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मुलायम सरकार में मंत्री रहे मो. बशीर पर चलेगा गबन का मुकदमा, राज्यपाल ने दी मंजूरी

Wed, 10 Oct 2018 03:23 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 10 Oct 2018 03:23 PM IST
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corruption case to be run against mohd bashir.
मुलायम सिंह
मुलायम सरकार में मंत्री रहे चौधरी मोहम्मद बशीर पर गबन का मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो गया है। इस संबंध में प्रदेश सरकार द्वारा भेजी गई पत्रावली को राज्यपाल राम नाईक ने मंजूरी दे दी है।आगरा से विधायक रहे  मो. बशीर पर विधायक निधि से 1.42 करोड़ 29 हजार 600 रुपये के गबन का आरोप है। जांच में इसकी पुष्टि भी हो चुकी है। उनके खिलाफ इस मामले में आगरा के ही थाना ताजगंज में एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है।
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यह मामला वर्ष-2002-03 से वर्ष-2006-07 के बीच का है। मो. बशीर पर आरोप लगा था कि उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रबंधकों व अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर बिना विद्यालय भवन का निर्माण कराए ही अपनी निधि से करोड़ों रुपये अवमुक्त करा लिए थे और धन का गबन कर लिया था।
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इसकी शिकायत पर लोकायुक्त की जांच में मामला सही मिला। रिपोर्ट में मो. बशीर समेत अन्य लोगों को दोषी माना गया था। उन पर कार्रवाई की संस्तुति के साथ 26 सितंबर-2007 को रिपोर्ट शासन को भेज दी गई थी
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30 जनवरी 2008 को दर्ज करवाई थी प्राथमिकी

30 जनवरी 2008 को दर्ज करवाई गई थी प्राथमिकी
इस रिपोर्ट के आधार पर शासन के निर्देश पर 30 जनवरी-2008 को मो. बशीर समेत चार अन्य लोगों के खिलाफ आगरा के थाना ताजगंज में धारा 409, 420, 467, 468 व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिक दर्ज करा दी गई थी।

इसके बाद, उप्र सतर्कता अधिष्ठान ने भी अपनी जांच में बशीर व अन्य चार लोगों को दोषी पाते हुए नौ मई-2014 को रिपोर्ट शासन को भेज दी थी, लेकिन तत्कालीन सरकार ने यह मामला दबाए रखा। सरकार बदली तो मामला फिर सामने आया।

इस पर सरकार ने ताजगंज थाने में दर्ज प्राथिमिकी से संबंधित धाराओं में बशीर समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति लेने के लिए पत्रावली तैयार कर राज्यपाल के पास भेजी थी। राज्यपाल ने इसे मंजूरी दे दी है। इसके बाद, वर्षों से लंबित इस मामले में पूर्व मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो गया है।
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