विटी सहभागिता केंद्रीय करों के साथ कुल योजना लागत की 20 फीसदी से अधिक नहीं होगी।
इससे बजट का करीब छह फीसदी अतिरिक्त बोझ प्रदेश सरकार पर बढ़ेगा। पहले केंद्रीय करों और अन्य में भी केंद्र सरकार 20 फीसदी की मदद करती थी।
परियोजना में सुरक्षा के लिए कई अहम बिंदुओं को सुझाया गया था। इनके साथ ही नि:शक्तजनों के लिए अतिरिक्त जरूरी इंतजाम और आपदा प्रबंधन के कुछ खास बिंदुओं में अतिरिक्त इंतजामों को डीपीआर में जोड़ा गया है। इसमें काफी अतिरिक्त खर्च परियोजना से जुड़ जाएगा।
परियोजना की लागत को अब फीडर बस सर्विसेज से अलग कर दिया गया है। इसकी वजह से 2 फीसदी कुल लागत बढ़ जाएगी।
पूर्व में जहां दो कॉरिडोर के लिए लागत 12,153 करोड़ रुपये थी, वह अब बढ़ कर 12, 374 करोड़ रुपये हो गई है।
परियोजना लागत बढ़ने से पूर्व में सूचित किया गया, राजस्व प्राप्ति की दर को 8.29 फीसदी को घटा कर 8.12 फीसदी कर दिया गया है।
रुपया गिरा तो एलएमआरसी उठाएगा खर्च
प्रमुख सचिव सदाकांत ने एमओयूडी को जानकारी दी है कि, भविष्य में अगर विदेशी मुद्राएं रुपये के मुकाबले मजबूत होंगी तो योजना की बजट वृद्धि का अधिभार एसपीवी एलएमआरसी की जिम्मेदारी होगा।