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रेलवे के कंबलों से कोरोना वायरस का खतरा, महीने में एक बार ही होती है धुलाई

Fri, 13 Mar 2020 04:07 PM IST
ishwar ashish नीरज ‘अम्बुज’/अमर उजाला, लखनऊ
नीरज ‘अम्बुज’/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 13 Mar 2020 04:07 PM IST
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coronavirus threat because of blankets of railway
- फोटो : अमर उजाला

ट्रेन के एसी कोच में सफर करने वालों को कंबलों केे कारण कोरोना से संक्रमित होने का डर सता रहा है। इसकी आशंका जताते हुए यात्रियों ने रेलवे बोर्ड को शिकायतें भेजी हैं। साथ ही कंबलों की नियमित सफाई की मांग की है। हालांकि, रेलवे प्रशासन का दावा है कि कोरोना से बचाव को 400 बोगियों को सेनेटाइज किया गया है।

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ट्रेन की एसी बोगियों में सफर करने वालों को बेडरोल दिया जाता है। कंबल को छोड़कर लिनेन की हर बार धुलाई होती है। कंबलों की धुलाई महीने में एक बार ही होती है और हर पंद्रह दिन में इन्हें स्टेरलाइज किया जाता है।
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ऐसे में यात्रियों ने कोरोना का खतरा जताते हुए शिकायतें दर्ज कराई हैं। देवा रोड निवासी पूजा सिंह ने बताया कि पुष्पक एक्सप्रेस में सफर के दौरान उन्हें जो कंबल दिया गया था उससे बदबू आ रही थी। शिकायत करने पर कंबल बदला गया।
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ऐसी ही शिकायत पुणे जाने वाले अपूर्व दीक्षित ने की। बताया कि कंबल इस्तेमाल करने पर त्वचा पर रिएक्शन हो गया और दाने निकल आए। ऐसे समय में जब कोरोना का खतरा पूरे देश में फैला हुआ है, तब कंबलों की नियमित सफाई नहीं होने से खतरा बढ़ रहा है।
 

लाखों यात्री, सुरक्षा नदारद:

coronavirus threat because of blankets of railway
प्रतीकात्मक तस्वीर

कैग उठा चुकी है मुद्दा
एसी बोगियों में यात्रियों को दिए जाने वाले लिनेन की सफाई का मुद्दा कैग भी उठा चुकी है। इसकी रिपोर्ट में कहा गया था कि लिनेन की धुलाई हफ्तों नहीं होती और कई डिवीजन तो ऐसे हैं, जहां दो-दो साल तक लिनेन साफ नहीं किए गए।

साथ ही लिनेन को गंदी जगह पर रखा जाता है, जिससे संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि, उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन का दावा है कि  लखनऊ मंडल में लिनेन की मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में नियमित रूप से सफाई होती है।

चारबाग स्टेशन व लखनऊ जंक्शन पर कोरोना से सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। रेलवे प्रशासन की दलील है कि इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को सेनेटाइज करना बड़ी चुनौती है, पर इस ओर मंथन शुरू कर दिया गया है।

छोटी सी लापरवाही से संक्रमण की आशंका

coronavirus threat because of blankets of railway
प्रतीकात्मक तस्वीर

इस्तेमाल सैकड़ों बार धुलाई एक बार
रेल यात्रियों को दिए जाने वाले कंबल की धुलाई पहले दो महीने में होती थी। कैग के मामला उठाने पर हर माह धुलाई की जाने लगी। बावजूद इसके संक्रमण का खतरा है।

डिवीजनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी मेंबर एसएस उप्पल ने आरोप लगाया कि लखनऊ से दिल्ली व मुंबई को एसी बोगियों में बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं। ऐसे में साफ लिनेन नहीं मिलने से संक्रमण की आशंका बढ़ रही है। चूंकि, कोरोना को लेकर खतरा बढ़ा हुआ है, इसलिए रेलवे को हर इस्तेमाल के बाद कंबल की सफाई करनी चाहिए।

देखें- इन ट्रेनों में सप्लाई होता है लिनेन

coronavirus threat because of blankets of railway
प्रतीकात्मक तस्वीर

इन ट्रेनों में सप्लाई होता है लिनेन
- पूर्वोत्तर रेलवे की पुष्पक एक्सप्रेस (12533) - कृषक एक्सप्रेस (15008/15007) - चंडीगढ़ एक्सप्रेस (15011) -लखनऊ भोपाल गरीब रथ (12593)  - लखनऊ रायपुर गरीब रथ (12535) - काठगोदाम एक्सप्रेस (15043) व लखनऊ छपरा एक्सप्रेस (15054) - उत्तर रेलवे लखनऊ चंडीगढ़ एक्सप्रेस(12231) - एसी एक्सप्रेस (12429) - गोमती एक्सप्रेस(12419)।

उत्तर रेलवे में लिनेन की धुलाई मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में होती है। कंबलों की धुलाई हर महीने की जाती है। एहतियातन 400 बोगियों को सेनेटाइज किया गया है। यात्रियों की शिकायत पर दूसरे कंबल उपलब्ध कराए जाते हैं। - संजय त्रिपाठी, डीआरएम, उत्तर रेलवे

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